पूर्वोत्तर के सर्वागीण विकास से हासिल होगा आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य:प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के सर्वागीण विकास से ‘आत्मनिर्भर भारत’ का लक्ष्य हासिल होगा। शिवसागर के जेरेंगा पोथार में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय से लेकर केंद्र की वर्तमान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार असम और
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पूर्वोत्तर के सर्वागीण विकास से हासिल होगा आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य:प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के सर्वागीण विकास से ‘आत्मनिर्भर भारत’ का लक्ष्य हासिल होगा। शिवसागर के जेरेंगा पोथार में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय से लेकर केंद्र की वर्तमान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के विकास को शीर्ष प्राथमिकता दे रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बात चाहे मूलभूत सुविधाओं की हो, संचार व यातायात व्यवस्था की हो, या स्वास्थ्य, शिक्षा एवं रोजगार सृजन की हो – हर क्षेत्र में केंद्र व राज्य की डबल इंजन वाली सरकारें असम के सर्वागीण विकास को आगे बढ़ा रही हैं।

जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के विकास के लिए तथा वहां सड़क, रेल, हवाई यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं इनके विस्तार के लिए सरकार ने कई आधुनिक परियोजनाएं शुरू की हैं। ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इन बहु-आयामी वाटर कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स में बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और म्यांमार भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि असम ‘आत्मनिर्भर भारत’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां 11,000 किमी सड़क और कई महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण किया गया है। ‘आत्मनिर्भर असम’ का रास्ता राज्य की जनता के ‘आत्मविश्वास’ से ही होकर गुजरता है।

ऐतिहासिक शिवसागर जिले में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करने के दौरान प्रधानमंत्री ने 1,06,940 भूमिहीन लोगों को ‘पट्टा’ (भूमि आवंटन परमिट) वितरित करने संबंधी असम सरकार के वृहत कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि असम की लगभग 70 जनजातियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गई है। असम की भाजपा सरकार ने उनके त्वरित विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनसे न सिर्फ लोगों के लिए एक सम्मान भरी जिंदगी सुनिश्चित होगी, बल्कि असम की अनूठी संस्कृति की रक्षा भी होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम के लोगों का प्यार मुझे यहां बार-बार ले आता है। विगत कुछ वर्षो में मुझे इस प्रदेश के कई हिस्सों का भ्रमण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षो से राज्य में गैस व तेल आधारित आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए 40,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।गौरतलब है कि इस वर्ष अप्रैल-मई में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुड्डुचेरी और असम में भी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। मोदी की आज की जनसभा को पहली बड़ी चुनावी रैली कहा जा सकता है।

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मोदी ने कहा कि जब 2016 में मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार सत्ता में आई तो उस समय छह लाख से भी अधिक परिवारों के पास उनकी अपनी जमीन पर कानूनी अधिकार नहीं था। विगत चार वर्षो में दो लाख से भी अधिक ऐसे परिवारों को पट्टा दे दिया गया है। इस सूची में आज एक लाख से अधिक परिवारों को जोड़ा गया। सरकार ने लोगों के अधिकारों की रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी की है।

स्थानीय लोगों को उनके अधिकारों से वंचित रखने के लिए पूर्ववर्ती सरकार की आलोचना करते हुए मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा-नीत सरकार लोगों की जमीन बचाने, भाषा और पारंपरिक संस्कृति की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कोलकाता के लिए रवाना होने से पहले मोदी ने ट्वीट किया कि राज्य की ऊर्जावान जनता की आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से हम असम के विकास के लिए काम कर रहे हैं। जनसभा को मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और वित्त व स्वास्थ्य मंत्री हेमंत विश्वशर्मा ने भी संबोधित किया। (आईएएनएस)