जानिए क्या है मध्य प्रदेश में “पाठशाला की पौधशाला” योजना ?

मध्य प्रदेश के स्कूली बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागृति लाने और पौधारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए वन विभाग माध्यमिक स्तर के विद्यालयों में ‘पाठशाला की पौधशाला’ योजना की शुरुआत करने जा रहा है। सूात्रों का कहना है कि बच्चे पौधे के महत्व को जान सकें साथ ही परिस्थितिकीय में अपनी भूमिका को भी
 | 
जानिए क्या है मध्य प्रदेश में “पाठशाला की पौधशाला” योजना ?

मध्य प्रदेश के स्कूली बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागृति लाने और पौधारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए वन विभाग माध्यमिक स्तर के विद्यालयों में ‘पाठशाला की पौधशाला’ योजना की शुरुआत करने जा रहा है।

सूात्रों का कहना है कि बच्चे पौधे के महत्व को जान सकें साथ ही परिस्थितिकीय में अपनी भूमिका को भी बेहतर तरीके से समझें, इसकी जरुरत वर्तमान समय में महसूस की जा रही है। इसके लिए जरुरी है कि बच्चे ही पौधे रोपित करें और उसकी देखरेख करें, इसी बात को ध्यान में रखकर नई योजना पर अमल किए जाने की तैयारी है।

वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने बताया है कि वन विभाग द्वारा प्रदेश के 28 जिलों के 35 शासकीय माध्यमिक विद्यालयों में ‘पाठशाला की पौधशाला’ योजना का क्रियान्वयन इस वर्ष से प्रारंभ किया जा रहा है। युवा पीढ़ी में पौध-रोपण के प्रति जागरूकता लाने के मकसद से यह योजना शुरू की जा रही है। इससे विद्यार्थियों में पौधों के महत्व एवं परिस्थितिकीय में उनकी भूमिका के प्रति समझ विकसित होगी।

यह भी पढ़ें – 2000 से अब तक 8% अमेज़न जंगल हो गया है नष्ट

वनमंत्री शाह ने बताया कि आगामी चार वर्षों में इस योजना का विस्तार करते हुए अन्य विद्यालयों को भी शामिल किया जाएगा। इस योजना में पौध-शाला स्थापना और इससे संबंधित कार्यों के लिये विद्यालयों को उपकरण और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिये सहायता दी जायेगी।

इस योजना के तहत संबंधित विद्यालयों में पौधशाला में पौधे तैयार किए जायेंगे। पौधों की सतत देखभाल करने के बाद यह पौधा योजना में शामिल विद्यार्थियों को वर्ष के अंत में दे दिया जायेगा। रोपणियों में तैयार पौधे स्थल उपलब्धता के आधार पर विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय प्रांगण, सामुदायिक स्थल या अपने निवास पर रोपित किये जा सकेंगे।

वन मंत्री कुंवर शाह ने बताया कि राज्य तथा केन्द्रीय बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त शासकीय माध्यमिक विद्यालय के लिये प्रारंभ इस योजना में कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यार्थी रोपणी में पौधों को तैयार कर उनके रोपण की प्रक्रिया को पूरा करेंगे। (आईएएनएस)