“रचनाकार जिम्मेदार बनें पर सेल्फ-सेंसरशिप से कहानी को सीमित ना करें”

अभिनेता इकबाल खान का कहना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म तरह-तरह की कहानियों और इन्हें लेकर एक्सपेरिमेंट करने की एक जगह है। इन्हें बनाने के दौरान रचनाकारों को जिम्मेदार रवैया अपनाना तो चाहिए, लेकिन सेल्फ-सेंसरशिप से कहानी बताने के ढंग को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। आखिरी बार वेब सीरीज ‘क्रैकडाउन’ में नजर आए इकबाल फिलहाल
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“रचनाकार जिम्मेदार बनें पर सेल्फ-सेंसरशिप से कहानी को सीमित ना करें”

अभिनेता इकबाल खान का कहना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म तरह-तरह की कहानियों और इन्हें लेकर एक्सपेरिमेंट करने की एक जगह है। इन्हें बनाने के दौरान रचनाकारों को जिम्मेदार रवैया अपनाना तो चाहिए, लेकिन सेल्फ-सेंसरशिप से कहानी बताने के ढंग को सीमित नहीं किया जाना चाहिए।

आखिरी बार वेब सीरीज ‘क्रैकडाउन’ में नजर आए इकबाल फिलहाल खूबसूरत वादियों में अपनी आगामी सीरीज के लिए शूटिंग कर रहे हैं।

इकबाल कहते हैं, “ओटीटी कहानियों को मोबाइल और लैपटॉप तक लेकर आए हैं, जिनका आनंद कहीं भी और कभी भी लिया जा सकता है। मेरा मानना है कि वक्त के साथ इन प्लेटफॉर्मों के बीच सामंजस्य बैठेगा। प्लेटफॉर्म के अनुरूप कंटेंट को कस्टमाइज्ड किया जा सकता है।

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चूंकि अभी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सेल्फ-सेंसरशिप के होने पर विचार किया जा रहा है, जिसके तहत जिम्मेदार रचनाकारों द्वारा जारी विषय सामग्रियों का संज्ञान लिया जाएगा। हालांकि मेरा मानना है कि इस तरह के सेंसरशिप की कीमत रचनात्मक स्वतंत्रता को नहीं चुकानी चाहिए।” (आईएएनएस)