आईएसएल के 11 में से 7 क्लबों का सट्टेबाजी कंपनियों से ‘नाता’

प्रायोजक के रूप में कई फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म का भारतीय क्रिकेट, खासकर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में प्रवेश करने के बाद, ऑनलाइन सट्टेबाजी कंपनियों ने अब भारतीय फुटबाल में भी अपनी पैठ जमा ली है क्योंकि इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में 11 क्लबों में से सात क्लबों का प्रायोजक के रूप में इन कंपनियों के
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आईएसएल के 11 में से 7 क्लबों का सट्टेबाजी कंपनियों से ‘नाता’

प्रायोजक के रूप में कई फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म का भारतीय क्रिकेट, खासकर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में प्रवेश करने के बाद, ऑनलाइन सट्टेबाजी कंपनियों ने अब भारतीय फुटबाल में भी अपनी पैठ जमा ली है क्योंकि इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में 11 क्लबों में से सात क्लबों का प्रायोजक के रूप में इन कंपनियों के साथ करार है।

ये सट्टेबाजी कंपनियां खिलाड़ियों की जर्सी पर अपना वास्तविक नाम नहीं इस्तेमाल करती है लेकिन लोगो और जर्सी पर इन समाचार संस्था द्वारा उपयोग किए जाने वाले फोंट उनकी मूल कंपनियों, यानी सट्टेबाजी कंपनियों के समान ही हैं। दाफान्यूज, परीमैच न्यूज, सबोटोप डॉट नेट और इंडिन्यूज- वे कंपनिया हैं, जिनका कि आईएसएल में 11 में सात क्लबों के साथ प्रायोजक के रूप में करार है। ये सात क्लब- नॉर्थईस्ट युनाइटेड, केरला ब्लास्टर्स, चेन्नयइन एफसी, मुम्बई सिटी एफसी, एटीके मोहन बागान, एफसी गोवा और बेंगलुरु एफसी है।

सट्टेबाजी के लिंक

दाफान्यूज का बेंगलुरु एफसी, चेन्नइयन एफसी और मुम्बई सिटी एफसी के प्रायोजक के रूप में करार है, जोकि सिटी फुटबाल ग्रुप की स्वामित्व वाली क्लबों के वैश्विक सीरीज का हिस्सा हैं। दाफान्यूज वेबसाइट पर दाफाबेट के कई लिंक हैं, जो एक सट्टेबाजी कंपनी है जो फिलीपींस में स्थित है।

परीमैच न्यूज का लोगो, अपने नाम के साथ, साइप्रस स्थित एक अंतर्राष्ट्रीय खेल सट्टेबाजी कंपनी है। नॉर्थईस्ट युनाइटेड और केरला ब्लास्टर्स का इससे संबंध है जबकि नॉर्थईस्ट परीमैच न्यूज को ‘मुख्य प्रायोजक’ मानता है। केरला ब्लास्टर्स ने इसे एसोसिएट प्रायोजक के रूप में सूचीबद्ध किया है और इसका लोगो टीम की जर्सी की दाहिनी ओर चित्रित किया गया है।

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आईएसएल सीजन के शुरू होने से पहले तक सबोटोप डॉट नेट-एटीके मोहन बागान का मुख्य प्रायोजक था और क्लब की जर्सी पर इसके वेबसाइट का नाम था।

सबोटोप और सबोटोप डॉट नेट, दोनों एक ही लोगो साझा करते हैं, लेकिन जब सबोटोप डॉट नेट खुद को एक वेबसाइट बताता है, जो ‘ क्रिकेट और फुटबॉल के साथ ही अन्य शीर्ष खेल आयोजनों में कवरेज और सामग्री का व्यापक दायरा प्रदान करता है। यह एक सेल्टन मैक्स द्वारा संचालित सट्टेबाजी वेबसाइट है।

इंडिन्यूज एक इंडिबेट कंपनी है और यह क्रिकेट आधारित सट्टेबाजी को बढ़ावा देता है और खुद को कुराकाओ गेमिंग लाइसेंस द्वारा मान्यता प्राप्त मानता है। इंडिबेट सीपीएल में सेंट लुसिया और आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब टीम का प्रायोजक है। आईएसएल 2019-20 में इंडिन्यूज का लोगो एफसी गोवा की जर्सी पर देखने को मिला था।

ऑनलाइन स्पोटर्स सट्टेबाजी पर प्रतिबंध

भारत में सिक्किम को छोड़कर सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑनलाइन स्पोटर्स सट्टेबाजी पर प्रतिबंध है। लेकिन ऑनलाइन सट्टेबाजी के विषय पर कानूनों में बहुत कम स्पष्टता है और अपराधियों के लिए ना के बराबर जुर्माना है। हालांकि सरोगेट या भ्रामक विज्ञापन पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 द्वारा निर्दिष्ट दिशानिर्देशों के तहत प्रतिबंध लगाया गया है।

इस बारे में पूछे जाने पर, बेंगलुरू एफसी के मालिक पार्थ जिंदल ने आईएएनएस से कहा कि क्लब को लीग के मालिकों और प्रसारणकर्ता से इस तथ्य के आधार पर मंजूरी मिली है कि दाफान्यूज एक न्यूज पोर्टल है और सट्टेबाजी वेबसाइट नहीं है।

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पिछले सीजन में बेंगलुरु एफसी से जुड़ा था और उसका यह दूसरा सीजन है। चूंकि यह एक न्यूज पोर्टल है और लीग ने चेक किया था तथा इसकी स्वीकृति के लिए आईएमजी-रिलायंस और स्टार स्पोर्ट्स टीम के पास गया। स्टार और आईएमजी-रिलायंस का साफ कहना है कि यह एक न्यूज पोर्टल है जो टीमों को प्रायोजित कर रहा है। सौदे को अंतिम रूप देने से पहले हम आवश्यक प्रक्रिया से गुजरे थे।

इस बारे में अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) का कहना है कि टीमों द्वारा इन वेबसाइटों को प्रायोजक के रूप में अपने साथ जोड़ने से उन्हें कोई समस्या नहीं है।

एआईएफएफ के महासचिव कुशल दास ने आईएएनएस से कहा, “किसी भी संदेह पर क्लब हमसे संपर्क करते हैं। हमने पाया है कि इन प्रायोजकों के साथ कुछ गलत नहीं है।” (आईएएनएस)