‘वरिष्ठ नागरिकों को लगता है, आर्थिक मुद्दे देश के लिए प्रमुख चिंता’

देश के अधिकांश वरिष्ठ नागरिकों का मानना है कि अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति उन सबसे बड़े मुद्दों में शामिल है, जिनका भारत को तुरंत समाधान करने की जरूरत है। मैक्स समूह इकाई अंतरा द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक, दूसरी शीर्ष चिंता बेरोजगारी है। इसके अलावा, कोरोनावायरस संक्रमण और सामाजिक अलगाव का डर लॉकडाउन
 | 
‘वरिष्ठ नागरिकों को लगता है, आर्थिक मुद्दे देश के लिए प्रमुख चिंता’

देश के अधिकांश वरिष्ठ नागरिकों का मानना है कि अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति उन सबसे बड़े मुद्दों में शामिल है, जिनका भारत को तुरंत समाधान करने की जरूरत है। मैक्स समूह इकाई अंतरा द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक, दूसरी शीर्ष चिंता बेरोजगारी है। इसके अलावा, कोरोनावायरस संक्रमण और सामाजिक अलगाव का डर लॉकडाउन के दौरान वरिष्ठ नागरिकों के लिए दो बड़ी चिंताएं थीं।

यह भी पढ़ें : झांसी का Strawberry festival लाएगा किसानों के लिए मुनाफा

सर्वे में आधे से ज्यादा बुजुर्गो ने कहा कि भारत ने कोविड-19 महामारी को संभालने की पूरी कोशिश की है। दुनिया भर में एक स्थापित और स्वीकार्य उद्योग होने के बावजूद, वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल सेवाएं अभी भी भारत में एक प्रारंभिक चरण में हैं। अंतरा के एमडी और सीईओ रजित मेहता ने कहा, उनकी (वरिष्ठ भारतीयों) की जरूरतें और आकांक्षाएं काफी आगे आ गई हैं। वे अब अर्थव्यवस्था में सक्रिय योगदानकर्ता बनना चाहते हैं, गरिमा के साथ जीवन व्यतीत करना चाहते हैं। (आईएएनएस)