Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

2020 रहा सबसे अब तक गर्म साल : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने इस बात का खुलासा किया है कि कोविड-19 के प्रकोप से प्रभावित साल 2020 सबसे अधिक गर्म साल भी रहा। इसने साल 2016 के रिकॉर्ड को एक डिग्री के दसवें हिस्से की अधिकता के साथ तोड़ दिया है। हालांकि इसकी कई सारी वजहें भी हैं, जिनमें से एक है ऑस्ट्रेलिया,

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने इस बात का खुलासा किया है कि कोविड-19 के प्रकोप से प्रभावित साल 2020 सबसे अधिक गर्म साल भी रहा। इसने साल 2016 के रिकॉर्ड को एक डिग्री के दसवें हिस्से की अधिकता के साथ तोड़ दिया है। हालांकि इसकी कई सारी वजहें भी हैं, जिनमें से एक है ऑस्ट्रेलिया, साइबेरिया और अमेरिकी वेस्ट कोस्ट के जंगलों में लगी भीषण आग और भीषण चक्रवाती अटलांटिक तूफान के दौरान इस आग के जलने का समय भी काफी लंबा रहा।

अमेरिका में NASA के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में एक शोध मौसम विज्ञानी लेस्ली ओट ने कहा, “अब तक हमने जलवायु परिवर्तन के जिन गंभीर प्रभावों की भविष्यवाणी की है, यह साल उसी का एक उदाहरण रहा है।” हालांकि इसके लिए सिर्फ जंगलों में लगी आग को ही दोषी ठहराया जाना उचित नहीं है बल्कि मानव निर्मित ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जन भी धरती को गर्म करने के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है।


न्यूयॉर्क सिटी में NASA के गोडार्ड इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस स्टडीज (जीआईएसएस) के निदेशक और जलवायु वैज्ञानिक गेविन श्मिट ने कहा, “धरती की सामान्य प्रक्रियाएं यही है कि इंसानी गतिविधियों द्वारा उत्सर्जित कार्बन-डाई-ऑक्साइड का शोषण कर लिया जाए, लेकिन हम जिस अधिक मात्रा में पर्यावरण में कार्बन डाई ऑक्साइड को छोड़ रहे हैं, उस पर काबू पाना अब पेड़-पौधों व समंदर के वश में नहीं हो पा रहा है।”

यह भी पढ़ें : शोध के क्षेत्र में यूपी के विश्वविद्यालयों ने रचा इतिहास

जलवायु विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है कि धरती गर्म हो रही है । (Pixabay )

CO2 का स्तर

NASA के मुताबिक, आज से करीब 250 साल पहले हुई औद्योगिक क्रांति के बाद से कार्बन डाई ऑक्साइड का स्तर करीब-करीब 50 फीसदी तक बढ़ गया है। वातावरण में मीथेन की मात्रा दोगुनी से अधिक हो गई है। नतीजतन इस दौरान धरती एक डिग्री सेल्सियस और ज्यादा गर्म हो गई है।

जलवायु विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है कि चूंकि धरती गर्म हो रही है, ऐसे में गर्म हवा के थपेड़ों और सूखे में और इजाफा हो सकता है, जंगलों में आग लगने की संख्याओं में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है, साल में औसत से अधिक गंभीर तूफानों के आने की आशंका भी बनी हुई है। (आईएएनएस )

Popular

चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्री आरटीपीसीआर टेस्ट के ज़्यादा दाम से परेशान दिखे। (Pixabay)

भारत सरकार की कंपनी, 'हिंडलैब्स'(Hindlabs) जो एक 'मिनी रत्न'(Mini Ratna) है, प्रति यात्री 3,400 रुपये चार्ज कर रही है और रिपोर्ट देने में लंबा समय ले रही है।

चेन्नई के एक ट्रैवल एजेंट और दुबई के लिए लगातार उड़ान भरने वाले सुरजीत शिवानंदन ने एक समाचार एजेंसी को बताया, "मेरे जैसे लोगों के लिए जो काम के उद्देश्य से दुबई की यात्रा करते हैं, यह इतना मुश्किल नहीं है और खर्च कर सकता है, लेकिन मैंने कई सामान्य मजदूरों को देखा है जो पैसे की व्यवस्था के लिए स्तंभ से पोस्ट तक चलने वाले वेतन के रूप में एक छोटा सा पैसा।"

Keep Reading Show less

यह वे लोग हैं जिन्होंने ने उत्कृष्टता का एक नया उदाहरण पेश कर खड़ा लिया एक विशिष्ट संसथान। (IANS)

जब द्वितीय विश्व युद्ध(World War-2) समाप्त हो रहा था, तब लोगों के एक समूह ने भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी सॉफ्ट पावर - आईआईटी(IIT) प्रणाली की स्थायी इमारत की नींव रखी।

इसमें तीन व्यक्ति शामिल थे जिन्होंने वायसराय की कार्यकारी परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया। इनमें जो लोग शामिल थे उनमें नलिनी रंजन सरकार, देशबंधु चित्तरंजन दास की अनुचर और 1933 फिक्की(FICCI) की अध्यक्ष, आईसीएस अधिकारी से टाटा स्टील के कार्यकारी अधिकारी बने अर्देशिर दलाल, जो भारत के विभाजन के अपने कट्टर विरोध के लिए बेहतर जाने जाते हैं, और सर जोगेंद्र सिंह, एक संपादक, लेखक और पटियाला के पूर्व प्रधान मंत्री, जिन्होंने पंजाब में मशीनीकृत खेती की शुरूआत की।

बॉम्बे प्लान के लेखक, भारत के आर्थिक विकास के लिए विजन दस्तावेज उद्योगपति जे.आर.डी. टाटा(JRD Tata), जीडी बिड़ला(GD Birla) और सर पुरुषोत्तमदास ठाकुरदास(Sir Purushottamdas Thakurdas), सर अर्देशिर(Sir Ardeshir), वायसराय की कार्यकारी परिषद के योजना और विकास के सदस्य के रूप में, अमेरिकी सरकार को भारतीय वैज्ञानिकों को डॉक्टरेट फेलोशिप की पेशकश करने के लिए राजी किया ताकि वे नए स्थापित वैज्ञानिक परिषद और औद्योगिक अनुसंधान (सीएसआईआर) का नेतृत्व करने के लिए पर्याप्त योग्यता प्राप्त कर सकें।

हालांकि, सर अर्देशिर ने जल्द ही महसूस किया कि अमेरिकी सरकार के साथ यह व्यवस्था केवल एक अल्पकालिक समाधान हो सकती है और उभरते हुए नए भारत को ऐसे संस्थानों की आवश्यकता है जो योग्य वैज्ञानिक और तकनीकी जनशक्ति के लिए नर्सरी बन सकें।

Keep Reading Show less

टि्वटर ने सस्पेंड किए कई अकाउंट। (Wikimedia Commons)

नए नियमों की घोषणा भारतीय मूल के पराग अग्रवाल(Parag Aggarwal) द्वारा सह-संस्थापक जैक डोर्सी(jack dorsey) से ट्विटर के सीईओ(CEO) के रूप में पदभार संभालने के ठीक एक दिन बाद की गई थी। लेकिन चरमपंथी समूहों ने नई निजी मीडिया नीति का फायदा उठाना शुरू कर दिया था। जिसकी वजह से ट्विटर(Twitter) ने चरमपंथी विरोधी शोधकर्ताओं के कई खातों को निलंबित कर दिया है। इसकी जानकारी मीडिया रिपोर्ट ने दी।


Keep reading... Show less