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दुनिया

महामारी के दौरान नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा : एशियाई अमरिकी

प्यूरिसर्च सेंटर के सर्वेक्षण के मुताबिक, 31 प्रतिशत एशियाई अमेरिकियों ने कहा कि उन्होंने महामारी के दौरान नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा था या

अमेरिका (America) में ‘एएपीआई नफरत बंद करो’ नामक गैर-लाभकारी संगठन, जो एशिया-प्रशांत (Asia-pacific) मूल के लोगों के प्रति भेदभाव का विरोध करने को प्रतिबद्ध है, ने 16 मार्च को एक रिपोर्ट जारी की।


रिपोर्ट में कहा गया है कि नवीनतम आंकड़ों से पता चला कि 19 मार्च, 2020 से 28 फरवरी, 2021 तक इस संगठन को समूचे अमेरिका में एशियाई-प्रशांत (Asian-pacific) मूल के लोगों के खिलाफ कुल 3795 घृणित अपराध के मामले मिले, जिनमें 68.1 प्रतिशत के पीड़ितों को मौखिक रूप से परेशान किया गया था, जबकि 11.1 प्रतिशत पीड़ितों पर शारीरिक हमला किया गया था।

इन घृणित मामलों में चीनी (China) मूल के लोगों के खिलाफ मामले सबसे ज्यादा थे, जो 42.2 प्रतिशत था, इसके बाद दक्षिण कोरिया (South korea), वियतनाम (Vietnam) और फिलिफींस (Philippines) मूल के लोगों से संबंधी मामले हैं, जो क्रमश: 14.8 प्रतिशत, 8.5 प्रतिशत और 7.9 प्रतिशत था।

रिपोर्ट से पता चलता है कि उद्यमों में 35.4 प्रतिशत नफरत की घटनाएं हुईं | (IANS)​​​​​​

रिपोर्ट से पता चलता है कि उद्यमों में 35.4 प्रतिशत नफरत की घटनाएं हुईं, उसके बाद सार्वजनिक सड़कों (25.3 प्रतिशत) और पार्को (9.8 प्रतिशत) में हुईं। एशिया-प्रशांत की महिलाओं को पुरुषों की तुलना में 2.3 गुणा घृणित घटनाओं का सामना करना पड़ा।

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रिपोर्ट में कहा गया कि प्यूरिसर्च सेंटर के सर्वेक्षण के मुताबिक, 31 प्रतिशत एशियाई अमेरिकियों (Asian-americans) ने कहा कि उन्होंने महामारी (Pandemic) के दौरान नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा था या नस्लवाद के साथ मजाक किया गया था। संगठन ने दोहराया कि रिपोर्ट में पेश आंकड़ा घृणित मामलों की वास्तविक संख्या का केवल एक छोटा-सा हिस्सा है।(आईएएनएस-SM)

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रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है। (Pixabay)

एप्पल (Apple) कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस, एक आईफोन, एयरपोड्स और वॉच को पावर दे सकता है।

मैकरियूमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'पावर ऑन' न्यूजलेटर के लेटेस्ट एडीशन में मार्क गुरमन ने कंपनी की भविष्य की वायरलेस चाजिर्ंग तकनीक के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी का खुलासा किया।

उन्होंने लिखा, "मेरा यह भी मानना है कि एप्पल (Apple) छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है और यह एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां एप्पल के सभी प्रमुख उपकरण एक-दूसरे को चार्ज कर सकते हैं। कल्पना कीजिए कि एक आईपैड एक आईफोन चार्ज कर रहा है और फिर वह आईफोन एयरपोड्स या एक एप्पल घड़ी चार्ज कर रहा है।"

apple , wireless charger, Iphone, iPod Chargers एप्पल कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस को पावर दे सकता है। [Wikimedia Commons]

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झारखंड के नोआमुंडी में खदान की कमान महिलाओं के हाथ में सौंपेगी टाटा स्टील कंपनी। [Wikimedia Commons]

टाटा स्टील (Tata Steel) कंपनी झारखंड में लौह अयस्क की एक खदान की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथ में होगी। फावड़ा से लेकर ड्रिलिंग तक और डंपर चलाने से लेकर डोजर-शॉवेल जैसी हेवी मशीनों का संचालन कुशल महिला कामगारों के द्वारा किया जाएगा। नये साल यानी 2022 में पश्चिम सिंहभूम जिले की नोआमुंडी आयरन ओर माइन्स को पूरी तरह महिलाओं के हाथ में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। ऐसा प्रयोग देश में पहली बार हो रहा है।

टाटा स्टील (Tata Steel) के आयरन ओर एंड क्वेरीज डिविजन के महाप्रबंधक ए. के. भटनागर ने पत्रकारों को बताया कि नोआमुंडी स्थित कंपनी की आयरन ओर माइन्स में सभी शिफ्टों के लिए 30 सदस्यों वाली महिलाओं की टीम की तैनाती की जा रही है। खदान को स्वतंत्र रूप से महिलाओं के हाथों संचालित करने का यह टास्क कंपनी ने महिला सशक्तीकरण की परियोजना तेजस्विनी-2.0 के तहत लिया था और अब इसे सफलतापूर्वक लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

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इस साल देश में हिरासत में कुल 151 मौतें हुई हैं। (सांकेतिक चित्र, File Photo )

इस साल देश में हिरासत(police custody)में कुल 151 मौतें हुई हैं। केंद्र ने लोकसभा(Loksabha) में मंगलवार को यह जानकारी दी। बीजेपी सांसद वरुण गांधी के सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय(Nityanand Rai)ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के मुताबिक 15 नवंबर तक पुलिस हिरासत में मौत के 151 मामले दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत(police custody) में सबसे अधिक (26) मौतें हुईं हैं, उसके बाद गुजरात (21) और बिहार (18) का स्थान रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में 11-11 लोगों की मौत की खबर है।

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