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देश

हरिद्वार में 4 अवैध धार्मिक ढांचे 2021 मई तक हटाए जाएं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में उत्तराखंड सरकार को हरिद्वार में सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से बनी 4 धार्मिक संरचनाओं को हटाने के लिए 31 मई, 2021 तक का समय दिया है।

भारत का सुप्रीम कोर्ट । (Wikimedia commons)

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपने एक फैसले में उत्तराखंड सरकार को हरिद्वार में सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से बनी 4 धार्मिक संरचनाओं को हटाने के लिए 31 मई, 2021 तक का समय दिया है। राज्य सरकार द्वारा दायर याचिका पर कार्रवाई करते हुए न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने इन संरचनाओं को नष्ट करने के खिलाफ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा किए गए आवेदन पर विचार करने से इनकार कर दिया है। साथ ही पीठ ने कहा है कि ये संरचनाएं अनाधिकृत हैं, क्योंकि इनका निर्माण बिना अनुमति के किया गया था।

परिषद के वकील के यह कहने पर कि इनका निर्माण सिंचाई विभाग की भूमि पर किया गया है, तो पीठ ने पूछा कि अस्थायी रूप से आवंटित भूमि पर स्थायी स्ट्रक्चर कैसे बना सकते हैं।अंत में शीर्ष अदालत ने कहा, “हमारा मानना है कि राज्य को 31 मई, 2021 तक का समय अवैध संरचनाओं को हटाने के लिए देना चाहिए।”


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राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि राज्य इन संरचनाओं को नष्ट करने के खिलाफ नहीं था। साथ ही कहा कि हरिद्वार में सभी अवैध ढांचों को हटाने में समय लगेगा, क्योंकि उनमें से कई का उपयोग अगले साल की शुरुआत में होने वाले कुंभ मेले की मेजबानी में होना है।

हाईकोर्ट ने इस मामले पर राज्य सरकार को 23 मार्च तक सार्वजनिक जमीन से सभी मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और चचरें को खाली करने का निर्देश दिया था। तभी से ही राज्य सरकार यह तर्क दे रही थी कि उसने हरिद्वार को छोड़कर अन्य अतिक्रमण की गई सार्वजनिक भूमि से सभी धार्मिक ढांचे हटावा दिए थे। (आईएएनएस)

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रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है। (Pixabay)

एप्पल (Apple) कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस, एक आईफोन, एयरपोड्स और वॉच को पावर दे सकता है।

मैकरियूमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'पावर ऑन' न्यूजलेटर के लेटेस्ट एडीशन में मार्क गुरमन ने कंपनी की भविष्य की वायरलेस चाजिर्ंग तकनीक के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी का खुलासा किया।

उन्होंने लिखा, "मेरा यह भी मानना है कि एप्पल (Apple) छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है और यह एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां एप्पल के सभी प्रमुख उपकरण एक-दूसरे को चार्ज कर सकते हैं। कल्पना कीजिए कि एक आईपैड एक आईफोन चार्ज कर रहा है और फिर वह आईफोन एयरपोड्स या एक एप्पल घड़ी चार्ज कर रहा है।"

apple , wireless charger, Iphone, iPod Chargers एप्पल कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस को पावर दे सकता है। [Wikimedia Commons]

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झारखंड के नोआमुंडी में खदान की कमान महिलाओं के हाथ में सौंपेगी टाटा स्टील कंपनी। [Wikimedia Commons]

टाटा स्टील (Tata Steel) कंपनी झारखंड में लौह अयस्क की एक खदान की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथ में होगी। फावड़ा से लेकर ड्रिलिंग तक और डंपर चलाने से लेकर डोजर-शॉवेल जैसी हेवी मशीनों का संचालन कुशल महिला कामगारों के द्वारा किया जाएगा। नये साल यानी 2022 में पश्चिम सिंहभूम जिले की नोआमुंडी आयरन ओर माइन्स को पूरी तरह महिलाओं के हाथ में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। ऐसा प्रयोग देश में पहली बार हो रहा है।

टाटा स्टील (Tata Steel) के आयरन ओर एंड क्वेरीज डिविजन के महाप्रबंधक ए. के. भटनागर ने पत्रकारों को बताया कि नोआमुंडी स्थित कंपनी की आयरन ओर माइन्स में सभी शिफ्टों के लिए 30 सदस्यों वाली महिलाओं की टीम की तैनाती की जा रही है। खदान को स्वतंत्र रूप से महिलाओं के हाथों संचालित करने का यह टास्क कंपनी ने महिला सशक्तीकरण की परियोजना तेजस्विनी-2.0 के तहत लिया था और अब इसे सफलतापूर्वक लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

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इस साल देश में हिरासत में कुल 151 मौतें हुई हैं। (सांकेतिक चित्र, File Photo )

इस साल देश में हिरासत(police custody)में कुल 151 मौतें हुई हैं। केंद्र ने लोकसभा(Loksabha) में मंगलवार को यह जानकारी दी। बीजेपी सांसद वरुण गांधी के सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय(Nityanand Rai)ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के मुताबिक 15 नवंबर तक पुलिस हिरासत में मौत के 151 मामले दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत(police custody) में सबसे अधिक (26) मौतें हुईं हैं, उसके बाद गुजरात (21) और बिहार (18) का स्थान रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में 11-11 लोगों की मौत की खबर है।

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