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देश

80 फीसदी खिलौने होते हैं आयात, अपने लोकल खिलौनों के लिए होंगे वोकल: पीएम मोदी

खिलौनों से जुड़े सेक्टर के विकास से, ऐसी महिलाओं के साथ ही देश के दूर-दराज इलाकों में रहने वाले हमारे आदिवासी और गरीब साथियों को भी बहुत लाभ होगा।

(NewsGram Hindi)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को टॉयकेथॉन-2021 के प्रतिभागियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 5-6 वर्षों में देश के युवा हैकथॉन के मंच के माध्यम से देश की प्रमुख चुनौतियों से जुड़े हैं। इसके पीछे सोच देश की क्षमताओं को संगठित करना और उन्हें एक माध्यम देना है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा ” साहसे खलु श्री वसति। यानि साहस में ही श्री रहती है, समृद्धि रहती है। इस चुनौतीपूर्ण समय में देश के पहले टॉय-केथॉन का आयोजन इसी भावना को मजबूत करता है। इस ‘टॉय-केथॉन’ में हमारे बाल मित्रों से लेकर, युवा साथियों, टीचर्स, स्टार्ट अप्स और उद्यमियों ने भी बहुत उत्साह से हिस्सा लिया है। पहली बार ही डेढ़ हजार से ज्यादा टीमों का ग्रैंड फिनाले में शामिल होना, ये अपने आप में उज्जवल भविष्य के संकेत देता है। ये टॉय और गेम्स के मामले में आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती देता है। इसमें कुछ साथियों के बहुत अच्छे आइडियाज भी उभर कर के आगे आए हैं। अभी कुछ साथियों के साथ मुझे बातचीत करने का अवसर भी मिला। मैं इसके लिए फिर से एक बार बधाई देता हूँ।”


पीएम मोदी ने कहा, ” आज हम अपनी आवश्यकता के भी लगभग 80 प्रतिशत खिलौने विदेशों से आयात करते हैं। यानि इन पर देश का करोड़ों रुपए बाहर जा रहा है। इस स्थिति को बदलना बहुत जरूरी है। और ये सिर्फ आंकड़ों की ही बात नहीं है, बल्कि ये सेक्टर देश के उस वर्ग तक, उस हिस्से तक विकास पहुंचाने में सामथ्र्य रखता है, जहां इसकी अभी सबसे ज्यादा जरूरत है। खेल से जुड़ा जो हमारा कुटीर उद्योग है, जो हमारी कला है, जो हमारे कारीगर हैं, वो गांव, गरीब, दलित, आदिवासी समाज में बड़ी संख्या में हैं। हमारे ये साथी बहुत सीमित संसाधनों में हमारी परंपरा, हमारी संस्कृति को अपनी बेहतरीन कला से निखारकर अपने खिलौनों में ढालते रहे हैं।”

पीएम ने कहा कि इसमें भी विशेष रूप से हमारी बहनें, हमारी बेटियां बहुत बड़ी भूमिका निभा रही हैं। खिलौनों से जुड़े सेक्टर के विकास से, ऐसी महिलाओं के साथ ही देश के दूर-दराज इलाकों में रहने वाले हमारे आदिवासी और गरीब साथियों को भी बहुत लाभ होगा। लेकिन ये तभी संभव है जब, हम अपने लोकल खिलौनों के लिए वोकल होंगे, लोकल के लिए वोकल होना जरूरी है और उनको बेहतर बनाने के लिए, ग्लोबल मार्केट में कंपिटेंट बनाने के लिए हर स्तर पर प्रोत्साहन देंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।(PIB)

पीएम ने कहा कि इसके लिए इनोवेशन से लेकर फाइनेंसिंग तक नए मॉडल विकसित करना बहुत जरूरी है। सस्ता डेटा और इंटरनेट में आई तेजी, आज गांव- गांव तक देश को डिजिटली कनेक्ट कर रही है। ऐसे में फिजिकल खेल और खिलौनों के साथ-साथ वर्चुअल, डिजिटल, ऑनलाइन गेमिंग में भी भारत की संभावनाएं और सामथ्र्य, दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन जितने भी ऑनलाइन या डिजिटल गेम्स आज मार्केट में उपलब्ध हैं, उनमें से अधिकतर का कॉन्सेप्ट भारतीय नहीं है, हमारी सोच से मेल नहीं खाता है। इसलिए हमारा दायित्व है कि ऐसे वैकल्पिक कॉन्सेप्ट डिजायन हों, जिसमें भारत का मूल चिंतन, जो सम्पूर्ण मानव कल्याण से जुड़ा हुआ हो।

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पीएम मोदी ने कहा, कोशिश ये है कि देश की चुनौतियों और समाधान से हमारे नौजवान का सीधा कनेक्ट हो। जब ये कनेक्ट मजबूत होता है तो हमारी युवा शक्ति की प्रतिभा भी सामने आती है और देश को बेहतर समाधान भी मिलते हैं। देश के पहले ‘टॉय-केथॉन’ का मकसद भी यही है। मुझे याद है, मैंने खिलौनों और डिजिटल गेमिंग की दुनिया में आत्मनिर्भरता और लोकल सोल्यूशंस के लिए युवा साथियों से अपील की थी। उसका एक पॉजिटिव रिस्पॉन्स देश में देखने को मिल रहा है। हालांकि चंद लोगों को ये भी लगता है कि खिलौने ही तो हैं, इनको लेकर इतनी गंभीर चर्चा की जरूरत क्यों है। असल में ये टॉय ये गेम्स, हमारी मानसिक शक्ति, हमारी क्रिएटिविटी और हमारी अर्थव्यवस्था पर, ऐसे अनेक पहलुओं को प्रभावित करते हैं।”(आईएएनएस-SHM)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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