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देश

अमेरिकी दूतावास के सहयोग से प्रशिक्षित हुए दिल्ली के 800 शिक्षक

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी शिक्षकों के लिए टीचिंग इंगलिश टू स्टूडेंट्स ऑफ अदर लैंगवेजेज (टीईएसओएल) का कोर सर्टिफिकेट प्रोग्राम लॉन्च किया गया है। दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में यह कार्यक्रम दिल्ली सरकार और अमेरिकी दूतावास के सहयोग से शुरू किया गया है। अभी तक इसके अंतर्गत 800 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है।

 दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी शिक्षकों के लिए टीचिंग इंगलिश टू स्टूडेंट्स ऑफ अदर लैंगवेजेज (टीईएसओएल) का कोर सर्टिफिकेट प्रोग्राम लॉन्च किया गया है। दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में यह कार्यक्रम दिल्ली सरकार और अमेरिकी दूतावास के सहयोग से शुरू किया गया है। अभी तक इसके अंतर्गत 800 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के क्षेत्रीय अंग्रेजी भाषा अधिकारी रूथ गूड की मौजूदगी में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस कोर्स की शुरूआत की। इस सर्टिफिकेट प्रोग्राम का उद्देश्य दिल्ली के सरकारी स्कूलों के अंग्रेजी शिक्षकों की भाषा शिक्षण क्षमता बढ़ाकर अंग्रेजी की उत्कृष्ट पढ़ाई सुनिश्चित करना है। इस सर्टिफिकेट प्रोग्राम में 50 शिक्षकों को शामिल किया गया है।

इस दौरान डिप्टी सीएम सिसोदिया ने कहा, “शिक्षकों को अपना कौशल लगातार बढ़ाते रहना जरूरी है। हम चाहते हैं कि हमारे शिक्षक जिन चीजों को पहले से जानते हैं, उन्हें खास तरीके से करें। इस सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम से शिक्षकों को अपनी कक्षाओं में अधिक रचनात्मकता लाने में मदद मिलेगी।”


लॉन्च के दौरान भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के क्षेत्रीय अंग्रेजी भाषा अधिकारी रूथ गूड भी मौजूद थीं। उन्होंने दिल्ली सरकार के साथ अमेरिकी दूतावास के लंबे अरसे से जारी सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा, “दिल्ली सरकार के शिक्षकों के उत्कृष्ट प्रशिक्षण की दिशा में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के प्रयास सराहनीय हैं। दिल्ली सरकार के साथ हमारे संबंध काफी महत्वपूर्ण हैं। हमने अब तक लगभग 800 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया है और भविष्य में और ऐसे प्रशिक्षण जारी रखेंगे।”

यह भी पढ़ें : पीएम मोदी के दिल में है जम्मू-कश्मीर : गृह मंत्री अमित शाह

अंग्रेजी का महत्व 

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अंग्रेजी अब एक जरूरी भाषा बन चुकी है। हमारे शिक्षक अपने छात्रों को अंग्रेजी पढ़ाना जानते हैं। लेकिन हम शिक्षकों को और अधिक रचनात्मक तरीके से छात्रों को पढ़ाने में मदद करना चाहते हैं। इस पाठ्यक्रम के जरिए हम शिक्षण के नए तरीके सीखने के लिए शिक्षकों को हर तरह की सहायता एवं प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

उल्लेखनीय है कि अन्य भाषाओं के स्टूडेंट्स को अंग्रेजी पढ़ाने के लिए इस खास प्रशिक्षण की अवधि कुल 140 घंटे है। टीचिंग इंगलिश टू स्टूडेंट्स ऑफ अदर लैंगवेजेज नामक यह सर्टिफिकेट प्रोग्राम छह माह में पूरा होगा। अमेरिकी दूतावास के क्षेत्रीय अंग्रेजी भाषा कार्यालय ने 2017 से अब तक दिल्ली सरकार के स्कूलों के लगभग 800 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया है। उन्होंने मास्टर ट्रेनर भी विकसित किए हैं जो प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों को बेहतर अंग्रेजी शिक्षण का प्रशिक्षण देते हैं। (आईएएनएस)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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हरिद्वार हिंदुओं की धार्मिक नगरी है , जहा हर 12 वर्षो में कुंभ का मेला भी आयोजित होता है (wikimedia commons)

उत्तराखंड देवभूमि के नाम से विख्यात है , यहां हिंदु धर्म के कई तीर्थ स्थल हैं। उत्तराखंड राज्य के नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुछ विशेष कदम उठाये हैं। इस माह की शुरुआत में धामी सरकार ने प्रदेश में अप्रत्याशित रूप से बढ़ती मुस्लिम आबादी पर काबू करने के लिए जनसंख्या नियंत्रण नीति लाने पर हामी भरी थी। धामी सरकार से RSS से जुड़े 35 संगठनों ने यह मांग की थी। कई हिन्दूवादी संगठनों का दावा है कि उत्तराखंड के कई शहर देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल में मुस्लिम आबादी कुछ सालों में लगातार बढ़ रही है ।

हरिद्वार हिंदुओं की धार्मिक नगरी है , जहां हर 12 वर्षो में कुंभ का मेला भी आयोजित होता है यह हिंदुओ के आस्था का केंद्र रहा है। सनातन धर्म के प्रमुख केंद्रों में एक, जहां सभी मठ, अखाड़े और आध्यात्मिक केंद्र स्थित हैं। यह हिंदुओं के सबसे बड़े धार्मिक कार्यो की पवित्र भूमि है। यहां पर हिन्दू अस्थि विसर्जन से लेकर जनेऊ या उपनयन संस्कार और यंहा तक की काँवड़ यात्रा में जाने के लिए भक्त जन यंहा गंगा जल तक लेने आते हैं।

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