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दुनिया

न्यूयॉर्क में 2020 में गोलीबारी की घटना में 97 प्रतिशत वृद्धि, 16 सालों में सर्वाधिक

न्यूयॉर्क शहर में साल 2020 में कोविड-19 की मार के अलावा गोलीबारी की घटना में 97 प्रतिशत और हत्याओं में लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह जानकारी न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (एनवाईपीडी) के नवीनतम आंकड़ों से मिली। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि एनवाईपीडी ने 2020

न्यूयॉर्क शहर में साल 2020 में कोविड-19 की मार के अलावा गोलीबारी की घटना में 97 प्रतिशत और हत्याओं में लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह जानकारी न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (एनवाईपीडी) के नवीनतम आंकड़ों से मिली। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि एनवाईपीडी ने 2020 में न्यूयॉर्क के पांच नगरों में 1,531 शूटिंग की घटनाओं पर प्रतिक्रिया दी, जो 2019 के सभी की तुलना में 754 अधिक है। एनवाईपीडी डिटेक्टिव ब्यूरो ने 2020 में शहर के चारों ओर 462 हत्याओं की जांच की, जो एक साल पहले की तुलना में 143 अधिक है।

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न्यूयॉर्क डेली न्यूज ने पुलिस आयुक्त डर्मोट शीया के हवाले से कहा कि, गौरतलब है कि साल 2006 के बाद से ऐसी भयावह हिंसा नहीं हुई थी, तब 1,565 गोलीबारी दर्ज की गई थी। सूत्रों ने कहा कि आंकड़ों के अनुसार, दूसरी ओर दुष्कर्म, डकैती और मारपीट जैसे अपराधों में कमी आई है, हालांकि आंकड़ों में चोरी और कार चोरी की घटनाओं में वृद्धि दिखाई दी। कुल मिलाकर अपराध में 0.9 प्रतिशत की दर से बहुत कम कमी आई है। एनवाईपीडी के आंकड़ों के अनुसार, 27 दिसंबर तक शहर में 94,314 गुंडागर्दी के मामले दर्ज किए गए, जो पहले के मुकाबले 845 कम थे। (आईएएनएस )

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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क्रांतिकारी दुर्गावती देवी (wikimedia commons)

हिंदुस्तान की भूमि पर कई साहसी और निडर लोगों का जन्म हुआ जिन्होने भारत की आजादी में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। लेकिन दुःख की बात यह है कि इनका नाम इतिहास के पन्नों में इतनी बार दर्ज नहीं हुआ जितना होना चाहिए था। ऐसी ही एक वीरांगना का नाम है दुर्गावती देवी। इन्हें दुर्गा भाभी के नाम से भी जाना जाता है। यह उन महिलाओं में से एक थी जिन्होंने ब्रिटिश राज के खिलाफ क्रांति में भाग लिया था।

दुर्गा भाभी का जन्म 7 अक्टूबर 1907 में उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में हुआ था। इनका जन्म छोटी उम्र में ही भगवती वोहरा जी के साथ हुआ। भगवती वोहरा का परिवार लाहौर का प्रतिष्ठित परिवार था। दुर्गावती के पति भी क्रांति में पुरजोर तरीके से भाग लेना चाहते थे। लेकिन पिता के दबाव के कारण ऐसा कर नहीं पा रहे थे। पिता का देहांत होने के बाद भगवती जी ने भी क्रांति में भाग लिया था।

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