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मनोरंजन

लोग आपके काम की सराहना करने लगते हैं तो खुशी होती है: Rakul Preet Singh

रकुल प्रीत आज हिंदी फिल्म उद्योग में सबसे व्यस्त अभिनेत्रियों में से एक है। अभिनेत्री अपनी सफलता का श्रेय अपनी काबिलियत को न मानने और स्टारडम ना खोने के डरने को देती है।

बॉलीवुड अभिनेत्री रकुल प्रीत।(Wikimedia Commons)

अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह एक सेल्फमेड स्टार हैं। 2014 में फिल्म ‘यारियां’ से बॉलीवुड में अपनी शुरूआत करने वाली रकुल ने आउटसाइडर टैग को काफी अच्छे से हैंडल किया है, और वे आज हिंदी फिल्म उद्योग में सबसे व्यस्त अभिनेत्रियों में से एक है। अभिनेत्री अपनी सफलता का श्रेय अपनी काबिलियत को न मानने और स्टारडम ना खोने के डरने को देती है।

रकुल आईएएनएस को बताती है, ” आखिरकार यह तब होता है जब लोग आपके काम की सराहना करना शुरू करते हैं। ये वही है जिसके लिए आप काम करते हैं। एक मुस्कान जो आप किसी के चेहरे पर लाते हैं या जब वे आते हैं और कहते हैं कि हमें आपकी वह फिल्म पसंद आई। यह सब आपको खुशी देता है।”


उन्होंने आगे कहा, ” मैं उस तरह की व्यक्ति नहीं हूं जो डर में रहती है। मैं कुछ भी नहीं लेकर आई थी और मैं हमेशा उज्जवल पक्ष देखती हूं कि मुझे वहां मौका मिला जहां इतने सारे लोग फिल्में करना चाहते हैं। मैं अपने सपने को जी रही हूं।”

यह भी पढ़ें: मैं अब कुछ लाइटर और कॉमिक रोल करना चाहता हूं : Amit Sial

रकुल प्रीत बॉलीवुड की जानी मानी अभिनेत्रियों में से हैं, और उनके पास फिल्मों की लंबी लाइन है। वर्तमान में, वह ओटीटी फिल्म ‘सरदार का ग्रेंडसन’ की रिलीज का इंतजार कर रही है, जिसमें उनके साथ अर्जुन कपूर हैं। अमिताभ बच्चन और फिल्म के अभिनेता निर्देशक अजय देवगन के साथ उनकी ‘मायडे’ आ रही है। ‘अटैक’ में, वह जॉन अब्राहम के साथ स्क्रीन स्पेस साझा करेंगी। उसके पास अजय देवगन और सिद्धार्थ मल्होत्रा स्टारर ‘थैंक गॉड’, कमल हासन की ‘इंडियन 2’ और आयुष्मान खुराना स्टारर ‘डॉक्टर जी’ भी है।

वह कहती हैं कि दर्शकों से बहुत प्यार मिलता है और यही सोच काम करने का जज्बा देती है और मनोरंजन की उम्मीद करनी चाहिए, विभिन्न प्रकार के काम करने की कोशिश करनी चाहिए।(आईएएनएस-SHM)

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देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटें। (IANS)

राम भक्तों द्वारा दी गई और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) (Vishwa Hindu Parishad) द्वारा तीन दशक लंबे मंदिर आंदोलन के दौरान देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटों का इस्तेमाल अब राम जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण के लिए किया जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा, "1989 के 'शिलान्यास' के दौरान कारसेवकों द्वारा राम जन्मभूमि पर एक लाख पत्थर रखे गए थे। कम से कम, 2 लाख पुरानी कार्यशाला में रह गए हैं, जिन्हें अब निर्माण स्थल पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। ईंटों पर भगवान राम का नाम लिखा है और यह करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रमाण है।

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कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। (wikimedia commons)

हिंदू संगठनों की ओर से आलोचना झेल रही कर्नाटक की भाजपा सरकार नें कर्नाटक में मंदिर विध्वंस के मुद्दे पर फिलहाल राज्य विधानसभा में एक कानून पारित कर पुरे कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। सत्ताधारी पार्टी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस इन दोनों के बीच मंगलवार को तीखी बहस के बीच प्रस्तावित कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक 2021 को पारित कर दिया गया।

यह प्रस्तावित अधिनियम जिसका नाम 'कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक-2021' है, इसका मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य में धार्मिक संरचनाओं के विध्वंस को रोकना है।

यह अधिनियम में कहा गया है कि 'कर्नाटक धार्मिक संरचना संरक्षण अधिनियम -2021' के लागू होने की तारीख से, कानूनों के कानूनी प्रावधान और अदालतों, न्यायशास्त्र और अधिकारियों के आदेशों या दिशानिदेशरें के बावजूद, सरकार धार्मिक केंद्रों की रक्षा करेगी।

सार्वजनिक संपत्तियों पर बने धार्मिक केंद्रों को खाली करने, स्थानांतरित करने और ध्वस्त करने की प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा। इस अधिनियम के लागू होने और विधान परिषद में पारित होने के बाद से ही ।

इसी बीच विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कर्नाटक सरकार पर आरोप लगाया कि हिंदू जागरण वेदिक और हिंदू महासभा की आलोचना का सामना करने के बाद भाजपा यह कानून लाई है। मैसूर में मंदिर तोड़े जाने के बाद बीजेपी पुनर्निर्माण के लिए नया कानून ला रही है, यह भी आरोप लगायें हैं उन्होंने भाजपा पार्टी के खिलाफ । इसके बाद कांग्रेस के एक और विधायक और पूर्व मंत्री औरयू.टी. खादर ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि छात्र पाठ्यपुस्तकों में पढ़ने जा रहे हैं कि भाजपा ने भारत में आक्रमणकारियों की तरह मंदिरों को ध्वस्त कर दिया।

\u0915\u0930\u094d\u0928\u093e\u091f\u0915 \u0930\u093e\u091c\u094d\u092f कर्नाटक राज्य का नक्शा सांकेतिक इमेज (wikimedia commons)

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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