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संस्कृति

Shankaracharya Jayanti 2021 : जिन्होंने सनातन धर्म को पुनर्स्थापित किया था|

शंकराचार्य जी, जिन्होंने भारत के पूर्व से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया था।

शंकराचार्य जी ने अपने मूल्यवान विचारों से न केवल भारत में लोगों को अपने ज्ञान से सही मार्ग दिखाया था| (Wikimedia Commons)

आदि शंकराचार्य जी ने कहा था कि “ज्ञान ही मुक्ति का कारण है।” अर्थात अपने ज्ञान को बढ़ाकर हमें प्रगति के पथ पर चलना चाहिए। 

आज हिन्दू दार्शनिक और धर्म गुरु आदि शंकराचार्य जी की जयंती है। उनकी जयंती पर हम उन्हें कोटी – कोटी नमन करते हैं। जिस दौरान भारत भूमि पर सनातन धर्म क्षीण हो रहा था। उस समय शंकराचार्य जी ने सनातन धर्म को पुनर्स्थापित करने का बेड़ा उठाया था। वैशाख शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन जन्मे आदि शंकराचार्य जी ने हिन्दू धर्म को सफलतापूर्वक पुनर्स्थापित किया था। 


जगतगुरु आदि शंकराचार्य जी का जन्म 788 ई ० में केरल के मालाबार तट के निकट एक छोटे से गांव में हुआ था। माना जाता है कि, शंकराचार्य जी साक्षात भगवान शिव के अवतार थे, जिन्होंने मात्र 8 वर्ष की आयु में गृह त्याग दिया था और 32 वर्ष की उम्र में मोक्ष को प्राप्त कर लिया था। 

प्राचीन शंकराचार्य मंदिर (श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर)| (Wikimedia Commons)

शंकराचार्य जी को, सनातन धर्म का प्राणधार भी कहा जाता है। उन्होंने भारत के पूर्व से लेकर पश्चिम तक और  उत्तर से लेकर दक्षिण तक सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया था। 

शंकराचार्य जी जन्म से ही अलग प्रवृत्ति के थे। जो कुछ सुनते या पढ़ते थे उस मस्तिष्क में संचित कर लेते थे। शंकराचार्य जी ने सभी वेदों, उपनिषदों का ज्ञान अल्पायु में ही प्राप्त कर लिया था। समय के साथ उनका ज्ञान बढ़ता गया और उन्होंने अपने उपदेशों, रचनाओं के माध्यम से देश में अलग – अलग  मठों की स्थापना की। अपने ज्ञान से उन्होंने समाज को सही दिशा दिखाने के लिए कई धार्मिक ग्रंथ भी लिखे थे। शंकराचार्य जी ने भारत के चार कोनों पर चार मठों की स्थापना की थी। पूर्व दिशा में जगन्नाथ पूरी में गोवर्धन मठ, पश्चिम दिशा में द्वारिका में शारदा मठ  की स्थापना की थी। उत्तर दिशा में बद्रिकाश्रम में ज्योर्तिमठ की स्थापना की थी और दक्षिण में में श्रृंगेरी मठ की स्थापना की थी। देश के चार कोनों में शक्ति मठ की स्थापना करके उन्होंने सनातन धर्म के बारे में लोगों को अवगत कराया था।

यह भी पढ़ें :- Parshuram Jayanti: भगवान परशुराम के जीवन से वह सीख जिसे आज हमें सीखना चाहिए!

शंकराचार्य जी ने अपने मूल्यवान विचारों से न केवल भारत में लोगों को अपने ज्ञान से सही मार्ग दिखाया, बल्कि विश्व भर में उन्होंने सभी को हिन्दू धर्म का महत्व बताया। हिन्दू धर्म से अवगत कराया। इस वजह से उनकी जयंती को न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी धूमधाम से मनाया जाता है। 

इस प्रकार भारत राष्ट्र के एकीकरण का काम जो आदि शंकराचार्य जी ने किया था। वह अद्भुत था। उनका चमत्कार ही था कि, उनके ज्ञान और उपदेशों को आज भी सारा संसार जनता है। 

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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