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दुनिया

अफगानिस्तान के आर्थिक संकट से हो सकते हैं पडोसी देश भी प्रभावित

आईएमएफ ने चेताया कि देश में जाने वाले धन का इस्तेमाल आतंकवाद को वित्तपोषित करने और धन के शोधन के लिए किया जा सकता है।

अफगानिस्तान का आर्थिक संकट तुर्की और यूरोप जैसे पड़ोसी देशों को प्रभावित कर सकता है। [Pixabay]

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चेताया है कि अफगानिस्तान का आर्थिक संकट तुर्की और यूरोप जैसे पड़ोसी देशों को प्रभावित करने वाले शरणार्थी संकट को और बढ़ावा दे सकता है।

अफगानिस्तान एक प्रमुख व्यापारिक भागीदार है और उसके आर्थिक नुकसान से आसपास के देश भी आहत होंगे।


आईएमएफ ने यह भी चेतावनी दी कि इस साल अर्थव्यवस्था 30 प्रतिशत तक घट जाएगी जिससे लाखों लोग प्रभवित होंगे।

इस बीच पिछले महीने ताजिकिस्तान ने भी कह दिया था कि वह बड़ी संख्या में शरणार्थियों को लेने का जोखिम वह नहीं उठा सकता जब तक कि उसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता नहीं मिलती। वहीं अन्य मध्य एशियाई देशों की भी शरणार्थियों की मेजबानी करने की उनकी कोई योजना नहीं है।

रिपोर्ट में कहा गया है,' आईएमएफ ने चेतावनी दी है कि अफगानिस्तान के पड़ोसियों को और नुकसान होगा क्योंकि वे व्यापार के लिए उसके धन पर निर्भर है।'

IMF , UN ,Afghanistan आईएमएफ ने चेतावनी दी है कि अफगानिस्तान के पड़ोसियों को और नुकसान होगा क्योंकि वे व्यापार के लिए उसके धन पर निर्भर है [Wikimedia Commons]

अपने क्षेत्रीय आर्थिक दृष्टिकोण में फंड ने कहा, "शरणार्थियों की एक बड़ी आमद शरणार्थी-होस्टिंग देशों में सार्वजनिक संसाधनों पर बोझ डाल सकती है। श्रम बाजार के दबाव को बढ़ा सकती है और सामाजिक तनाव को जन्म दे सकती है। यह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से सहायता की आवश्यकता को रेखांकित करती है।"

यह भी पढ़ें : बिना कागज वाली कार्यप्रणाली हासिल करने के लिए प्रौद्योगिकी पर जोर दें : गिरिराज सिंह

आईएमएफ ने यह भी कहा कि ऐसी चिंताएं हैं कि देश में जाने वाले धन का इस्तेमाल आतंकवाद को वित्तपोषित करने और धन के शोधन के लिए किया जा सकता है। (आईएएनएस)

Input: IANS; Edited By: Manisha Singh

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