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दुनिया

पाकिस्तानी मदरसों का इस्तेमाल कर रहा तालिबान , लड़ाकों की भर्ती के लिए

अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हमदुल्ला मोहिब ने पाकिस्तान पर हमला किया, उन्होंने कहा कि आतंकवादी पाकिस्तान से अफगानिस्तान में प्रवेश कर सकते हैं।

अफगानिस्तान का रास्ट्रीय ध्वज(wikimedia commons)

By: संजीव शर्मा

अफगानिस्तान अब सीधे तौर पर तालिबान के उग्रवाद का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहरा रहा है।


अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हमदुल्ला मोहिब ने पाकिस्तान पर एक और हमला किया, क्योंकि उन्होंने कहा कि अफगान बलों से लड़ने के लिए 15,000 आतंकवादी पाकिस्तान से अफगानिस्तान में प्रवेश कर सकते हैं।

मोहिब ने कहा कि पाकिस्तान तालिबान के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह रहा है और यह समूह लड़ाकों की भर्ती के लिए पाकिस्तानी मदरसों का इस्तेमाल कर रहा है।

उन्होंने कहा, हर साल, अफगानिस्तान में तालिबान की हार हुई, लेकिन उनके पास स्वस्थ होने, पाकिस्तान में मदरसों से लोगों को फिर से भर्ती करने और अगले साल उन्हें वापस लाने का अवसर था।

मोहिब ने कहा, इस साल, हमारा अनुमान है कि इस लड़ाई के मौसम में अफगानिस्तान में लड़ने के लिए 10,000 लड़ाके पाकिस्तानी मदरसों से आए हैं और खुफिया जानकारी से पता चलता है कि वे अफगानिस्तान की ओर आने वाले 15,000 नए रंगरूट हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, तालिबान के पास पाकिस्तान में सुरक्षित पनाहगाह है .. इस अवधि के दौरान उन्होंने वहां शांति से रहने वाले अपने नेताओं का आनंद लिया और पाकिस्तान में, उनके घायलों का इलाज पाकिस्तानी अस्पतालों में किया गया, उन्हें पाकिस्तानी सेना के भीतर के तत्वों से सैन्य और भावनात्मक समर्थन और वित्तीय सहायता मिली।

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ गनी ने भी पाकिस्तान पर निशाना साधा। काबुल में स्पेशल ऑपरेशंस कमांड सेंटर के दौरे के दौरान गनी ने कहा कि तालिबान के अल कायदा, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के साथ गहरे संबंध हैं और समूह चाहता है कि अफगानिस्तान विद्रोहियों के लिए एक आश्रय स्थल बने।

पाकिस्तान का झंडा। (Unsplash)

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिखाया गया है कि पाकिस्तानी मिलिशिया ने स्पिन बोल्डक में डूरंड लाइन के जीरो पॉइंट को पार किया। स्थानीय रिपोटरें में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना ने डूरंड क्रॉसिंग के पार सैकड़ों रॉकेट दागे, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए।

पहले उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने हाल ही में 1971 में ढाका में समर्पण के दस्तावेज पर हस्ताक्षर की तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट की और कहा कि अफगानिस्तान में ऐसी तस्वीर नहीं है और न ही होगी।

सालेह ने लिखा, प्रिय पाक ट्विटर हमलावर, तालिबान और आतंकवाद इस तस्वीर के आघात को ठीक नहीं करेंगे। अन्य तरीके खोजें।

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उन्होंने लिखा, हां, कल मैं एक सेकंड के एक अंश के लिए हिल गया, क्योंकि एक रॉकेट ऊपर उड़ गया और कुछ मीटर दूर उतरा।(आईएएनएस-PS)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने तारीफ की (wikimedia commons )

हमारा देश भारत अनेकता में एकता वाला देश है । हमारे यंहा कई धर्म जाती के लोग एक साथ रहते है , जो इसे दुनिया में सबसे अलग श्रेणी में ला कर खड़ा करता है । योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं । उन्होंने एक बयान में कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। साथ ही उन्होंने कहा की दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं , जबकि हमारे भारत देश में फलफूल रही हैं। भारत ने ही पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए हमारा देश श्रेष्ठ है। आप को बता दे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह का शुरुआत करने गये थे। आयोजन के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं ,कहनियोंको सुनते हुए, समझते हए और उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यंहा के कोई भी वेद पुराण हो या ग्रंथ हो इनमे कही भी नहीं कहा गया की हम बहार से आये थे । हमारे ऐतिहासिक ग्रन्थों में जो आर्य शब्द है वह श्रेष्ठ के लिए और अनार्य शब्द का प्रयोग दुराचारी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी ने रामायण का उदाहरण भी दिया योगी ने कहा कि रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है। लेकिन , कुटिल अंग्रेजों ने और कई वामपंथी इतिहासकारों के माध्यम से हमारे इतिहास की किताबो में यह लिखवाया गया कि आर्य बाहर से आए थे । ऐसे ज्ञान से नागरिकों को सच केसे मालूम चलेगा और ईसका परिणाम देश लंबे समय से भुगतता रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए योगी ने कहा कि , आज इसी वजह से मोदी जी को एक भारत-श्रेष्ठ भारत का आह्वान करना पड़ा। आज मोदी जी के विरोध के पीछे एक ही बात है। साथ ही वो विपक्ष पर जम के बरसे। उन्होंने मोदी जी के बारे में आगे कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या में पांच सौ वर्ष पुराने विवाद का समाधान हुआ है। यह विवाद खत्म होने से जिनके खाने-कमाने का जरिया बंद हो गया है तो उन्हें अच्छा कैसे लगेगा।

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अल्जाइमर रोग एक मानसिक विकार है। (unsplash)

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व अध्ययन में 'ब्लड-टू-ब्रेन पाथवे' की पहचान की है जो अल्जाइमर रोग का कारण बन सकता है। कर्टिन विश्वविद्यालय जो कि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में है, वहाँ माउस मॉडल पर परीक्षण किया गया था, इससे पता चला कि अल्जाइमर रोग का एक संभावित कारण विषाक्त प्रोटीन को ले जाने वाले वसा वाले कणों के रक्त से मस्तिष्क में रिसाव था।

कर्टिन हेल्थ इनोवेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रमुख जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन मामो ने कहा "जबकि हम पहले जानते थे कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों की पहचान विशेषता बीटा-एमिलॉयड नामक मस्तिष्क के भीतर जहरीले प्रोटीन जमा का प्रगतिशील संचय था, शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि एमिलॉयड कहां से उत्पन्न हुआ, या यह मस्तिष्क में क्यों जमा हुआ," शोध से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में जहरीले प्रोटीन बनते हैं, जो रक्त में वसा ले जाने वाले कणों से मस्तिष्क में रिसाव की संभावना रखते हैं। इसे लिपोप्रोटीन कहा जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Wikimedia Commons)

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन को संम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरमपंथ और कट्टरपंथ की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एससीओ द्वारा एक खाका विकसित करने का आह्वान किया। 21वीं बैठक को संम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य एशिया में अमन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है विश्वास की कमी।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने विश्व के नेताओं से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मानवीय सहायता अफगानिस्तान तक निर्बाध रूप से पहुंचे। मोदी ने कहा, "अगर हम इतिहास में पीछे मुड़कर देखें, तो हम पाएंगे कि मध्य एशिया उदारवादी, प्रगतिशील संस्कृतियों और मूल्यों का केंद्र रहा है।
"भारत इन देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम मानते हैं कि भूमि से घिरे मध्य एशियाई देश भारत के विशाल बाजार से जुड़कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं"

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