Tuesday, June 15, 2021
Home खेल आखिर आईपीएल में टीमों की पहली पसंद स्पिनर ही क्यों ?

आखिर आईपीएल में टीमों की पहली पसंद स्पिनर ही क्यों ?

हैदराबाद के गेंदबाजी कोच मुथैया मुरलीधरन ने कहा था, "स्पिनर आगे जाकर अहम रोल निभाएंगे। विकेट टूट गई हैं। तीन पिचें (मैदान) है, इसलिए वो टूटेंगी।"

By – खुर्रम हबीब

आईपीएल-13 में मंगलवार को चेन्नई सुपर किंग्स ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ तीन स्पिनर उतारे थे। इनमें से दो ने तीन अहम विकेट लेकर चेन्नई की जीत में अहम योगदान दिया। चेन्नई की अंतिम-11 में तीन स्पिनर- रवींद्र जडेजा, पीयूष चावला और कर्ण शर्मा का शामिल किया जाना यह संकेत है कि स्पिनर और धीमी गति के गेंदबाज आगे जाकर टूर्नामेंट में अहम रोल निभाने वाले हैं।

मैच के बाद हैदराबाद के गेंदबाजी कोच मुथैया मुरलीधरन ने कहा था, “स्पिनर आगे जाकर अहम रोल निभाएंगे। विकेट टूट गई हैं। तीन पिचें (मैदान) है, इसलिए वो टूटेंगी।”

चेन्नई और हैदराबाद का मैच लीग के दूसरे हाफ का पहला मैच था। अभी तक पहले हाफ में तेज गेंदबाजों का बोलबाला देखा गया था। सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों गेंदबाजों की सूची में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के युजवेंद्र चहल इकलौते स्पिनर हैं।

लेकिन चीजें बदल सकती हैं क्योंकि राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ बीती रात हुए मैच में दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्टजे ने दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम की पच पर आईपीएल इतिहास की तीन सबसे तेज गेंदें फेंकी थीं।

तीन मैदान होने के चलते पिचों को टूटना आम बात है और ऐसे में दूसरी पिचों को रोटेट करना एक अहम चीज साबित हो सकता है। भारत के कुछ पिच क्यूरेटरों ने आईएएनएस से कहा कि पिचें स्पिनरों की मददगार होंगी और इसका कारण सीमित मैदान और मौसम ही नहीं है लेकिन इसलिए भी क्योंकि मैच सही तरह से प्लान नहीं किए गए।

शुरुआत में लगा था कि बीसीसीआई ने टूर्नामेंट अच्छे से प्लान किया है। उन्होंने शारजाह में सिर्फ 10 मैच रखे हैं। इस मैदान पर सिर्फ तीन पिच हैं। इसलिए उन पर ज्यादा दबाव नहीं होगा। अबू धाबी और दुबई में ज्यादा मैच खेले जाने हैं और यहां रोटेशन के लिए ज्यादा पिचें हैं। दुबई में 24 मैच होने हैं जबकि अबू धाबी में 20।

यह भी पढ़ें – दिल्ली की गलियों से निकली कराटे किड ‘अमृतपाल कौर’

आईपीएल-13 में आगे चल कर स्पिनरों की अहमियत बढ़ती है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी। (Twitter)

एक क्यूरेटर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “मैंने जो सुना है वो हो नहीं रहा है। वहां सीमित पिचें ही हैं- एक जगह तीन ज्यादा से ज्यादा, जिनका उपयोग किया जाता है।”

उन्होंने कहा, “अच्छा यही था कि उन्हें एक ही मैदान पर लगातार मैच नहीं रखने चाहिए थे।”

पिचें रोटेट की जाएं या नहीं लेकिन एक ही मैदान पर लगातार मैच होते आ रहे हैं। उदाहरण के तौर पर बुधवार को दुबई में राजस्थान और दिल्ली का मैच खेला गया। इसी मैदान पर मंगलवार को ही चेन्नई और हैदराबाद का मैच खेला गया था। इस तरह के कुछ और उदाहरण हैं।

यह समस्या इसलिए हो रही है क्योंकि कोविड-19 के कारण संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आईपीएल खेला जा रहा है और जहां मैदान कम हैं। अगर यह लीग भारत में ही होती तो आठ मैदानों पर मैच खेले जाते।

यह भी पढ़ें – बबीता फोगाट कुश्ती तो लड़ेंगी, मगर अब राजनीति के अखाड़े में

जब रोटेशन के बारे में पूछा गया तो बीसीसीआई की पिचों और मैदान समिति के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि चीजें तब मुश्किल हो जाती हैं जब सीमित मैदान हों।

दलजीत ने कहा, “मुझे लगता है कि इस साल आईपीएल हो इसके लिए बीसीसीआई ने अच्छा काम किया है। उन्होंने यह बात सुनिश्चित की है कि क्रिकेटरों का जीवनयापन चलता रहे और बाकी लोग भी प्रभावित नहीं हों। ऐसी स्थिति में हालांकि यह अच्छा होता कि वह भारतीय क्यूरेटर भी साथ में ले जाते जिन्हें इतने बड़े टूर्नामेंट्स आयोजित करने का अनुभव हो।”

उन्होंने कहा, “इसमें तकनीक और विज्ञान शामिल है जिसे वो समझते हैं।”

यह हैरानी वाली बात है कि बीसीसीआई ने बाकी विभागों के अधिकारी तो यूएई भेजे लेकिन एक भी क्यूरेटर नहीं ले गई। (आईएएनएस)

POST AUTHOR

न्यूज़ग्राम डेस्क
संवाददाता, न्यूज़ग्राम हिन्दी

जुड़े रहें

7,623FansLike
0FollowersFollow
177FollowersFollow

सबसे लोकप्रिय

धर्म निरपेक्षता के नाम पर हिन्दुओ को सालों से बेवकूफ़ बनाया गया है: मारिया वर्थ

यह आर्टिक्ल मारिया वर्थ के ब्लॉग पर छपे अंग्रेज़ी लेख के मुख्य अंशों का हिन्दी अनुवाद है।

विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसे बहा रही केजरीवाल सरकार, कपिल मिश्रा ने लगाया आरोप

पिछले 3 महीनों से भारत, कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। इन बीते तीन महीनों में, हम लगातार राज्य सरकारों की...

भारत का इमरान को करारा जवाब, दिखाया आईना

भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण पर आईना दिखाते हुए करारा जवाब दिया...

जब इन्दिरा गांधी ने प्रोटोकॉल तोड़ मुग़ल आक्रमणकारी बाबर को दी थी श्रद्धांजलि

ये बात तब की है जब इन्दिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री हुआ करती थी। वर्ष 1969 में इन्दिरा गांधी काबुल, अफ़ग़ानिस्तान के...

दिल्ली की कोशिश पूरे 40 ओवर शानदार खेल खेलने की : कैरी

 दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने कहा है कि टीम के लिए यह समय है टूर्नामेंट में दोबारा शुरुआत करने का।...

गाय के चमड़े को रक्षाबंधन से जोड़ने कि कोशिश में था PETA इंडिया, विरोध होने पर साँप से की लेखक शेफाली वैद्य कि तुलना

आज ट्वीटर पर मचे एक बवाल में PETA इंडिया का हिन्दू घृणा खुल कर सबके सामने आ गया है। ये बात...

दिल्ली दंगा करवाने में ‘आप’ पार्षद ताहिर हुसैन ने खर्च किए 1.3 करोड़ रूपए: चार्जशीट

इस साल फरवरी में हुए हिन्दू विरोधी दिल्ली दंगों को लेकर आज दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल किया।...

क्या अमनातुल्लाह खान द्वारा लिया गया ‘दान’, दंगों में खर्च हुए पैसों की रिकवरी थी? बड़ा सवाल!

फरवरी महीने में हुए दिल दहला देने वाले हिन्दू विरोधी दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस आक्रमक रूप से लगातार कार्यवाही कर रही...

हाल की टिप्पणी