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Aligarh Hindu Migration: आखिर हिन्दुओं का पलायन कब तक?

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के टप्पल स्थित नूरपुर गांव में आज हिन्दुओं की बड़ी संख्या पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। आखिर कब तक यह सिलसिला चलता रहेगा?

आज हिन्दुओं की बड़ी संख्या पलायन करने को मजबूर हो गई है। (NewsGramHindi)

पिछले कई दशकों से हमने देखा है कि, हिंदुओं (Hindu) का पलायन लगातार बढ़ता जा रहा है। भारत में अलग – अलग धर्मों का जमावड़ा है। लेकिन देश के अन्य समुदायों द्वारा देश के कई क्षेत्रों से हिन्दुओं को बेदखल करने का क्रम लगातार जारी है। इसी क्रम में हाल ही में एक मामला सामने आया है। 

देश की सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य यानी उत्तर प्रदेश (UP) के अलीगढ़ जिले के टप्पल स्थित नूरपुर गांव में आज हिन्दुओं की बड़ी संख्या पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। दरअसल मुस्लिम समुदाय के लोगों के अत्याचार से परेशान होकर हिंदू परिवारों ने अपने घर के बाहर दरवाजों और दीवारों पर “मकान बिकाऊ” का पोस्टर लगा दिया है। 


मामला क्या है?

अलीगढ़ के नूरपुर गांव में एक अनुसूचित जाति के ओमप्रकाश की बेटी की शादी थी। लेकिन बारातियों को जिस मार्ग से लड़की के घर की तरफ आना था, उस मार्ग पर एक मस्जिद पड़ता है। जिस वजह से मुस्लिम समुदाय (Muslim Community) के कुछ लोगों ने बारातियों को रोका और उन्हें इस मार्ग से जाने के लिए मना किया। जब हिन्दू पक्षों द्वारा इसका विरोध किया गया तो, मुस्लिम समुदाय की भीड़ ने बारातियों के साथ मारपीट की, लाठी डंडों से हमला किया। जिसमें कुछ लोग घायल भी हो गए|

मुस्लिम समुदाय के लोगों के अत्याचार से परेशान होकर हिंदू परिवारों ने अपने घर के बाहर “मकान बिकाऊ” का पोस्टर लगाया| (सोशल मीडिया)

हिन्दू पक्षों ने आरोप लगाया है कि, इसी तरह से दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा हमें परेशान किया जाता है। इस घटना के बाद करीब 100 से 125 हिन्दू परिवार पलायन (Hindu Migration) करने को मजबूर हो गए हैं। 

आपको बता दें कि, यह पहला मामला नहीं है, जब ऐसा कुछ हुआ हो। इससे पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन पुलिस भी इस पर कोई कार्यवाही या ठोस कदम नहीं उठाती थी। इस घटना के बाद, जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलना शुरू हुआ तो पुलिस ने तुरंत कार्यवाही कर सभी दोषियों को गिरफ्तार कर लिया है। 

यह भी पढ़ें :- NRC को लाया जाए, अवैध प्रवासियों को निकाला जाए|

इस घटना के बाद अलीगढ़ के बीजेपी (BJP) सांसद सतीश गौतम ने भी नूरपुर गांव पहुंचकर लोगों से घटना का जायजा लिया और उन्हें आश्वासन दिया कि, योगी सरकार में एक भी हिन्दू परिवार का पलायन नहीं होगा।

इस मामले पर भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि, जहां पर मुस्लिम बहुसंख्यक हो जाते हैं, उन क्षेत्रों में  अक्सर हिन्दुओं का रहना मुश्किल हो जाता है। 

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डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय (wikimedia commons)

पूरी दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसार रहा है । डब्ल्यूएचओ यानीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस का जो डेल्टा कोविड वैरिएंट संक्रामक वायरस का वर्तमान में प्रमुख प्रकार है, अब यह दुनिया भर में इसका फैलाव हो चूका है । इसकी मौजूदगी 185 देशों में दर्ज की गई है। मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी विज्ञान अपडेट में वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा, डेल्टा वैरिएंट में अब सेम्पल इकट्ठा करने की डेट जो कि 15 जून -15 सितंबर, 2021 के बीच रहेंगीं । जीआईएसएआईडी, जो एवियन इन्फ्लुएंजा डेटा साझा करने पर वैश्विक पहल के लिए है, एक ओपन-एक्सेस डेटाबेस है।

मारिया वान केरखोव जो विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 पर तकनीकी के नेतृत्व प्रभारी हैं , उन्होंने डब्ल्यूएचओ सोशल मीडिया लाइव से बातचीत करते हुए कहा कि , वर्तमान में कोरोना के अलग अलग टाइप अल्फा, बीटा और गामा का प्रतिशत एक से भी कम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि वास्तव में अब दुनिया भर में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट ही चल रहा है।

\u0915\u094b\u0930\u094b\u0928\u093e \u0935\u093e\u092f\u0930\u0938 कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हाल के दिनों में दुनियाभर में कहर बरपाया है (pixabay)

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ऑस्ट्रेलिया का नक्शा (Wikimedia Commons)

ऑस्ट्रेलिया की शार्क प्रजातियों पर एक खतरा आ गया है। वहाँ 10 प्रतिशत से अधिक शार्क प्रजाति विलुप्त होने ही वाली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान कार्यक्रम (एनईएसपी) समुद्री जैव विविधता हब ने सभी ऑस्ट्रेलियाई शार्क, किरणों और घोस्ट शार्क (चिमेरा) के विलुप्त होने का मूल्यांकन प्रकाशित किया है।


ऑस्ट्रेलिया दुनिया की कार्टिलाजिनस मछली प्रजातियों के एक चौथाई से अधिक का घर है, इसमें 182 शार्क, 132 किरणें और 14 चिमेरे ऑस्ट्रेलियाई जलमार्ग में हैं। पीटर काइन जो चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय (सीडीयू) के एक वरिष्ठ शोधकर्ता है और रिपोर्ट के प्रमुख लेखक है उन्होंने कहा कि तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पीटर काइन कहा, "ऑस्ट्रेलिया का जोखिम 37 प्रतिशत के वैश्विक स्तर से काफी कम है। यह उन 39 ऑस्ट्रेलियाई प्रजातियों के लिए चिंता का विषय है, जिनके विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।"

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ब्रिटेन में पढ़ने के लिए राज्य छात्रवृत्ति मिली 6 आदिवासी छात्रों को।(Unsplash)

भारत के झारखंड राज्य में कुछ छात्रों का भविष्य उज्व्वल होने जा रहा है । क्योंकि झारखंड राज्य में छह छात्रों को राज्य के छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत विदेश में मुफ्त उच्च शिक्षा मिलने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्याण मंत्री चंपई सोरेन राजधानी रांची में गुरुवार कोआयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में छात्रवृत्ति योजना मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के तहत लाभार्थियों छात्रोंऔर उनके अभिभावकों को सम्मानित करने जा रहे है।

आप को बता दे की यह योजना राज्य सरकार द्वारा यूके और आयरलैंड में उच्च अध्ययन करने हेतु अनुसूचित जनजातियों के छात्रों के लिए शुरू की गई है। छात्रवृत्ति के पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को विविध खर्चो के साथ-साथ ट्यूशन फीस भी पूरी तरह मिलेगी । इस योजना के अनुसार झारखंड राज्य में हर साल अनुसूचित जनजाति से 10 छात्रों का चयन किया जाएगा।

सितंबर में ब्रिटेन के 5 विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपना अध्ययन कार्यक्रम शुरू करंगे 6 छात्र जिनको को चुना गया हैं।

अगर बात करे चयनित छात्रों की सूचि के बारे में तो इसमें से हरक्यूलिस सिंह मुंडा जो कि "यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन " के "स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज" से एमए करने जा रहे हैं। "मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन" से छात्र अजितेश आर्किटेक्चर में एमए करने जा रहे हैं। और वंहीआकांक्षा मेरी "लॉफबोरो विश्वविद्यालय" में जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और प्रबंधन में एमएससी करेंगी, जबकि दिनेश भगत ससेक्स विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, विकास और नीति में एमएससी करेंगे।

\u0938\u094d\u091f\u0942\u0921\u0947\u0902\u091f विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्र (pixabay)

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