Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
दुनिया

विश्व में सबसे शक्तिशाली देश में महामारी की स्थिति सबसे गंभीर क्यों है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष माइकल रयान ने कहा कि विश्व में अमेरिका की महामारी की स्थिति सब से गंभीर है।

कोरोना महामारी का असर पूरी दुनिया पर हुआ है | (Pixabay)

हाल ही में अमेरिका के कई क्षेत्रों में कोविड-19 महामारी की स्थिति बहुत गंभीर है। प्रतिदिन नये पुष्ट मामलों की संख्या निरंतर रूप से उच्च स्तर पर रही है। 2 जुलाई को नये पुष्ट मामलों की संख्या 54357 तक पहुंच गयी, जिसने एक नया रिकॉर्ड बनाया। अमेरिकी जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अमेरिका के स्थानीय समयानुसार 5 जुलाई के शाम को पांच बजकर 34 मिनट पर अमेरिका में कोविड-19 के कुल 2874396 पुष्ट मामले सामने आये हैं। उन में मृत मामलों की संख्या 129870 तक पहुंच चुकी है।

यह भी पढ़ें- कोरोना महामारी की चपेट से कब तक उबर पाएगा वैश्विक अर्थव्यवस्था?


हालांकि विशेषज्ञों व सरकारी अधिकारियों ने बार-बार अपील की, लेकिन कुछ अमेरिकी लोग लगातार अपनी इच्छा से काम करते हैं। 4 जुलाई को अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस था। इस छुट्टी में महामारी की रोकथाम के लिये बड़ी चुनौती आयी। मैरीलैंड के समुद्र तट पर लोगों की भीड़-भाड़ हुई, और अमेरिका की कई घरेलू उड़ानें भी भरी हुई थी। हालांकि महामारी की रोकथाम करने के लिये अमेरिकी एयरलाइन्स ने कदम उठाये हैं, लेकिन बहुत पर्यटकों ने इस का पालन नहीं किया।

कोविड -19 का असर पर्यटन क्षेत्र पर भी हुआ है। (Pixabay)

विशेषज्ञों ने जनता से सार्वजनिक जगहों में मास्क पहनने की अपील की। लेकिन कुछ बड़ी गतिविधियों के घटनास्थल पर स्थिति चिंताजनक है। स्थानीय समयानुसार 3 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण डकोटा में स्वतंत्रता दिवस की खुशी मनाने की गतिविधि में भाग लिया। वहां बहुत लोगों ने मास्क नहीं पहना और सामाजिक दूरी को भी नहीं बनाए रखा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आपात कार्यक्रम के कार्यकारी अध्यक्ष माइकल रयान ने जिनेवा में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विश्व में अमेरिका की महामारी की स्थिति सब से गंभीर है। उन के अनुसार कुछ देश, जिन की महामारी की स्थिति गंभीर है, अपनी अर्थव्यवस्था को पुन: शुरू करने के लिये उत्सुक हैं। लेकिन उन्होंने महामारी की रोकथाम पर ध्यान नहीं दिया। यहां तक कि कुछ देशों के नेता अभी तक यह अफवाह फैला रहे हैं कि वायरस किसी वक्त अपने आप गायब हो जाएगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि विश्व में अमेरिका की महामारी की स्थिति सब से गंभीर है। (Pixabay)

चीन के अंतर्राष्ट्रीय मामले के अनुसंधान प्रतिष्ठान की अंतर्राष्ट्रीय रणनीतिक अध्ययन संस्थान की उप प्रधान सू श्याओह्वेई के विचार में हालांकि अमेरिका को कुछ समायोजन करना है, लेकिन अमेरिका में महामारी की रोकथाम करने का रास्ता अभी तक बहुत लंबा है।(IANS)

Popular

अब अयोध्या के संतो में जागने लगी चुनाव राजनीति में आने की जिज्ञासा। (Wikimedia Commons)

अयोध्या(Ayodhya) के कुछ संत तीर्थ नगरी से यूपी चुनाव लड़ना चाहते हैं। अयोध्या (सदर)(Ayodhya Sadar) उनका पसंदीदा विधानसभा क्षेत्र है जहां से वे यूपी चुनाव में उतरना चाहते हैं। राम जन्मभूमि, जहां एक भव्य राम मंदिर(Ram Temple) निर्माणाधीन है, इसी निर्वाचन क्षेत्र में आता है। लेकिन अयोध्या में संतों का एक और वर्ग राजनीति में अपनी बिरादरी की सक्रिय भागीदारी के खिलाफ है।

हनुमान गढ़ी मंदिर के पुजारियों में से एक राजू दास और तपस्वी जी की छावनी के परमहंस दास उन प्रमुख संतों में शामिल हैं जो अयोध्या (सदर) विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। वीआईपी विधानसभा क्षेत्र माने जाने वाले अयोध्या सदर से बीजेपी के टिकट के दावेदारों में राजू दास भी शामिल हैं. इसी सीट से बीजेपी के मौजूदा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता भी इसी सीट के दावेदार हैं.

Keep Reading Show less

बेंगलुरु से हिंदू बनकर रह रही बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार। (IANS)

कर्नाटक पुलिस(Karnataka Police) ने एक 27 वर्षीय बांग्लादेशी अप्रवासी महिला को गिरफ्तार किया है, जो बेंगलुरु(Bengaluru) के बाहरी इलाके में फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफ इंडिया (FRFO) के इनपुट के आधार पर भारत में 15 साल तक हिंदू के रूप में रही, पुलिस ने शुक्रवार को यह भी कहा।

गिरफ्तार बांग्लादेशी महिला की पहचान रोनी बेगम के रूप में हुई है। उसने अपना नाम पायल घोष के रूप में बदल लिया और मंगलुरु के एक डिलीवरी एक्जीक्यूटिव नितिन कुमार से शादी कर ली। पुलिस ने फरार नितिन की तलाश शुरू कर दी है।

Keep Reading Show less

बीते दिनों 'ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल' ने 'करप्शन परेसेप्शन इंडेक्स'(Corruption Perception Index) जारी किया, जिसमें 180 देशों को शामिल किया गया था। आपको बता दें की इस रिपोर्ट के मुताबिक इन 180 देशों में भारत(India) देश का स्थान 85वें स्थान पर है। भारत(India) की स्थिति में पिछले वर्ष के मुकाबले न तो सुधार आया है और न ही स्थिति बिगड़ी है।

इसके साथ भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान(Pakistan) की हालत बद से बद्तर हो गई है। पाकिस्तान सीपीआई(Corruption Perception Index) की लिस्ट में 124 से गिरकर अब 140वें स्थान पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के जैसी ही स्थिति म्यांमार की भी बनी हुई है। आपको बता दें कि पाकिस्तान से भी बुरी हालत बांग्लादेश की है। सबसे खराब श्रेणी की बात करें तो सबसे खराब हाल 180वें स्थान पर दक्षिणी सूडान का है, उससे पहले सीरिया, सोमालिया, वेनेजुएला और यमन का है।

Keep reading... Show less