Friday, May 7, 2021
Home देश जब भारत के सामने अमेरिका नरम पड़ा, तत्काल भेज रहा है कच्चा...

जब भारत के सामने अमेरिका नरम पड़ा, तत्काल भेज रहा है कच्चा माल

अमेरिका द्वारा टीकों के कच्चे माल के निर्यात को मंजूरी दे दी गई है। इस ह्रदय परिवर्तन के पीछे देश में अमेरिका के खिलाफ गुस्सा और अजित डोभाल के फोन को माना जा रहा है।

हाल ही में अमेरिका द्वारा टीकों के कच्चे माल के निर्यात को मंजूरी दे दी गई है। इस पर भारत के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को धन्यवाद भी कहा है। किन्तु यह फैसला आकस्मिक नहीं लिया गया है। इससे पहले अमेरिका ने ‘अमेरिका फर्स्ट’ का हवाला देते हुए कोरोना के टीकों के कच्चे माल के निर्यात को मंजूरी नहीं दिया था और कच्चे माल के निर्यात पर प्रतिबन्ध हटाने से साफ इंकार कर दिया गया था।

किन्तु अमेरिका के प्रतिबन्ध के बाद कई देशों ने भारत की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया था साथ ही हर सम्भव मदद का वादा भी किया। इन देशों में थे यूके, दुबई और रूस जिन्होंने भारत को मदद का भरोसा दिया है। इसी कड़ी में यूके से ऑक्सीजन की खेप को भारत में निर्यात करना शुरू कर दिया है। दुबई ने ऑक्सीजन के निर्यात का जो भरोसा दिया था उस पर अमल भी किया जा रहा है और भारत में ऑक्सीजन के निर्यात को तेजी से बढ़ा रहा है। रूस की स्पुतनिक 5 टीके को भारत में आपात उपयोग के मंजूरी दे दी गई है। इसी बीच चीन ने भी मदद की पहल की थी, किन्तु अमेरिकी से पाबन्दी हटने के बाद उसने अपने निर्यात पर 15 दिन के लिए रोक लगा दिया है।

जिस समय यह खबर आई कि अमेरिका अपने निर्यात पर प्रतिबन्ध को बरकरार रखेगा उसी समय से देश में अमेरिका के खिलाफ आवाज उठने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। सोशल मीडिया माध्यमों से #boycottamerica और #america_exposed जैसे हैशटैग को चलाया जा रहा था।

किन्तु कुछ समय बाद यह खबर आती है कि अमेरिका ने प्रतिबन्ध को हटा लिया है और तत्काल ही टीके के कच्चे माल को भारत भेज रहा है। इस अचानक हृदय परिवर्तन के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का हाथ माना जा रहा है। क्योंकि जिस समय देश में अमेरिका के खिलाफ आवाज़ उठ रही थी उस समय अजित डोभाल ने जो बाइडन के राष्ट्रिय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन से फोन पर बात किया। जिसके कुछ समय बाद ही जेक ने ट्विटर पर एक ट्वीट करते हुए सबको चौंका दिया। उन्होंने लिखा कि “भारत में COVID मामलों में बढ़ोतरी के बारे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ आज बात की और हम आने वाले दिनों में निकट संपर्क में रहने के लिए सहमत हुए। संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के लोगों के साथ एकजुटता में खड़ा है और हम अधिक आपूर्ति और संसाधनों की तैनाती कर रहे हैं।”

यह भी पढ़ें: भारत की दूसरी कोविड लहर ज्यादा संक्रामक, मगर कम घातक

उस ट्वीट में एक लिखित बयान को भी जारी किया गया, जिसमें भारत को हर संभव मदद, कच्चे माल पर निर्यात की बात लिखी हुई थी।

माना यह जा रहा है कि अमेरिका का भारत की तरफ नरमी इसलिए पैदा हुई क्योंकि अन्य देश भारत के साथ तेजी से मदद का हाथ बढ़ा रहे थे और अमेरिका अलग-थलग नहीं दिखना चाह रहा था और इसलिए यह फैसला लिया गया। साथ ही इस पूरे मामले में अजित डोभाल की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता है। क्योंकि सीरम इंस्टिट्यूट के मालिक आडर पूनावाला ने कई बार अमेरिका से इस प्रतिबन्ध को हटाने की मांग की। सीरम इंस्टिट्यूट कोरोना वायरस के खिलाफ लग रहे कोवीशील्ड टीके की निर्माता है और कच्चे माल की बेरोक आपूर्ति ही टीके के निर्माण को रफ्तार दे सकती है।

POST AUTHOR

Shantanoo Mishra
Poet, Writer, Hindi Sahitya Lover, Story Teller

जुड़े रहें

7,639FansLike
0FollowersFollow
177FollowersFollow

सबसे लोकप्रिय

धर्म निरपेक्षता के नाम पर हिन्दुओ को सालों से बेवकूफ़ बनाया गया है: मारिया वर्थ

यह आर्टिक्ल मारिया वर्थ के ब्लॉग पर छपे अंग्रेज़ी लेख के मुख्य अंशों का हिन्दी अनुवाद है।

विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसे बहा रही केजरीवाल सरकार, कपिल मिश्रा ने लगाया आरोप

पिछले 3 महीनों से भारत, कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। इन बीते तीन महीनों में, हम लगातार राज्य सरकारों की...

भारत का इमरान को करारा जवाब, दिखाया आईना

भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण पर आईना दिखाते हुए करारा जवाब दिया...

दिल्ली की कोशिश पूरे 40 ओवर शानदार खेल खेलने की : कैरी

 दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने कहा है कि टीम के लिए यह समय है टूर्नामेंट में दोबारा शुरुआत करने का।...

जब इन्दिरा गांधी ने प्रोटोकॉल तोड़ मुग़ल आक्रमणकारी बाबर को दी थी श्रद्धांजलि

ये बात तब की है जब इन्दिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री हुआ करती थी। वर्ष 1969 में इन्दिरा गांधी काबुल, अफ़ग़ानिस्तान के...

गाय के चमड़े को रक्षाबंधन से जोड़ने कि कोशिश में था PETA इंडिया, विरोध होने पर साँप से की लेखक शेफाली वैद्य कि तुलना

आज ट्वीटर पर मचे एक बवाल में PETA इंडिया का हिन्दू घृणा खुल कर सबके सामने आ गया है। ये बात...

दिल्ली दंगा करवाने में ‘आप’ पार्षद ताहिर हुसैन ने खर्च किए 1.3 करोड़ रूपए: चार्जशीट

इस साल फरवरी में हुए हिन्दू विरोधी दिल्ली दंगों को लेकर आज दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल किया।...

क्या अमनातुल्लाह खान द्वारा लिया गया ‘दान’, दंगों में खर्च हुए पैसों की रिकवरी थी? बड़ा सवाल!

फरवरी महीने में हुए दिल दहला देने वाले हिन्दू विरोधी दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस आक्रमक रूप से लगातार कार्यवाही कर रही...

हाल की टिप्पणी