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दुनिया

मालाबार में अमेरिकी, भारतीय विमानों ने किया नौसैनिक युद्धाभ्यास

हिंद महासागर क्षेत्र में चल रहे मालाबार नौसैनिक अभ्यास में भारतीय नौसेना के लड़ाकू विमानों और अमेरिकी विमानों को युद्धाभ्यास करते देखा गया है।

भारतीय नौसेना का लड़ाकू विमान। (Wikimedia Commons)

By – सुमित कुमार सिंह

हिंद महासागर क्षेत्र में चल रहे मालाबार नौसैनिक अभ्यास में भारतीय नौसेना के लड़ाकू विमानों, अन्य विमानों और आईएनएस विक्रमादित्य को इनके अमेरिकी समकक्षों के साथ समन्वय में युद्धाभ्यास करते देखा गया है।


भारतीय नौसेना के मुताबिक, भारतीय नौसेना के मिग 29के और समुद्री गश्ती विमान पी-8आई ने अमेरिकी नौसेना के एफ-18 और एईडब्ल्यू विमान ई2सी के साथ इन अभियानों में हिस्सा लिया।

भारतीय नौसेना ने कहा, “दोनों लड़ाकू विमानों ने एक समग्र स्ट्राइक पैकेज के रूप में काम किया और डिसिमिलर एयरक्राफ्ट कॉम्बैट ट्रेनिंग (डीएसीटी) अभ्यासों से परे जाकर विजुअल रेंज (बीवीआर) रणनीति का अभ्यास किया।”

इन मुश्किल और एडवांस्ड रक्षा अभ्यासों और युद्धाभ्यासों और उनके हवा में संचालन की समानता के लिए दोनों एयरक्रूज के बीच उंचे दर्जे की समझ की जरूरत होती है।

यह भी पढ़ें – क्या सच में भारत में फिर से आतंकी भेज रहा है पाक ?

नौसेनाओं का क्वाड एक अनौपचारिक सुरक्षा फोरम है, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया हैं। यह हिंद महासागर क्षेत्र में 17 नवंबर से 20 नवंबर तक विमान वाहक युद्ध समूहों के साथ नौसेना अभ्यास कर रहा है।

बता दें कि 3 नवंबर से 6 नवंबर तक बंगाल की खाड़ी में मालाबार अभ्यास का पहला चरण आयोजित किया गया था। मालाबार अभ्यास की यह श्रृंखला 1992 में भारत और अमेरिका के बीच एक वार्षिक द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास के रूप में शुरू हुई थी। यह अभ्यास भारत-प्रशांत क्षेत्र में जमीन और समुद्र दोनों पर चीन के विस्तारवाद को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच हुआ है।

भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर 8 महीने से सैन्य गतिरोध जारी है।(आईएएनएस)

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बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रौशन।(Wikimedia Commons)

बॉलीवुड के सबसे हैंडसम एक्टर कहे जाने वाले ऋतिक रोशन अपने बेहतरीन लुक्स के अलावा कमाल के नृत्य कौशल के लिए भी अक्सर सुर्ख़ियों में रहते हैं।

सोशल मीडिया पर वे अक्सर अपने फैंस के लिए वीडियोज शेयर करते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने वर्कआउट सेशन के दौरान के वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया जो देखते ही देखते वायरल हो गया।

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आईआईटी दिल्ली को उपहार में मिला 1 मिलियन अमरीकी डालर [ Wikimedia Commons]

आईआईटी दिल्ली के एक पूर्व छात्र डॉ मोहित एरोन ने आईआईटी दिल्ली को 1 मिलियन अमरीकी डालर उपहार के रूप में दिए हैं। उन्होंने यह राशि आईआईटी दिल्ली के कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग को दी है। आईआईटी दिल्ली के मुताबिक इस धन राशि का उपयोग संकाय की अनुसंधान गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए किया जाएगा। आईआईटी दिल्ली आगे भी कोशिश करेगा कि विभाग के स्नातक, परास्नातक और पीएचडी छात्र भारत और विदेशों में आयोजित कार्यशालाओं, प्रतिस्पर्धी कार्यक्रमों और सम्मेलनों में भाग ले सकें।

मोहित एरोन हाइपर-कन्वज्र्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर के जनक कहे जाते हैं। मोहित आरोन स्केलेबल निर्माण के क्षेत्र में 15 से अधिक वर्षों के अनुभव के उद्यमी और व्यवसायी हैं। उन्होंने 2009 में न्यूटेनिक्स और 2013 में कोहेसिटी इंक की स्थापना की। बता दें की आज ये दोनों कंपनियां यूनिकॉर्न बन गई हैं।

2018 में डॉ एरोन को राइस विश्वविद्यालय से उत्कृष्ट इंजीनियरिंग पूर्व छात्र पुरस्कार मिला। इसके अगले साल यानि 2019 में उन्हें आईआईटी दिल्ली से विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार भी मिला।

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निहंग सिखों ने दलित लखबीर सिंह की हत्या कर जारी किया था वीडियो (Wikimedia commons)

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानून के विरोध में दिल्ली के बॉर्डरों पर बैठे किसान हटने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसी बीच एक ऐसी खबर आई है जो अत्यंत शर्मनाक हैं। और उससे भी शर्मनाक यह है कि हत्या करने का वीडियो बनाया गया और उसे जारी भी किया गया। आप सबको याद होगा एक समय होता था जब आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठन हत्या करने का वीडियो बनाकर जारी करते थे और हत्या करने की जिम्मेदारी भी लेते थे इसी तरह के कृत करने की कोशिश हमारे देश भारत में हुई है। अगर इसे अभी नहीं रोका गया तो ऐसी वारदातें और बढ़ सकती हैं।

अब आपको विस्तार से पूरी घटना बताते हैं। शुक्रवार को सिंधु बॉर्डर पर 35 साल के युवक जिसका नाम लखबीर सिंह है उसका मृत शव मिला। वह एक दलित मजदूर था। लखबीर सिंह की हत्या इतनी बर्बरता से की गई थी कि उसका एक हाथ और एक पैर कटा हुआ पाया गया और सबसे जरूरी बात यह की शव संयुक्त किसान मोर्चा के मंच के पास से मिला था। जिस कारण किसान आंदोलन और किसान नेताओ का कटघरे में खड़े होना तो तय हैं।

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