Summary
BJP के 5 नेताओं पर महिलाओं और नाबालिगों से यौन शोषण व दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगे हैं।
सभी आरोपित नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया गया है और पुलिस जांच व कोर्ट की प्रक्रिया जारी है।
"बेटी बचाओ" नारे के बावजूद महिलाओं के खिलाफ अपराधों में राजनीतिक नेताओं के शामिल होने से सवाल उठ रहे हैं।
साल था 2015, तारीख 22 जनवरी और जगह हरियाणा का पानीपत। नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बने हुए 7 महीने 27 दिन हुए थे और उन्होंने एक नारा दिया “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ।” यह देश में लड़कियों के प्रति भेदभाव, गिरते लिंगानुपात और शिक्षा/सशक्तिकरण (Gender ratio and education/empowerment) जैसे मुद्दों से निपटने के लिए शुरू किया गया था। इस नारे का उद्देश्य था, बेटियों को बचाना यानी जो उनके खिलाफ गलत कृत्य होते हैं। बेटियों को शिक्षा देना और लड़कियों की सामाजिक स्थिति सुधारना।
हालांकि, मौजूदा स्तिथि देखें, तो "बेटी बचाओ" का नारा "BJP से बेटी बचाओ" में तब्दील होता दिखाई दे रहा है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि लड़कियों से बर्बरता करने के मामले में BJP के नेताओं का नाम भी सामने आने लगा है। कुलदीप सेंगर का मामला एक दम ताजा उदहारण है। ऐसे में आज हम आपको BJP के उन 5 नेताओं के बारे में बताएंगे, जिनपर महिलाओं से यौन शोषण का आरोप है।
मामला 3 मार्च 2025 का है। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के टीकमगढ़ जिले में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का मामला पुलिस ने दर्ज किया। ये आरोप BJP के स्थानीय नेता संजू यादव पर लगा।
पुलिस के मुताबिक आरोपी संजू ने 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को पिछले साल अगवा किया और टीकमगढ़ के एक होटल में ले जाकर इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया। जिस होटल में यह घटना हुई, वह भाजपा नेता संजू यादव का बताया गया। पुलिस का कहना है कि संजू यादव ने आरोपियों को होटल में कमरा उपलब्ध कराया और पीड़िता को वहां छिपाने में मदद की।
वहीं, पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपियों ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें भी लीं और बाद में उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं 363, 366 और 384 के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
संजू यादव के साथ दो अन्य आरोपी रोहित साहू और विशाल साहू भी पुलिस जांच के दायरे में हैं, क्योंकि पुलिस मुताबिक संजू के साथ दो और लोग भी इस गलत कृत्य में शामिल थे।
मामला जब सामने आया, तब BJP ने संजू यादव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया। पार्टी की ओर से कहा गया है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ये मामला भी मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) का है। घटना 16 जनवरी 2025 की बताई जा रही है। मध्य प्रदेश के सिधी जिले में BJP के एक स्थानीय नेता अजीतपाल सिंह चौहान पर कथित रूप से एक महिला सहकर्मी के साथ बलात्कार और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगा। घटना सामने आते ही पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा। दोषी के खिलाफ पुलिस बलात्कार और ब्लैकमेल सहित अन्य आपराधिक आरोपों के नज़रिये से जाँच कर रही है।
वहीं, पीड़ित महिला ने अपने बयान में बताया कि चौहान ने उसे विधानसभा चुनाव-2023 में पार्टी टिकट दिलाने का झांसा देकर उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। आरोप है कि आरोपी ने इस दौरान घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में उसे पैसे के लिए ब्लैकमेल करने की कोशिश की। बता दें कि आरोपी नेता ने जांच शुरू होने से पहले ही खुद को निर्दोष बताया। आरोपी ने कहा कि उसके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची जा रही है और उसे न्याय मिलेगा।
इस घटना के सामने आने के बाद BJP ने चौहान को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। सिधी जिला भाजपा अध्यक्ष देव कुमार सिंह ने बताया कि चौहान तीन साल पहले कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में आए थे। पार्टी ने कहा है कि इस तरह के गंभीर आरोपों के सामने आने के बाद कार्रवाई अनिवार्य थी। फिलहाल पुलिस आगे की जांच कर रही है।
ये मामला राजस्थान (Rajasthan) के पाली जिले में घटित हुई थी जहाँ BJP के एक स्थानीय नेता और पांच अन्य लोगों के खिलाफ एक महिला ने दुष्कर्म और अपनी नाबालिग बेटी के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करवाया। मामला 27 अगस्त 2023 का बताया जा रहा है और आरोपी का नाम मोहन जाट है।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि भाजपा नेता ने उसे प्लॉट दिखाने के बहाने बुलाया था। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में अन्य लोगों ने भी उसे प्रताड़ित किया। महिला का कहना है कि आरोपी पहले से उसकी तस्वीरें अपने पास रखता था और उन्हीं के जरिए उसे डराया-धमकाया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस पूरी घटना के दौरान उसकी नाबालिग बेटी के साथ भी छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न किया गया।
पुलिस ने मामले में बलात्कार, सामूहिक बलात्कार और बच्चों के यौन शोषण से संबंधित कानून (POCSO एक्ट) के तहत धाराएं लगाई हैं। पुलिस ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू कर दी गई है और सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, BJP नेता ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि वह महिला को नहीं जानते और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं। उन्होंने इसे साजिश करार दिया है। वहीं, भाजपा की ओर से कहा गया है कि मामला गंभीर है और जांच में दोषी पाए जाने पर पार्टी स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस जांच जारी है।
29 दिसंबर 2023 को उत्तराखंड (Uttrakhand) के चंपावत जिले से BJP के एक स्थानीय नेता जिसका नाम कमल रावत बताया जा रहा है, उसपर नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का आरोप लगा। जब पीड़िता की मां ने शिकायत की, तब आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ।
पुलिस ने बताया कि आरोपी भाजपा नेता कमल रावत चंपावत जिले में पार्टी के मंडल अध्यक्ष और क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता की मां ने बताया कि आरोपी ने लड़की को धमकी दी थी कि अगर उसने किसी को इस बारे में बताया तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 504 (अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के साथ-साथ बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण कानून (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच कराई और उसका बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की। यह मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र चंपावत में सामने आने के कारण राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है।
मामला उत्तरप्रदेश (UttarPradesh) के फतेहपुर जिले का है जहाँ 16 वर्षीय किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना 27 जुलाई 2025 को सामने आई और आरोपी BJP का नेता है और उसका नाम मनोज वर्मा है। घटना सामने आने के बाद उसे पार्टी से निकाल दिया गया।
इस मामले पर पुलिस ने बताया कि पीड़िता को कुंवरपुर रोड के पास दरवेशाबाद गांव के समीप स्थित एक चक्की कारखाने में गुरुवार की रात बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इस मामले में पुलिस ने मनोज वर्मा, रमाकांत शुक्ला और अश्विनी कुमार नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर जब्त किया, कारखाने को सील किया और आरोपियों के कपड़ों और अन्य साक्ष्यों के डीएनए परीक्षण के लिए नमूने भी सुरक्षित किए हैं।
जब ये घटना सामने आई तो BJP के स्थानीय मंडल अध्यक्ष श्वेता शुक्ला ने बताया कि मनोज वर्मा की कथित संलिप्तता पार्टी और समाज के लिए “अक्षम्य” है, और इसी वजह से जिलाध्यक्ष की सिफारिश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।वहीं, इस मामले की मौजूदा स्तिथि के मुताबिक मामला अभी कोर्ट में चल रहा है।
तो ये थे BJP के वो 5 नेता जिनपर यौन शोषण का आरोप लगा है। ऐसे में अंत में एक सवाल यही है कि क्या बेटी बचाओ का जो नारा है, वो फुस्स होता दिख रहा है।