BharatPe: अश्नीर ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन को तब असुविधा का सामना करना पड़ा  [Wikimedia Commons]
राष्ट्रीय

एयरपोर्ट पर रोके गए, BharatPe के पूर्व CEO, पत्नी संग जा रहे थें न्यूयॉर्क

दिल्ली उच्च न्यायालय में ईओडब्ल्यू द्वारा दायर एक स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपियों ने भर्ती कार्य के लिए कमीशन के भुगतान के लिए भारतपे के खातों से धन स्थानांतरित करने के लिए कथित तौर पर पिछली तारीख के चालान का इस्तेमाल किया।

Author : Sarita Prasad

भारत-पे (BharatPe) के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) और उनकी पत्नी माधुरी जैन (Madhuri Jain) को तब असुविधा का सामना करना पड़ा जब उन्हें दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रोक दिया गया। शुक्रवार को पुलिस की ओर से बताया गया कि उनके खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर के तहत ऐसा किया गया है। खबर की पुष्टि करते हुए समाचार एजेंसी आईएनसी के संयुक्त पुलिस आयुक्त सिंधु पिल्लई ने बताया कि उन्हें आईओडब्ल्यू की ओर से जारी एलओसी पर गुरुवार रात हवाई अड्डे पर रोक दिया गया था। हालांकि उन्होंने और अधिक जानकारी सांझा करने से इनकार किया। तो चलिए आपको विस्तार से बताते हैं कि आखिर यह मामला है क्या और क्यों भारतपे के पुर्व सीईओ को इस प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

क्यों रोका गया अश्नीर ग्रोवर को

सूत्रों के मुताबिक भारतपे पर कथित धोखाधड़ी की जांच में ग्रोवर उनकी पत्नी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा कथित तौर पर एचआर फार्मो को किए गए अस्पष्टीकृत भुगतान का खुलासा हुआ।

ग्रोवर उनकी पत्नी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा कथित तौर पर एचआर फार्मो को किए गए अस्पष्टीकृत भुगतान का खुलासा हुआ।

दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi Heigh Court) में ईओडब्ल्यू द्वारा दायर एक स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपियों ने भर्ती कार्य के लिए कमीशन के भुगतान के लिए भारतपे के खातों से धन स्थानांतरित करने के लिए कथित तौर पर पिछली तारीख के चालान का इस्तेमाल किया। अर्थात लुक आउट सर्कुलर के आधार पर ग्रोवर और उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क जाने से रोक दिया गया। इस घटना के बाद अश्नीर ग्रोवर ने बताया कि वह मई में आईओडब्लू द्वारा मामला दर्ज करने के बाद से चार बार विदेश यात्रा कर चुके हैं और वापस भी लौटे हैं। FIR में उनकी पत्नी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी हैं, जिसमें आपराधिक साजिश और विश्वास का उल्लंघन और जालसाजी जैसे आरोप शामिल है।

71.76 करोड़ की हेरा फेरी का है आरोप

कथित फर्जी फर्मों को 7.6 करोड रुपए का भुगतान किया गया।

फर्जी लेनदेन के माध्यम से 71.76 करोड़ की हेरा फेरी की गई है।

वस्तु एवं सेवा कर अधिकारियों को जमाने के रूप में 1.66 करोड़ का भुगतान किया गया। कथित तौर पर अन्य फर्जी लेनदेन के माध्यम से 71.76 करोड़ की हेरा फेरी की गई है। दोषी पाए जाने पर आरोपी को 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है, ग्रोवर पर इन्हीं पैसों की हेरा फेरी करने के आरोप लगे हैं। आपको बता दें ग्रोवर की पत्नी माधुरी जैन भारतपे की पूर्व नियंत्रण प्रमुख है उसे पिछले साल नौकरी से निकाल दिया गया था और ग्रोवर ने इसके तुरंत बाद ही सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया था।