एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, देवेन्द्र फडणवीस बने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, देवेन्द्र फडणवीस (IANS)
राजनीति

एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, देवेन्द्र फडणवीस बने उपमुख्यमंत्री

शिंदे खेमा जोर देकर कह रहा है, "यह सवाल नहीं है कि असली शिवसेना कौन है। हमारे पास कानूनी बहुमत है और इसलिए हमारा विधायक दल है।"

न्यूज़ग्राम डेस्क

बीते गुरुवार हर कोई आश्चर्य में डूब हुआ था जब यह खबर सामने आई कि एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे। दूसरी तरफ शिंदे के खेमे खड़े शिवसेना के सभी बागी नेता बल्ले-बल्ले करने लगे। इसीके साथ एकनाथ शिंदे ने 31 महीने पुरानी उद्धव ठाकरे सरकार को सत्ता से बेदखल करते हुए 'स्वाभाविक सहयोगी' भाजपा के साथ हाथ मिलकर महाराष्ट्र के 20वें मुख्यमंत्री बन गए।

इस बड़ी फेर-पलट से भारी राजनीति के 10 अपडेट्स पढ़ते हैं:

  1. 2 जुलाई से शुरू होगा महाराष्ट्र विधायिका का दो दिवसीय विशेष सत्र। और इसी बीच शिंदे की गोवा में अपने साथी बागी मंत्रियों के बीच वापसी हो चुकी है।

  2. जिनपर सभी की मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर आँखें टिकी हुई थीं, वह भाजपा के देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और 3 घंटे बाद ही ऐलान कर दिया कि वो सरकार से बाहर रहते हुए यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकार सुचारु रूप से पाठ पर आगे बढ़े।

  3. देवेंद्र फडणवीस को "बड़ा दिल" वाला बताते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि फडणवीस का यह निर्णय महाराष्ट्र के प्रति उनके सच्चे समर्पण और सेवा को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने विश्वास दिलाते हुए कहा कि भाजपा अपने पूरे समर्थन के साथ श्री शिंदे के साथ खड़ी है।

  4. एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, देवेंद्र फडणवीस और अन्य भाजपा नेताओं को धन्यवाद देते हुए कहा, "यह उनकी उदारता है। उनके पास एक बड़ा जनादेश था, फिर भी उन्होंने मुझे मुख्यमंत्री बनाया। भला ऐसा कौन करता है?"

  5. इस सबके बीच अनुभवी राजनेता शरद पवार, जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख थे, जो उद्धव ठाकरे सरकार का हिस्सा थे, समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा बार-बार कहा गया कि श्री फडणवीस काभी भी नंबर दो के पद को "खुशी से" नहीं अपना सकते।

  6. उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के 24 घंटे के अंदर ही एकनाथ शिंदे ने मुंबई के राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली।

  7. दरअसल उद्धव ठाकरे का इस्तीफा बुधवार को आया। यह इस्तीफा शिंदे और उनके साथ कम से कम 39 विधायकों के द्वारा विद्रोह करने के कुछ दिन बाद आया। शिंदे और उनके गुट ने आरोप लगाया गया था कि उद्धव ठाकरे ने शिवसेना विधायकों कांग्रेस और राकांपा के साथ गठबंधन समाप्त कर देने की मांग को नजरअंदाज कर दिया था।

  8. इसपर देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा कि शिवसेना ने उनके साथ खड़ा होना चुना जिनके खिलाफ बालासाहेब ने जीवन भर खड़े रहे। उन्होंने आगे कहा कि यह शिवसेना द्वारा जनादेश का अपमान था।

  9. अब शिंदे खेमा जोर देकर कह रहा है, "यह सवाल नहीं है कि असली शिवसेना कौन है। हमारे पास कानूनी बहुमत है और इसलिए हमारा विधायक दल है।"

  10. एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे का नाम लिए बिना ही उनको आत्मनिरीक्षण की सलाह दे डाली। उन्होंने कहा, "राज्य के विकास के लिए 50 विधायकों के समर्थन से निर्णय लिया गया और इसमें कोई व्यक्तिगत हित शामिल नहीं था।" शिंदे ने आगे कहा, "जब 50 विधायक एक साथ एक ही निर्णय लेते हैं तो यह सरकार को आत्मनिरीक्षण करने की तरफ इशारा करता है।"

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