Saturday, June 12, 2021
Home दुनिया कई दशक बाद अमेरिका में वार्षिक जन्मदर में गिरावट!

कई दशक बाद अमेरिका में वार्षिक जन्मदर में गिरावट!

अमेरिका में वार्षिक जन्मदर पिछले साल से 4 प्रतिशत गिर गई है। इस बदलाव को कई दशकों बाद सबसे बड़ी वार्षिक गिरावट मानी जा रही है।

अमेरिका (America) में वार्षिक जन्मदर पिछले साल से 4 प्रतिशत गिर गई है। इस बदलाव को कई दशकों बाद सबसे बड़ी वार्षिक गिरावट मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वार्षिक जन्मदर में पहले से ही गिरावट का ट्रेंड दिख रहा है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की ओर से गुरुवार को जारी किए गए ताजा प्रोविजनल डेटा में बताया गया है कि लगातार छठे साल साल 2020 में वार्षिक जन्मदर में गिरावट आई है।

वर्ष के अंतिम भाग में सबसे बड़ी गिरावट तब हुई, जब अमेरिका में कोरोना (Corona) प्रकोप के दौरान गर्भ धारण करने वाले शिशुओं का जन्म हुआ।

कोरोना महामारी से पहले, अमेरिकी महिलाओं को पहले से ही कम बच्चे थे। उनमें से कई उम्र के पड़ाव में बाद में बच्चे चाहती थीं या उनको संतान सुख हासिल नहीं करना था। नए जारी किए गए आंकड़ों ने उस प्रवृत्ति को तेज करने का संकेत दिया है।

सीडीसी ने खुलासा किया कि अमेरिका की वार्षिक जन्मदर सभी नस्लों और लगभग सभी आयु समूहों में गिर गई है।

Womens
कोरोना महामारी से पहले, अमेरिकी महिलाओं को पहले से ही कम बच्चे थे। (Pexel)

मोटे तौर पर 33.6 लाख शिशुओं का जन्म अमेरिका में 2020 में हुआ था, जबकि साल 2019 में उनकी संख्या करीब 37. 5 लाख थी।

मैरीलैंड विश्वविद्यालय के समाजशास्त्री फिलिप एन कोहेन का कहना है ” यह 1979 के बाद से जन्मों की सबसे कम संख्या है और प्रतिशत के लिहाज से जन्म के समय की सबसे बड़ी एक साल की गिरावट भी है। साल 1965 के बाद से, जिस साल बेबी बूम खत्म हुआ । ”

वाशिंगटन (Washington) पोस्ट ने गुरुवार को एक रिपोर्ट में कहा, हालांकि महामारी ने गिरावट को तेज कर दिया होगा, लेकिन इसका कारण सिर्फ यह नहीं था, महामारी से पहले दशकों से मंदी चल रही थी।

1957 में एक ओर जहां जन्मदर 3.77 फीसदी थी तो पिछले साल महामारी की शुरूआत से पहले जन्म प्रति महिला 1.73 फीसदी तक पहुंच गया था।

यह भी पढ़ें :- अमेरिका में बढ़ रहे हैं एशियाई लोगों पर हमले : पैनल

वार्षिक जन्मदर 1980 में थोड़ा कम हुआ , एक दशक बाद थोड़ा बढ़ा और तब से लगातार गिरावट जारी है।

द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक इतने सारे तरीकों से अमेरिकी समाज को बाधित करके, महामारी ने कुछ लोगों को योजनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रेरित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि नौकरी जाने, बच्चों के देखभाल केंद्र का बंद होना और स्कूलों और सामाजिक अलगाव की वजह से वक्त अधिक चुनौतीपूर्ण होने की संभावना के अनुसार अमेरिकी समाज प्रभावित हो रही है और वार्षिक जन्मदर गिर रही है। (आईएएनएस-SM)

POST AUTHOR

न्यूज़ग्राम डेस्क
संवाददाता, न्यूज़ग्राम हिन्दी

जुड़े रहें

7,623FansLike
0FollowersFollow
177FollowersFollow

सबसे लोकप्रिय

धर्म निरपेक्षता के नाम पर हिन्दुओ को सालों से बेवकूफ़ बनाया गया है: मारिया वर्थ

यह आर्टिक्ल मारिया वर्थ के ब्लॉग पर छपे अंग्रेज़ी लेख के मुख्य अंशों का हिन्दी अनुवाद है।

विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसे बहा रही केजरीवाल सरकार, कपिल मिश्रा ने लगाया आरोप

पिछले 3 महीनों से भारत, कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। इन बीते तीन महीनों में, हम लगातार राज्य सरकारों की...

भारत का इमरान को करारा जवाब, दिखाया आईना

भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण पर आईना दिखाते हुए करारा जवाब दिया...

जब इन्दिरा गांधी ने प्रोटोकॉल तोड़ मुग़ल आक्रमणकारी बाबर को दी थी श्रद्धांजलि

ये बात तब की है जब इन्दिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री हुआ करती थी। वर्ष 1969 में इन्दिरा गांधी काबुल, अफ़ग़ानिस्तान के...

दिल्ली की कोशिश पूरे 40 ओवर शानदार खेल खेलने की : कैरी

 दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने कहा है कि टीम के लिए यह समय है टूर्नामेंट में दोबारा शुरुआत करने का।...

गाय के चमड़े को रक्षाबंधन से जोड़ने कि कोशिश में था PETA इंडिया, विरोध होने पर साँप से की लेखक शेफाली वैद्य कि तुलना

आज ट्वीटर पर मचे एक बवाल में PETA इंडिया का हिन्दू घृणा खुल कर सबके सामने आ गया है। ये बात...

दिल्ली दंगा करवाने में ‘आप’ पार्षद ताहिर हुसैन ने खर्च किए 1.3 करोड़ रूपए: चार्जशीट

इस साल फरवरी में हुए हिन्दू विरोधी दिल्ली दंगों को लेकर आज दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल किया।...

क्या अमनातुल्लाह खान द्वारा लिया गया ‘दान’, दंगों में खर्च हुए पैसों की रिकवरी थी? बड़ा सवाल!

फरवरी महीने में हुए दिल दहला देने वाले हिन्दू विरोधी दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस आक्रमक रूप से लगातार कार्यवाही कर रही...

हाल की टिप्पणी