Wednesday, September 23, 2020
Home ट्रेंड सुशांत की मौत का एक लॉजिकल एंड बहुत जरूरी है: अनुपम खेर

सुशांत की मौत का एक लॉजिकल एंड बहुत जरूरी है: अनुपम खेर

"एक सह-कलाकार होने के नाते, एक को-ऐक्टर होने के नाते, एक इंसान होने के नाते, वह किसी का बेटा है, किसी का भाई है। हम सबने उसकी प्रशंसा की है और उसने बहुत अच्छा काम किया है।

बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने सुशांत सिंह राजपूत के मौत पर खुल कर बात की। उन्होंने कहा कि इतने उतार-चढ़ाव के बाद अब यह केस निर्णायक अंत तक पहुंचना चाहिए। क्योंकि उनके परिवार और फैंस को सच जानने का हक है। उन्होंने मंगलवार को ट्वीट किया, “सुशांत के परिवार और फैंस को सच जानने का हक है। इतना कुछ कहा जा चुका है, इतनी सारी साजिशों की बातें चल रही हैं, लेकिन कौन किस साइड है, मुद्दा अब यह नहीं रहा, अब यह केस निर्णायक अंत तक पहुंचना चाहिए। हमें सच जानना है। हैशटैग जस्टिस फॉर सुशांत।”

दिग्गज अभिनेता ने एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, “सुशांत सिंह राजपूत की मौत का किस्सा 14 जून से अब तक जहां पहुंचा है, इतने उतार-चढ़ाव के बाद तो इस पर न बोलना आंख मूंदने वाली बात है। बहुत दिनों तक मैंने नहीं बोला है या शायद बहुत से लोग नहीं बोलना चाह रहे क्योंकि समझ नहीं आ रहा कि क्या बोलें लेकिन अब जो स्थिति एक नजर आ रही है, उसमें बिना किसी को दोष दिए हुए इतना तो हमारा फर्ज बनता है कि हम उसको एक लॉजिकल एंड तक लेकर जाएं।”

उन्होंने कहा, “एक सह-कलाकार होने के नाते, एक को-ऐक्टर होने के नाते, एक इंसान होने के नाते, वह किसी का बेटा है, किसी का भाई है। हम सबने उसकी प्रशंसा की है और उसने बहुत अच्छा काम किया है। इस समय चुप रहना, जरूरी नहीं है कि हमें किसी को क्रिटिसाइज करना है। उसकी मौत का एक लॉजिकल एंड बहुत जरूरी है। यह कैसे हो सकता है, इसमें कौन कसूरवार है, और कौन नहीं है, यह फैसला तो होना ही चाहिए। न केवल मेरा, न उसके फैंस का, 50 हजार थ्योरी हैं, हम उससे एग्री करें या ना करें, लेकिन उनके परिवार, रिश्तेदार इंसाफ के लिए लड़ रहे हैं। उनको तो हमको महसूस कराना चाहिए की हम उनके साथ हैं। आंख मूंदना तो कायरता की निशानी है और कायर होना अच्छी बात नहीं है।” (आईएएनएस)

POST AUTHOR

न्यूज़ग्राम डेस्क
संवाददाता, न्यूज़ग्राम हिन्दी

जुड़े रहें

6,023FansLike
0FollowersFollow
162FollowersFollow

सबसे लोकप्रिय

धर्म निरपेक्षता के नाम पर हिन्दुओ को सालों से बेवकूफ़ बनाया गया है: मारिया वर्थ

यह आर्टिक्ल मारिया वर्थ के ब्लॉग पर छपे अंग्रेज़ी लेख के मुख्य अंशों का हिन्दी अनुवाद है।

विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसे बहा रही केजरीवाल सरकार, कपिल मिश्रा ने लगाया आरोप

पिछले 3 महीनों से भारत, कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। इन बीते तीन महीनों में, हम लगातार राज्य सरकारों की...

क्या अमनातुल्लाह खान द्वारा लिया गया ‘दान’, दंगों में खर्च हुए पैसों की रिकवरी थी? बड़ा सवाल!

फरवरी महीने में हुए दिल दहला देने वाले हिन्दू विरोधी दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस आक्रमक रूप से लगातार कार्यवाही कर रही...

दिल्ली दंगा करवाने में ‘आप’ पार्षद ताहिर हुसैन ने खर्च किए 1.3 करोड़ रूपए: चार्जशीट

इस साल फरवरी में हुए हिन्दू विरोधी दिल्ली दंगों को लेकर आज दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल किया।...

गाय के चमड़े को रक्षाबंधन से जोड़ने कि कोशिश में था PETA इंडिया, विरोध होने पर साँप से की लेखक शेफाली वैद्य कि तुलना

आज ट्वीटर पर मचे एक बवाल में PETA इंडिया का हिन्दू घृणा खुल कर सबके सामने आ गया है। ये बात...

रियाज़ नाइकू को ‘शिक्षक’ बताने वाले मीडिया संस्थानो के ‘आतंकी सोच’ का पूरा सच

कौन है रियाज़ नायकू? कश्मीर के आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी कमांडर बुरहान वाणी 2016 में ...

जब इन्दिरा गांधी ने प्रोटोकॉल तोड़ मुग़ल आक्रमणकारी बाबर को दी थी श्रद्धांजलि

ये बात तब की है जब इन्दिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री हुआ करती थी। वर्ष 1969 में इन्दिरा गांधी काबुल, अफ़ग़ानिस्तान के...

“कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया..” के सदाबहार गायक जसपाल सिंह की कहानी

“कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया” इस गाने को किसने नहीं सुना होगा। अगर आप 80’ के दशक से हैं...

हाल की टिप्पणी