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मनोरंजन

रहस्य गहरा है मगर कब तक, यह समय जानता है..

बॉलीवुड को दलदल के समान कहा गया है और जो इस शौहरत और पैसों से भरे दलदल में कूदता है या तो बड़ा नाम लेकर निकलता है या आरोप लेकर।

पायल घोष, अभिनेत्री (Payal Ghosh, Twitter)

बॉलीवुड का नाम फिर से सुर्ख़ियों में है, अच्छे कामों के लिए नहीं बल्कि भाई-भतीजावाद और #MeToo की वजह से। सुशांत सिंह राजपूत के मौत के बाद न जाने कितने ही बॉलीवुड और उसके पीछे छुपे काले सच का पर्दाफाश एका-एक होने लगा। सबको यह पता लगने लगा कि बॉलीवुड में भी कई गुट बंटे हुए हैं और हर गुट दूसरों से खुद को ज़्यादा आंकता है। 

ड्रग्स या नशे के लिए बॉलीवुड पर पहले भी सवाल उठें हैं और न जाने कितने ही वीडियो और फोटोस अलग अलग सोशल मीडिया पर मौजूद है जिसमे फ़िल्मी जगत के कई सितारे शौहरत और वास्तविक नशें में चूर देखे जा सकते हैं।


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क्या यही सच है बॉलीवुड का ? क्या इंडस्ट्री के लोगों द्वारा बॉलीवुड के खिलाफ बोलना थाली में छेद करने जैसा है? क्यूंकि समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन के बोल और लहज़े से यही प्रतीत होता है कि बॉलीवुड के काले सच को जो भी सामने लाएगा या तो वह ‘जिस थाली में खाते हैं उसी में छेद करता’ हैं या बॉलीवुड में उनकी कोई औकात नहीं है। 

अब फिर से बॉलीवुड के काले और घिनोने सच का खुलासा हुआ है, बॉलीवुड अभिनेत्री पायल घोष ने जाने माने फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप पर योन शोषण का आरोप लगाया है। पायल ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री मोदी और पिएमओ को टैग करते हुए लिखा कि “अनुराग कश्यप ने मुझे बुरी तरह मजबूर किया है। नरेंद्र मोदी जी, कृपया कार्रवाई करें और देश को इस रचनात्मक आदमी के पीछे दानव को देखने दें। मैं जानती हूं कि यह मुझे नुकसान पहुंच सकता है और मेरी सुरक्षा खतरे में है। मदद करें!” जिसके बाद ट्विटर पर और अन्य मीडिया मंचों पर भूचाल जैसा आ गया। जिसके बाद राष्ट्रिय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने उन्हें ट्ववीट कर कहा की “आप एक शिकायत पत्र भेजें और महिला आयोग इसका संज्ञान लेगी।”

अनुराग कश्यप, फिल्म निर्देशक (Wikimedia Commons)

आप को बता दें की अनुराग कश्यप ने उमर खालिद की गिरफ़्तारी को प्रजातंत्र पर धब्बा कहा था और कंगना रनौत ढोंगी होने का आरोप मढ़ा था।

बॉलीवुड के भीतर और क्या क्या रहस्य छुपे हैं, सब आहिस्ता-आहिस्ता बाहर आता दिख रहा है। 

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प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन (wikimedia commons)

हमारे देश में लव जिहाद के जब मामले आते है , तब इस मुद्दे पर चर्चा जोर पकड़ती है और देश कई नेता और जनता अपनी-अपनी राय को वयक्त करते है । एसे में एक प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन ने सोमवार को एक बयान दिया जिसमें उन्होनें कहा कि यह मुस्लिम समुदाय नहीं बल्कि ईसाई हैं जो देश में धर्मांतरण और लव जिहाद में सबसे आगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनडीए के सहयोगी और भारत धर्म जन सेना के संरक्षक वेल्लापल्ली नतेसन नें एक कैथोलिक पादरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी , जिसमे कहा गया था हिंदू पुरुषों द्वारा ईसाई धर्म महिलाओं को लालच दिया जा रहा है। नतेसन नें पाला बिशप जोसेफ कल्लारंगट की एक टिप्पणी जो कि विवादास्पद "लव जिहाद" और "मादक जिहाद" की भी जमकर आलोचना की और यह कहा कि इस मुद्दे पर "मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है"।

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महंत नरेंद्र गिरि (Wikimedia Commons)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को बाघंबरी मठ स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को जांच के बाद सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा ''यह एक दुखद घटना है और इसी लिए अपने संत समाज की तरफ से, प्रदेश सरकार की ओर से उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए में स्वयं यहाँ उपस्थित हुआ हूँ। अखाड़ा परिषद और संत समाज की उन्होंने सेवा की है। नरेंद्र गिरि प्रयागराज के विकास को लेकर तत्पर रहते थे। साधु समाज, मठ-मंदिर की समस्याओं को लेकर उनका सहयोग प्राप्त होता था। उनके संकल्पों को पूरा करने की शक्ति उनके अनुयायियों को मिले''

योगी आदित्यनाथ ने कहा '' कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था। एक-एक घटना के पर्दाफाश होगा और दोषी अवश्य सजा पाएगा। मेरी अपील है सभी लोगों से की इस समय अनावश्यक बयानबाजी से बचे। जांच एजेंसी को निष्पक्ष रूप से कार्यक्रम को आगे बढ़ाने दे। और जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा उसको कानून की तहत कड़ी से कड़ी सजा भी दिलवाई जाएगी।

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By: कम्मी ठाकुर, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तम्भकार, हरियाणा

केजरीवाल सरकार की झूठ, फरेब, धूर्तता और भ्रष्टाचार की पोल खोलता 'बोल रे दिल्ली बोल' गीतरुपी शब्दभेदी बाण एकदम सटीक निशाने पर लगा है। सुभाष, आजाद, भगतसिंह जैसे आजादी के अमर शहीद क्रांतिकारियों के नाम व चेहरों को सामने रखकर जनता को बेवकूफ बना सुशासन ईमानदारी और पारदर्शिता का सब्जबाग दिखाकर सत्ता पर काबिज हुए अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार आज पूरी तरह से मुस्लिम तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार, कुशासन एवं कुव्यवस्था के दल-दल में धंस चुकी है। आज केजरीवाल का चाल, चरित्र और चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। दिल्ली में कोविड-19 के दौरान डॉक्टरों सहित सैकड़ों विभिन्न धर्म-संप्रदाय के मेडिकल स्टाफ के लोगों ने बतौर कोरोना योद्धा अपनी जाने गंवाई थी। लेकिन उन सब में केजरीवाल के चश्मे में केवल मुस्लिम डॉक्टर ही नजर आया, जिसके परिजनों को 'आप सरकार' ने एक करोड़ की धनराशि का चेक भेंट किया। किंतु बाकी किसी को नहीं बतौर मुख्यमंत्री यह मुस्लिम तुष्टिकरण, असंगति, पक्षपात आखिर क्यों ?

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