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देश

क्या मनोरंजन ‘सेना’ से बड़ा है?

भारतीय सेना का मनोबल हम आम नागरिकों के हौंसले से बुलंद होता है। किंतु क्या बॉलीवुड यह बात भूल चुकी है? अनुराग कश्यप के नए वेब शो से यही प्रतीत होता है।

अनुराग कश्यप (Wikimedia Commons)

भारतीय सेना की तीनों भाग ‘जल, थल एवं नभ’ देश की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे तत्पर रहते हैं। तो यह हम आम नागरिकों का कर्त्तव्य बनता है कि हम उनका मनोबल बढ़ाएं न कि मनोरंजन और हवा-हवाई रुतबे के लिए उसको गिराने का प्रयास करें। किन्तु भारतीय मनोरंजन जगत समय-समय पर यह काम करता है। एक तरफ तो बॉलीवुड सर्जिकल स्ट्राइक पर फिल्म बनाकर वाह-वाहियाँ लूटता है तो दूसरी तरफ सेना की वर्दी पहने एक मशहूर कलाकार द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। यह दोहरा मापदंड क्यों?

हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर ने नेटफिल्क्स पर रिलीज़ हो चुकी वेब-शो का ट्रेलर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमे वह भारतीय वायु सेना की वर्दी पहनकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते नज़र आ रहे हैं। और ऐसा नहीं उस ट्रेलर में इस बात को एक बार किया गया है बल्कि कई बार देखा गया। जिस पर भारतीय वायु सेना के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस पर आपत्ति दर्ज कराई गई और इस विषय पर अनुराग कश्यप पर कठोर कदम उठाने का आश्वासन भी दिया।


भारतीय वायु सेना द्वारा लिखा गया कि ” वीडियो में भारतीय वायु सेना के वर्दी को गलत ढंग से पहना गया है और गलत भाषा का भी प्रयोग किया गया है। यह भारत के सशस्त्र बलों में उन लोगों के व्यवहार संबंधी मानदंडों के अनुरूप नहीं है। संबंधित दृश्यों को वापस लेने की आवश्यकता है।”

ऐसा पहली बार नहीं है जब बॉलीवुड ने सेना को गलत तरीके से प्रदर्शित किया है। इससे पहले भी ऑल्ट-बालाजी की मालकिन एकता कपूर को सेना की वर्दी को अभद्र दृश्य में इस्तेमाल करने के लिए माफ़ी मांगनी पड़ी थी। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुआ था। ऐसी ही एक फिल्म है ‘न्यूटन’ जिसमे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की छवि को गलत तरीके से दिखाया गया था। इस विषय में सीआरपीएफ ने आपराधिक मामला भी दर्ज कराया था।

यह भी पढ़ें: क्या आज हिंदुत्व की बात करना मतलब घृणा फैलाना है?

अनुराग कश्यप पहले भी भारतीय सेना के विषय में अजीबों-गरीब एवं विवादास्पद ट्वीट कर चुके हैं। जैसे कि-

जिसमे वह सवाल कर रहे हैं कि क्या चीन के पास सर्जिकल स्ट्राइक का अधिकार नहीं है? यह ट्वीट तब किया गया जब भारत चीन में विवाद चरम पर था। इस ट्वीट का यह मतलब निकाला गया कि अनुराग कश्यप चीनी सैनिकों को भारतीय सेना पर आक्रमण न करने पर सवाल उठा रहे हैं। आपको याद होगा कि 11 जनवरी 2019 को भारत के वीर सैनिकों ने पाकिस्तान में पल रहे आतंकवादियों को घर में घुस कर मारा था। तो क्या अनुराग उस समय भारतीय सेना को आतंकवादी बता रहे थे? पहले सर्जिकल स्ट्राइक और अब भारतीय वायुसेना का अपमान, यह कब तक?

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(NewsGram Hindi)

देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत(General Bipin Rawat) 13 अन्य लोगों के साथ 9 दिसम्बर के दिन कुन्नूर के पहाड़ियों में हुए भीषण हेलीकाप्टर क्रैश में शहीद हो गए थे, जिनमें उनकी पत्नी मधुलिका रावत भी शामिल थीं। इस घटना ने न केवल देश को आहत किया, बल्कि विदेशों में भी इस खबर की खूब चर्चा रही। देश के सभी बड़े पदों पर आसीन अधिकारी एवं सेना के वरिष्ठ अफसरों ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया।

जनरल बिपिन रावत(General Bipin Rawat) भारतीय सेना में 43 वर्षों तक अनेकों पदों पर रहते हुए देश की सेवा करते रहे और जिस समय उन्होंने अपना शरीर त्यागा तब भी वह भारतीय सेना के वर्दी में ही थे। उनके निधन के बाद देश में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। मीडिया रिपोर्ट्स में वह लोग जिनसे कभी जनरल बिपिन रावत मिले भी नहीं थे, उनके आँखों में भी यह खबर सुनकर अश्रु छलक आए। देश के सभी नागरिकों ने जनरल बिपिन रावत(General Bipin Rawat), उनकी पत्नी सहित 13 अफसरों की मृत्यु पर एकजुट होकर कहा कि यह देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। आपको बता दें कि जनरल रावत के नेतृत्व में भारतीय सेना ने अनेकों सफल सैन्य अभियानों अंजाम तक पहुँचाया, जिससे भारत का कद न केवल आतंकवाद के खिलाफ मजबूत हुआ, बल्कि इसका डंका विदेशों में भी सुना गया।

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(NewsGram Hindi)

बीते एक साल से जिन तीन कृषि कानूनों पर किसान दिल्ली की सीमा पर और देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे थे, उन कानूनों को केंद्र ने वापस लेने का फैसला किया है। आपको बता दें कि केंद्र के इस फैसले से उसका खुदका खेमा दो गुटों में बंट गया है। कोई इस फैसले का समर्थन कर रहा है, तो कोई इसका विरोध कर रहा है। किन्तु यह सभी जानते हैं कि वर्ष 2022 में 6 राज्यों में विधानसभा चुनाव 2022 आयोजित होने जा रहे हैं, जिनमें शमिल हैं उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल-प्रदेश, और गोवा। और यह चुनाव सीधे-सीधे भाजपा के लिए नाक का सवाल है, वह भी खासकर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में।

उत्तर प्रदेश एवं पंजाब का चुनावी बिगुल, चुनाव से साल भर पहले ही फूंक दिया गया था। और अब केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानून पर लिए फैसले का श्रेय अन्य राजनीतिक दल लेने में जुटे हैं। विपक्ष में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को इस फैसले का ताज पहनाना चाहते हैं, तो कुछ विपक्षी दल अपने-अपने सर पर यह ताज सजाना चाहते हैं। मगर इन सभी का लक्ष्य एक ही है 'विधानसभा चुनाव 2022'।

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भारत में आधुनिक लिबरल संस्कृति ने, हिन्दुओं को कई गुटों में बाँट दिया है। कोई इस धर्म को पार्टी से जोड़ कर देखता है या किसी को यह धर्म ढोंग से भरा हुआ महसूस होता है। किन्तु सत्य क्या है, उससे यह सभी लिब्रलधारी कोसों दूर हैं। यह सभी उस भेड़चाल का हिस्सा बन चुके हैं जहाँ आसिफ की पिटाई का सिक्का देशभर में उछाला जाता है, किन्तु बांग्लादेश में हो रहे हिन्दुओं के नरसंहार को, उनके पुराने कर्मों का परिणाम बताकर अनदेखा कर दिया जाता है। यह वह लोग है जो इस्लामिक आतंकवादियों पर यह कहते हुए पल्ला झाड़ लेते हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, लेकिन जब आतंकी बुरहान वाणी को सुरक्षा बलों द्वारा ढेर किया जाता है तो यही लोग उसे शहीद और मासूम बताते हैं। ऐसे ही विषयों पर मुखर होकर अपनी बात कहने और लिखने वाली जर्मन लेखिका मारिया वर्थ(Maria Wirth) ने साल 2015 में लिखे अपने ब्लॉग में इस्लाम एवं ईसाई धर्म पर प्रश्न उठाते हुए लिखा था कि "OF COURSE HINDUS WON'T BE THROWN INTO HELL", और इसके पीछे कई रोचक कारण भी बताए थे जिनपर ध्यान केंद्रित करना आज महत्वपूर्ण है।

कुरान, गैर-इस्लामियों के विषय में क्या कहता है,

मारिया वर्थ, लम्बे समय से हिंदुत्व एवं सनातन धर्म से जुड़े तथ्यों को लिखती आई हैं, लेकिन 2015 में लिखे एक आलेख में उन्होंने ईसाई एवं इस्लाम से जुड़े कुछ ऐसे तथ्यों को उजागर किया जिसे जानना हम सबके के लिए आवश्यक है। इसी लेख में मारिया ने हिन्दुओं के साथ बौद्ध एवं अन्य धर्मों के लोगों को संयुक्त राष्ट्र में ईसाई एवं इस्लाम धर्म के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी और इसके पीछे उन्होंने यह कारण बताया कि ईसाई एवं इस्लाम दोनों ही धर्मों के बुद्धिजीवी यह मानते हैं कि गैर-ईसाई या गैर-मुस्लिम नर्क की आग में जलेंगे। इसका प्रमाण देते गए उन्होंने क़ुरान की वह आयत साझा की जिसमें साफ-साफ लिखा गया है कि " जो काफिर होंगे, उनके लिये आग के कपड़े काटे जाएंगे, और उनके सिरों पर उबलता हुआ तेल डाला जाएगा। जिस से जो कुछ उनके पेट में है, और उनकी खाल दोनों एक साथ पिघल जाएंगे; और उन्हें लोहे की छड़ों से जकड़ा जाएगा।" (कुरान 22:19-22)

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