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मनोरंजन

ग्रेमी अवार्ड में भारतीय संगीत की भी गूंज

एक बार फिर ग्रेमी अवार्ड में भारतीय धुनें नामांकित हुईं हैं। इस साल सितार वादक अनुष्का शंकर के एल्बम 'लव लेटर्स' को सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत एल्बम श्रेणी में नामित किया गया है।

सितार वादक अनुष्का शंकर(सोशल मीडिया)

एक बार फिर ग्रेमी अवार्ड में भारतीय धुनें नामांकित हुईं हैं। इस साल सितार वादक अनुष्का शंकर के एल्बम ‘लव लेटर्स’ को सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत एल्बम श्रेणी में नामित किया गया है। इसके लिए गायिका शिल्पा राव ने अनुष्का के साथ मिलकर काम किया है।

शिल्पा ने कहा, “अनुष्का शंकर को इस एल्बम में डाले गए आपके प्यार और कड़ी मेहनत के लिए शुक्रिया। इस खूबसूरत सहयोग के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। इस एल्बम का हिस्सा बनने वाले सभी लोगों के लिए प्यार। यह सपने के एक कदम और करीब है।”


भारत से जुड़ी सितारवादक-अभिनेता नेहा महाजन ने रिकी मार्टिन के एल्बम ‘पौसा’ के गीतों में से एक ‘मी सांग्रे’ के लिए काम किया है, इसे सर्वश्रेष्ठ लैटिन पॉप श्रेणी में नामांकित किया गया है।

इसी तरह मुंबई में जन्मी और अमेरिका में रहने वाली गायिका-गीतकार प्रिया दर्शिनी को बेस्ट न्यू एज एल्बम श्रेणी में पहला ग्रैमी नामांकन मिला है। उन्हें अपने डेब्यू एल्बम ‘पेरीफेरी’ के लिए नामांकित किया गया है। प्रिया ने अपनी एक इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “मैंने बचपन से इस दिन का सपना देखा लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझ जैसी एक तमिल लड़की के सपने सच भी हो सकते हैं, मुझे गलत साबित करने के लिए ब्रह्मांड का शुक्रिया अदा करती हूं।”

यह भी पढ़ें: गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए : अनुष्का शंकर

भारतीय अमेरिकी निर्माता विवेक जे. तिवारी को ब्रॉडवे हिट ‘लिटिल जेग्ड पिल’ के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत थिएटर एल्बम श्रेणी में नामित किया गया है। तिवारी संगीत के उन निमार्ताओं में से एक है, जिनका काम अलनीस मोरीसेट के क्लासिक काम पर आधारित है।

प्रियंका चोपड़ा से लेकर सुनिधि चौहान तक कई भारतीय सितारों ने अंतरराष्ट्रीय गायन में डेब्यू किया है लेकिन ग्रैमी पाने में असफल रहीं। क्या इसके पीछे यह कारण रहा कि उन्होंने पश्चिमी शैली में ही पश्चिमी गीत गाते हुए पश्चिमी दर्शकों का दिल जीतने की कोशिश की या फिर भारतीय शास्त्रीय संगीत विश्व स्तर पर अब और अधिक गूंज रहा है? इसका जबाव शायद दोनों में है।

इस बीच 2021 ग्रैमी अवार्डस के नामांकन में बेयॉन्से, टेलर स्विफ्ट और दुआ लिपा भी शामिल हैं। बेयॉन्से 2021 ग्रैमी अवार्डस में 9 नामांकन मिले हैं वहीं बाकी दोनों को 6-6 नामांकन मिले हैं।

बता दें कि 63 वें ग्रैमी पुरस्कार 31 जनवरी, 2021 को आयोजित किए जाएंगे और यह वीएच1 इंडिया पर भारत में इनका सीधा प्रसारण होगा।(आईएएनएस)

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आईपीयू की 143वीं असेम्बली बैठक में भारत की दिया कुमारी ने रखा भारत का पक्ष।(सांकेतिक चित्र, Pixabay)

अंतर-संसदीय संघ आईपीयू की 143वीं असेम्बली बैठक में बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े मुद्दे पर भारतीय महिला संसदों के दल ने हिस्सा लिया। स्पेन के मैड्रिड में आईपीयू की 143वीं असेंबली के दौरान आयोजित महिला सांसद पूनम बेन मादाम और दीयाकुमारी के फोरम के 32वें सत्र को संबोधित किया।

इस दौरान सांसद दीयाकुमारी ने कहा कि जहां सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) अवसरों के नए रास्ते खोलती है, वहीं वे बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार सहित चुनौतियों, खतरों और हिंसा के नए रूपों को भी जन्म देती हैं। भारत में ऑनलाइन बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार से निपटने के लिए कड़े उपाय हैं।

सांसद दीया ने कहा कि भारत ने वर्ष 2000 में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम बनाया था और समय-समय पर इसमें संशोधन किया है। यह अश्लील सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रकाशित करने और प्रसारित करने पर रोक लगाता है और अधिनियम के विभिन्न वर्गों में उल्लंघन के लिए दंडात्मक प्रावधान भी निर्धारित करता है। उन्होंने आईटी इंटरमीडियरीज गाइडलाइंस रूल्स, 2011 के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट पर भी विचार व्यक्त किये। भारतीय दल ने कहा कि केवल कानूनी प्रावधान और उनका सख्ती से क्रियान्वयन ही काफी नहीं है, ऑनलाइन यौन शोषण से बच्चों को बचाने के लिए विशेष नीतियों की आवश्यकता है।

अंतर-संसदीय संघ आईपीयू की 143वीं असेम्बली में भारत का दल।(IANS)

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भारत ने रूस और चीन से कहा कि अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।(IANS)

भारत ने रूस और चीन से कहा कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों द्वारा अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। RIC Meeting त्रिपक्षीय ढांचे की 18 वीं बैठक की अध्यक्षता के दौरान रखा, जो शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग पर हुई, जिसमें रूस और चीन के विदेश मंत्रियों सेर्गेई लावरोव और वांग यी ने भी भाग लिया।

जयशंकर ने अफगानिस्तान में समावेशी और प्रतिनिधि सरकार होने पर भारत के रुख को दोहराते हुए कहा, "RIC देशों के लिए आतंकवाद, कट्टरपंथ, मादक पदार्थों की तस्करी आदि के खतरों पर संबंधित दृष्टिकोणों का समन्वय करना आवश्यक है।" मंत्री ने मास्को और बीजिंग के अपने दो समकक्षों को बताया कि, अफगान लोगों की भलाई के लिए भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप, नई दिल्ली ने देश में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए अफगानिस्तान को 50,000 मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति की पेशकश की थी।

हालांकि, मानवीय पहल में रुकावट आ गई थी, क्योंकि बुधवार तक पाकिस्तान इस खेप को अपने क्षेत्र से गुजरने की अनुमति देने के लिए प्रतिबद्ध नहीं था। जयशंकर ने आज कहा, "RIC देशों को यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है कि मानवीय सहायता बिना किसी रुकावट और राजनीतिकरण के अफगान लोगों तक पहुंचे। एक निकट पड़ोसी और अफगानिस्तान के लंबे समय से साथी के रूप में, भारत उस देश में हाल के घटनाक्रमों, विशेष रूप से अफगान लोगों की पीड़ा के बारे में चिंतित है।"

तीनों मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि आरआईसी देशों के बीच सहयोग न केवल उनके अपने विकास में बल्कि वैश्विक शांति, सुरक्षा, स्थिरता में भी योगदान देगा। जयशंकर ने अपने संबोधन में, आरआईसी तंत्र के तहत यूरेशियन क्षेत्र के तीन सबसे बड़े देशों के बीच घनिष्ठ संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और राजनीति आदि क्षेत्रों में हमारा सहयोग वैश्विक विकास, शांति और स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।"

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वैज्ञानिको के अनुसार कोरोना का यह नया वैरिएंट डेल्टा वैरिएंट से भी ज़्यादा खतरनाक है। (Wikimedia Commons)

कोरोना(Corona) के कारण लगभग 18 से 20 महीने झूझने और घरों में बंद रहने के बाद दुनिया में अब ज़िन्दगी पटरी पर लौट रही है लेकिन अब दक्षिण अफ्रीका में पाए गए कोरोना के नए वैरिएंट ने अब दुनिया के कई देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। नए वैरिएंट का नाम बी.1.1.1.529 है। इस वैरिएंट के आने से वैज्ञानिको के बीच चिंता बढ़ गई है क्योंकि उनकी माने तो यह वैरिएंट डेल्टा प्लस वैरिएंट(Delta Plus Variant) से भी ज़्यादा खतरनाक है।

दक्षिण अफ्रीका(South Africa) में इस वैरिएंट के अब 100 मामले सामने आए हैं और अब यह धीरे-धीरे तेज़ी से फैलता जा रहा है।

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