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व्यक्ति विशेष

डॉ. ए.पी.जे अब्दुल कलाम के विचार

डॉ कलाम को सदा उनके सरल व्यक्तित्व के लिए जाना जाएगा। वह आखिरी क्षणों तक भी युवाओं के बीच रहे और अपने ज्ञान का प्रचार प्रसार करते रहे। आज उनके 90वें जन्मदिन पर उनकी कही कुछ बातों को दोहराते हैं।

मिसाइल मैन एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे अब्दुल कलाम। (Wikimedia Commons)

'मिसाइल मैन' के नाम से विख्यात भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे अब्दुल कलाम(Dr. APJ Abdul Kalam) को अपने सरल व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। 15 अक्टूबर 1931, रामेश्वरम में जन्मे डॉ. कलाम(Dr. APJ Abdul Kalam) बहुत कम आयु में समझ गए थे कि उन्हें अपने परिवार की दिक्कतों को दूर करना है। डॉ. कलाम(Dr. APJ Abdul Kalam) ने सड़क किनारे जल रही बत्ती में बैठकर भी पढ़ा है। उनको 'जनवादी-राष्ट्रपति' कहा जाता था। उन्होंने दो बड़े अनुसंधानों में अपनी सेवा दी है, जिनमें रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) शामिल हैं।

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डॉ. कलाम(Dr. APJ Abdul Kalam) ने सदा ही युवा वर्ग को महत्व दिया है और कलाम ज़्यादातर उन्हीं के बीच रह कर युवा विचारों से जुड़े रहे। आज उनके जन्मदिन पर उनकी कही गई कुछ बातों को दोहराने की और अमल में लाने की कोशिश करते हैं।

उनके विचार
1. अपनी पहली जीत के बाद आराम मत करो, क्योंकि अगर आप दूसरी बार हारते हैं, तब लोगों को यह कहने का मौका मिल जाएगा कि पहली जीत सिर्फ एक इत्तेफाक थी…

(Wikimedia Commons)


2. सपने देखो, देखो और देखते रहो; क्योंकि जब सपने विचार में बदलते हैं, तब वह विचार आपके काम में दिखता है….

3. अगर किसी काम में सफल होना है, तब आपको एकाग्र रहकर अपने लक्ष्य पर ध्यान देना है…

4. यदि आप असफल हुए हैं, तब हार मत मानिए क्योंकि असफलता का मतलब है 'सीखने का पहला प्रयास'….

5. हम सभी के पास समान प्रतिभा नहीं है। लेकिन, हम सभी के पास अपनी प्रतिभा को विकसित करने का समान अवसर है…

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