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देश

दिव्यांगों में मुफ्त बांटा जाएगा आर्टिफिशियल लिम्ब

विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए नारायण सेवा संस्थान ने भारत में आर्टिफिशियल लिम्ब मेजरमेंट और डिस्ट्रीब्यूशन कैंप शुरू करने की घोषणा की है।

नारायण सेवा संस्थान ने भारत के 7 राज्यों में डिस्ट्रीब्यूशन कैंप शुरू करने की घोषणा की है। (Pixabay)

पोलियो के कारण जन्म से दिव्यांग हुए और विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए देश में चैरिटेबल अस्पताल चलाने वाले धर्मार्थ संस्था-नारायण सेवा संस्थान ने भारत के 7 राज्यों में आर्टिफिशियल लिम्ब मेजरमेंट और डिस्ट्रीब्यूशन कैंप शुरू करने की घोषणा की है।

राजस्थान के उदयपुर स्थित संस्थान ने कहा है कि कोविड-19 के दौरान 7 राज्यों में वरिष्ठ प्रोस्थेटिक्स और ऑर्थोटिक्स विशेषज्ञ टीम द्वारा आर्टिफिशियल लिम्ब मेजरमेंट और डिस्ट्रीब्यूशन कैंप का आयोजन किया जाएगा।


रविवार को जयपुर और दिल्ली में इन शिविरों का आयोजन वरिष्ठ प्रोस्थेटिक्स और ऑर्थोटिक्स विशेषज्ञ टीम के माध्यम से किया जाएगा, जहां पोलियो से प्रभावित लोगों का निरीक्षण किया जाएगा।

साथ ही उन लोगों की भी मदद की जाएगी जिन्होंने मधुमेह, दुर्घटनाओं आदि के कारण अपने पैर खो दिए हैं।

आगामी शिविर नई दिल्ली और राजस्थान सहित गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश में आयोजित किए जाएंगे।

पद्मश्री से सम्मानित नारायण सेवा संस्थान के कैलाश अग्रवाल ने कहा, “34 साल की यात्रा में नारायण सेवा संस्थान ने 42,02550 अलग-अलग व्यक्तियों की सुधारात्मक सर्जरी को सफलतापूर्वक संचालित किया है और 27,1153 व्हीलचेयर, 29,1539 बैसाखी और 35,2797 कैलिपर्स जरूरतमंदों में वितरित किया गया है।”

यह भी पढ़ें – बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए जारी हुआ टोल फ्री टेली नम्बर

नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा, “न्यू नॉर्मल में हम 7 राज्यों में आर्टिफिशियल लिम्ब मेजरमेंट और डिस्ट्रीब्यूशन कैंप का आयोजन कर रहे हैं, ताकि प्रत्येक वंचित और निराश्रितों की मदद कर उन्हें सशक्त बनाया जा सके। कोविड -19 के बीच, हम अलग-अलग तरह से दिव्यांगों को मुख्यधारा में लाने के लिए उन्हें श्रवण यंत्र, तिपहिया और व्हीलचेयर प्रदान करके उनकी आजीविका फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में, नारायण सेवा संस्थान ने निराश्रित और अभावग्रस्त लोगों के बीच 100 कृत्रिम अंगों को मुफ्त में वितरित किया है।” (आईएएनएस)

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रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है। (Pixabay)

एप्पल (Apple) कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस, एक आईफोन, एयरपोड्स और वॉच को पावर दे सकता है।

मैकरियूमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'पावर ऑन' न्यूजलेटर के लेटेस्ट एडीशन में मार्क गुरमन ने कंपनी की भविष्य की वायरलेस चाजिर्ंग तकनीक के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी का खुलासा किया।

उन्होंने लिखा, "मेरा यह भी मानना है कि एप्पल (Apple) छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है और यह एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां एप्पल के सभी प्रमुख उपकरण एक-दूसरे को चार्ज कर सकते हैं। कल्पना कीजिए कि एक आईपैड एक आईफोन चार्ज कर रहा है और फिर वह आईफोन एयरपोड्स या एक एप्पल घड़ी चार्ज कर रहा है।"

apple , wireless charger, Iphone, iPod Chargers एप्पल कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस को पावर दे सकता है। [Wikimedia Commons]

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झारखंड के नोआमुंडी में खदान की कमान महिलाओं के हाथ में सौंपेगी टाटा स्टील कंपनी। [Wikimedia Commons]

टाटा स्टील (Tata Steel) कंपनी झारखंड में लौह अयस्क की एक खदान की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथ में होगी। फावड़ा से लेकर ड्रिलिंग तक और डंपर चलाने से लेकर डोजर-शॉवेल जैसी हेवी मशीनों का संचालन कुशल महिला कामगारों के द्वारा किया जाएगा। नये साल यानी 2022 में पश्चिम सिंहभूम जिले की नोआमुंडी आयरन ओर माइन्स को पूरी तरह महिलाओं के हाथ में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। ऐसा प्रयोग देश में पहली बार हो रहा है।

टाटा स्टील (Tata Steel) के आयरन ओर एंड क्वेरीज डिविजन के महाप्रबंधक ए. के. भटनागर ने पत्रकारों को बताया कि नोआमुंडी स्थित कंपनी की आयरन ओर माइन्स में सभी शिफ्टों के लिए 30 सदस्यों वाली महिलाओं की टीम की तैनाती की जा रही है। खदान को स्वतंत्र रूप से महिलाओं के हाथों संचालित करने का यह टास्क कंपनी ने महिला सशक्तीकरण की परियोजना तेजस्विनी-2.0 के तहत लिया था और अब इसे सफलतापूर्वक लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

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इस साल देश में हिरासत में कुल 151 मौतें हुई हैं। (सांकेतिक चित्र, File Photo )

इस साल देश में हिरासत(police custody)में कुल 151 मौतें हुई हैं। केंद्र ने लोकसभा(Loksabha) में मंगलवार को यह जानकारी दी। बीजेपी सांसद वरुण गांधी के सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय(Nityanand Rai)ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के मुताबिक 15 नवंबर तक पुलिस हिरासत में मौत के 151 मामले दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत(police custody) में सबसे अधिक (26) मौतें हुईं हैं, उसके बाद गुजरात (21) और बिहार (18) का स्थान रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में 11-11 लोगों की मौत की खबर है।

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