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खेल

बबीता फोगाट कुश्ती तो लड़ेंगी, मगर अब राजनीति के अखाड़े में

अंतर्राष्ट्रीय रेसलर बबीता फोगट ने बुधवार को, हरियाणा के खेल विभाग के उप निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया है।

अंतर्राष्ट्रीय रेसलर बबीता फोगाट। (IANS, Twitter)

अंतर्राष्ट्रीय रेसलर बबीता फोगाट ने बुधवार को हरियाणा के खेल विभाग के उप निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले 2019 के विधानसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अभी उनके भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के तौर पर राज्य के उपचुनावों में मैदान में उतरने की संभावना है।

उन्होंने इस्तीफे के बाद मीडिया से कहा, “मैं राज्य में बड़ौदा विधानसभा उपचुनाव के अलावा बिहार के विधानसभा चुनाव अभियान में भी सक्रिय हिस्सा लेने जा रही हूं।”


बबीता और कबड्डी खिलाड़ी कविता देवी को 30 जुलाई को खेल विभाग में उप निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया था।

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2014 के राष्ट्रमंडल खेलों की विजेता बबिता 2019 के विधानसभा में दादरी से चुनाव हार गई थीं।

इससे पहले उन्होंने अपने पिता द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता महावीर सिंह फोगाट के साथ भाजपा में शामिल होने के एक दिन बाद 13 अगस्त, 2019 को पुलिस उप-निरीक्षक के पद से इस्तीफा दे दिया था।

हिंदी फिल्म ‘दंगल’ में अभिनेता आमिर खान ने महावीर फोगाट का किरदार निभाया था। फिल्म महावीर फोगाट और उनकी बेटियों रेसलर गीता और बबीता फोगाट के जीवन पर आधारित है। (आईएएनएस)

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वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे बड़े खिलाड़ी और कप्तान विराट कोहली ने गुरूवार को घोषणा की कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ेंगे। उनका ये एलान करोड़ो दिलो को धक्का देने वाला था क्योंकि कोहली को हर कोई कप्तान के रूप में देखना चाहता है । कई दिनों से चल रहे संशय पर विराम लगाते हुए कोहली ने आज ट्विटर के जरिए एक बयान में इसकी घोषणा की। कोहली ने बताया कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 के कप्तानी पद को छोड़ देंगे।

ट्वीट के जरिए उन्होंने इस यात्रा के दौरान उनका साथ देने के लिए सभी का धन्यवाद दिया। कोहली ने बताया कि उन्होंने यह फैसला अपने वर्कलोड को मैनेज करने के लिए लिया है। उनका वर्कलोड बढ़ गया था ।

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मंगल ग्रह की सतह (Wikimedia Commons)

मंगल ग्रह पर घर बनाने का सपना हकीकत में बदल सकता हैं। वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष यात्रियों के खून, पसीने और आँसुओ की मदद से कंक्रीट जैसी सामग्री बनाई है, जिसकी वजह से यह संभव हो सकता है। मंगल ग्रह पर छोटी सी निर्माण सामग्री लेकर जाना भी काफी महंगा साबित हो सकता है। इसलिए उन संसाधनों का उपयोग करना होगा जो कि साइट पर प्राप्त कर सकते हैं।

मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के अध्ययन में यह पता लगा है कि मानव रक्त से एक प्रोटीन, मूत्र, पसीने या आँसू से एक यौगिक के साथ संयुक्त, नकली चंद्रमा या मंगल की मिट्टी को एक साथ चिपका सकता है ताकि साधारण कंक्रीट की तुलना में मजबूत सामग्री का उत्पादन किया जा सके, जो अतिरिक्त-स्थलीय वातावरण में निर्माण कार्य के लिए पूरी तरह से अनुकूल हो।

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