बकरीद से पहले ट्रेंड हुआ #BakraLivesMatter!

लिब्रलधारियों और Peta India को बकरीद के दिन बड़ी संख्या में बकरों की हत्या में कोई अपराध नहीं दिख रहा है। इसलिए ट्रेंड हो रहा है #BakraLivesMatter!

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BakriId 2021: Peta India is being asked questions on #BakraLivesMatter!
(NewsGram Hindi, फोटो साभार: Canva)

बकरीद के एक दिन पहले #BakraLivesMatter सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। नेटिजन्स ने Peta India को टैग करते हुए तंज कसा है कि अब Peta India मूक-बधिर बनकर तमाशा देखेगा। वहीं कुछ लोग Peta India को सलाह भी दे रहे हैं कि उसके लिए कुछ अच्छा करने का सही मौका है। #BakraLivesMatter इस ट्रेंड को अच्छा समर्थन भी मिला है। इसी बीच हमारी नजर एक ट्वीट पर पड़ी जिसमें दैनिक भास्कर का लेख छपा था। उस लेख में लिखा था कि जैन संतों से प्रेरणा लेकर अब तक ऐसे 400 बकरों को ज्ञानचंद लुंकड़ बचा चुके हैं जिनकी बकरीद के दिन हत्या कर दी जानी थी।

एक और नेटिजन ने लिखा कि “त्योहार कोई भी हो, किसी भी धर्म का हो, लेकिन आपको ध्यान देना होगा कि किसी भी त्योहार से किसी भी जानवर को नुकसान न पहुंचे, खासकर #ईद-अलअधा में, क्योंकि #CowsLivesMatter #BakraLivesMatter”

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इसी बीच एक और रोचक ट्वीट पर हमारी नजर पड़ी जो बॉलीवुड और Peta India से जुड़ा हुआ था। इस ट्वीट में लिखा था कि “शिल्पा शेट्टी को Peta India द्वारा जानवरों के समर्थन के लिए आवाज उठाने पर पुरुस्कार दिया गया, (अगले फोटो में)वहीं पांच दिन बाद शिल्पा शेट्टी ने क्रिसमस पर टर्की बनाने की विधि यूट्यूब पर साझा की।”

आपको बता दें कि Peta India पर भेदभाव के आरोप पहले भी लग चुके हैं। वहीं दूसरी और जो लिब्रलधारी कांवड़ यात्रा को कोरोना विस्फोट बता रहे थे वह बकरीद को पाक और पवित्र बता रहे हैं। साथ ही तमिल-नाडु सरकार द्वारा तीन दिन के रियायत पर इसी तबके ने ताली पीटा था, जिस पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार को फटकार लगते हुए जवाब माँगा है।

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