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मनोरंजन

‘बाला’ खूबसूरती से पुरानी धारणाओं को तोड़ती है

आयुष्मान कहते हैं, "मैं सभी से कहना चाहता था कि वे सुंदरता को लेकर रूढ़िगत विचारों के झांसे में न आए, क्योंकि यह लोगों को आपस में बांटने का काम करता है।"

अभिनेता आयुष्मान खुराना फिल्म ‘बाला’ में मुख्य किरदार में थे। (Twitter)

आयुष्मान खुराना अभिनीत फिल्म ‘बाला’ एक साल पहले आज ही के दिन रिलीज हुई थी। इस फिल्म के माध्यम से लोगों को खुद से प्यार करने की बात कही गई, क्योंकि हर कोई अपने आप में खास और अनोखा है। अमित कौशिक के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आयुष्मान खुराना के अलावा भूमि पेडनेकर और यामी गौतम भी थीं।

फिल्म की कहानी वक्त से पहले गंजे हुए एक शख्स और सांवली रंगत को लेकर लोगों के मन में बसे पुराने विचारों के इर्द-गिर्द बुनी गई है।


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आयुष्मान कहते हैं, ‘बाला’ के साथ मैंने इस बात को सामान्य करने का प्रयास किया कि पूर्णता मानव निर्मित एक मिथक है और इससे इतना भेदभाव फैलता है कि दिल और घर दोनों टूट जाते हैं। इस फिल्म के माध्यम से मैं लोगों से बताना चाहता था कि वे खुद से प्यार करें क्योंकि हर कोई खास है, अपने आप में अनोखा है। मैं सभी से कहना चाहता था कि वे सुंदरता को लेकर रूढ़िगत विचारों के झांसे में न आए, क्योंकि यह लोगों को आपस में बांटने का काम करता है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने लोगों को यह बताने की कोशिश की कि तथाकथित पूर्णता का पीछा करना कितना घातक है और मुझे खुशी है कि दर्शकों ने फिल्म को इतना प्यार दिया।” (आईएएनएस)

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