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 विश्व स्वास्थ्य संगठन (World health organization) (डब्ल्यूएचओ) के ई-सिगरेट (E cigarette) और अन्य धूम्ररहित उत्पादों पर सांसदों द्वारा एक प्रस्ताव पारित किए जाने पर एशिया भर में लाखों लोग धूम्रपान करने के लिए मजबूर हो सकते हैं। कोअलिशन ऑफ एशिया पैसिफिक टोबैको हार्म रिडक्शन एडवोकेट्स (सीएपीएचआरए) ने शुक्रवार को यह बात कही। डब्ल्यूएचओ (WHO) की तंबाकू (Tobacco) नियामक समिति द्वारा प्रकाशित एक नई रिपोर्ट में लगभग सभी वाष्प या भांप के साथ उपयोग में लाई जाने वाले धुआं रहित सिगरेट (Cigarette) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है, विशेष रूप से तथाकथित ओपन सिस्टम (Open system) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है।


ओपन सिस्टम (खुली प्रणाली) एशिया भर में कई लोगों के लिए वैपिंग का पसंदीदा तरीका है और उपभोक्ता मैन्युअल तरीके से तरल को वाष्पीकृत होने के लिए रिफिल करता है।

डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार, यह प्रणाली उन पदार्थों को जोड़ने की अनुमति देती है, जो उत्पाद को अधिक हानिकारक बना सकते हैं।

सीएपीएचआरए की कार्यकारी समन्वयक नैन्सी लुकास ने एक बयान में कहा, “डब्ल्यूएचओ की नवीनतम सिफारिश सभी तर्क को धता बताती है।”

उन्होंने कहा, “अगर विभिन्न देश खुली-प्रणाली के वाष्प पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश को अपनाते हैं, तो पूर्व-धूम्रपान करने वालों के साथ-साथ अच्छी सार्वजनिक नीति की वर्षों की मेहनत बेकार हो जाएगी।”

धूम्रपान करने वालों को धूम्रपान और वैप छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए | (Pixabay)

नैन्सी ने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि वैपर्स फिर से सिगरेट शुरू कर देंगे, जिसके सबसे खराब परिणाम हो सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “किसी भी उत्पाद पर प्रतिबंध लगाना या सभी उभरते उत्पादों पर सिगरेट के नियम लागू करना कोई जवाब नहीं है। प्रतिबंध काला बाजारी को प्रोत्साहित करते हैं। बैन उचित उपभोक्ता संरक्षण की अनुमति नहीं देता है।”

सीएपीएचआरए सरकारों से सभी वाष्पशील उत्पादों के लिए साक्ष्य-आधारित, सामान्य ज्ञान नियमों (कॉमन सेंस रेगुलेशन) को अपनाने का आह्वान कर रहा है।

नैन्सी ने कहा, “पिछले हफ्ते ब्रिटेन की प्रमुख स्वास्थ्य एजेंसी पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (Public Health England) (पीएचई) ने निष्कर्ष निकाला कि निकोटीन वैपिंग उत्पाद धूम्रपान (Smoking) करने वालों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली सबसे लोकप्रिय साधन है।”

उन्होंने कहा, “एक तरफ तो आपके पास एक स्थानीय सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी है, जो सबूतों और तरीकों पर गौर कर रही है, जिसमें धूम्रपान करने वालों को धूम्रपान और वैप छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है, वहीं दूसरी तरफ आपके पास एक वैश्विक एजेंसी है, जो हर चीज के जवाब के लिए निषेध करने के अपने पुराने तरीकों पर विश्वास कर रही है।”

नैन्सी ने ई-सिगरेट (E cigarette) को लेकर डब्ल्यूएचओ का रवैया दुनिया भर में सिगरेट पीने वाले लाखों लोगों के लिए विनाशकारी करार दिया।

यह भी पढ़े :- पांचवां संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण ऑनलाइन महासभा केन्या की राजधानी नैरोबी में हुआ संपन्न !

सीएपीएचआरए ने यह भी कहा कि केवल उत्पादों को विनियमित करने के माध्यम से चीजें ठीक हो सकती हैं और धूम्रपान को रोकने के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित किया जा सकता है और इसके परिणामस्वरूप अच्छे सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। (आईएएनएस-SM)
 

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इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

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Credit- Wikimedia Commons

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वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

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Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

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