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भारतीय क्रिकेट टीम (Indian cricket team) के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (Hardik pandya) का कहना है कि जब वह बल्लेबाजी करने उतरते हैं तो एक सिर्फ और सिर्फ एक बल्लेबाज के रूप में सोचते हैं जबकि गेंदबाजी के वक्त वह खालिस गेंदबाज की तरह सोचते हैं। हार्दिक ने इंग्लैंड (England) के खिलाफ यहां नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए पांचवें वनडे मुकाबले में बल्ले और गेंद दोनों से उम्दा प्रदर्शन किया था। उन्होंने इस मैच में 17 गेंदों पर चार चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 39 रन की पारी खेली थी जबकि गेंदबाजी में वह पहले ओवर में कुछ महंगे साबित हुए लेकिन अगले ओवर में उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की। हार्दिक (Hardik)  ने मुकाबले में एक विकेट लिया।


हार्दिक ने मैच के बाद कहा, “मैं गेंदबाजी में फाइन ट्यूनिंग पर काम कर रहा हूं लेकिन अंत में यह सोचना पड़ता है कि आपको किस तरह की गेंद फेंकनी है। यह थोड़ा मुश्किल है लेकिन मैं कोशिश कर रहा हूं। एक ऑलराउंडर (Allrounder) के रूप में मैं जब बल्लेबाजी करने उतरता हूं तो बल्लेबाज (Batsman) की तरह और गेंदबाजी करते वक्त गेंदबाज (Bowler) की तरह ही सोचता हूं।”

एक ऑलराउंडर के रूप में मैं जब बल्लेबाजी करने उतरता हूं तो बल्लेबाज की तरह सोचता हूं। (ट्विटर)

उन्होंने कहा, “टी20 विश्व कप (T20 world cup) को देखते हुए इस सीरीज में हमने कुछ बदलाव करने की कोशिश की और हम पहले बल्लेबाजी कर जीतना चाहते थे। पिच ने हमें अधिक बदलाव करने की इजाजत दी और यह सुनिश्ििचत किया कि बल्लेबाज अपने जोन पर नहीं खेल सकें।”

हार्दिक ने कहा कि अब उनका ध्यान टी20 विश्व कप पर है और वह इसमें टीम के लिए गेंद और बल्ले के साथ अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं।

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टी20 विश्व कप का आयोजन नवम्बर में भारत में होना है। इससे पहले हार्दिक को आईपीएल (IPL) के 14वें संस्करण में मुम्बई इंडियंस (Mumbai indians) के लिए खेलना है। आईपीएल की शुरुआत 9 अप्रैल से हो रही है। (आईएएनएस-SM)

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इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

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Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

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वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

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