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देश

जो बाइडन ने विदुर शर्मा को बनाया कोविड-19 परीक्षण सलाहकार

By : अरुल लुइस अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए चुने गए जो बाइडन ने शुक्रवार को स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञ विदुर शर्मा को अपनी कोविड-19 रिस्पांस टीम के परीक्षण सलाहकार के रूप में नामित किया। शर्मा राष्ट्रपति के लिए चुने गए बाइडन और उपराष्ट्रपति के लिए चुनी गईं भारतीय मूल की कमला हैरिस के प्रशासन

By : अरुल लुइस 

अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए चुने गए जो बाइडन ने शुक्रवार को स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञ विदुर शर्मा को अपनी कोविड-19 रिस्पांस टीम के परीक्षण सलाहकार के रूप में नामित किया। शर्मा राष्ट्रपति के लिए चुने गए बाइडन और उपराष्ट्रपति के लिए चुनी गईं भारतीय मूल की कमला हैरिस के प्रशासन में एक प्रमुख पद के लिए नवीनतम भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार हैं। वह सर्जन जनरल-नॉमिनी विवेक मूर्ति और कोविड-19 टास्क फोर्स के सदस्य अतुल गवांडे और सेलीन गाउंडर जैसे कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई से जुड़े अन्य लोगों की सूची में शामिल होंगे। शर्मा पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में भी अहम जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, जब बाइडन उपराष्ट्रपति थे।

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उस कार्यकाल में वह ओबामा के के हस्ताक्षर कार्यक्रम को लागू करने के लिए काम करने वाले घरेलू नीति परिषद के एक स्वास्थ्य नीति सलाहकार के तौर पर कार्यरत थे। वह उक्त कार्यक्रम के तहत सभी के लिए स्वास्थ्य बीमा सुनिश्चित करने वाले लोगों में एक रहे हैं, जिन्हें ओबामाकेयर के रूप में जाना जाता है।

हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान ओबामाकेयर को समाप्त करने की कोशिश की, मगर शर्मा ने संगठनों के एक समूह प्रोटेक्ट ऑवर केयर के उप अनुसंधान निदेशक के तौर पर मोर्चा संभाले रखा।
उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र के संगठनों को सलाह देने का काम भी बखूबी किया है। व्हाइट हाउस कोविड-19 रिस्पांस टीम के लिए शर्मा और अन्य नामों की घोषणा करते हुए हैरिस ने कहा, मैं इन समर्पित लोक सेवकों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हूं। (आईएएनएस)

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भारत का खूबसूरत क्षेत्र कोडाईकनाल।(Unsplash)

भारत के तमिलनाडु राज्य में स्थित कोडाईकनाल एक पर्वतीय नगर है। यह समुद्र तल 2133 मी. की ऊंचाई पर पिलानी नामक पहाड़ पे बसा हैं। ये अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण से सब को मनमोहित कर देता है । खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य के कारण इसे भारत का स्विट्जरलैंड भी कहा जाता हैं। यहां पर घूमने का मजा तब बढ़ जाता है, जब मानसून दस्तक देता है, क्योंकि इस समय यहां के झरने वादियां और भी खूबसूरत हो जाते हैं। यहां कुरिंजी नामक एक फूल है जो कि 12 वर्षों में खिलता है, जिससे यहां की पहाड़ियों में सुंदरता और निखरती है और इसकी महक मदहोश कर देने वाली होती है। कोडाईकनाल में प्रकृति की सुंदरता अपने तमाम रूपों में नजर आती है। विशाल चट्टान , शांत झील ,फलों के बगीचे और यहां के हरे भरे दृश्य अपनी सुंदरता की कहानियां व्यक्त करते हैं। मानसून में यह जगह जन्नत सी नजर आती है। यहां पर लोग पिकनिक मनाने , घूमने फिरने , या हनीमून के लिए आते हैं।

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देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटें। (IANS)

राम भक्तों द्वारा दी गई और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) (Vishwa Hindu Parishad) द्वारा तीन दशक लंबे मंदिर आंदोलन के दौरान देश भर से जमा की गई 2 लाख से अधिक ईंटों का इस्तेमाल अब राम जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण के लिए किया जाएगा।

मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा, "1989 के 'शिलान्यास' के दौरान कारसेवकों द्वारा राम जन्मभूमि पर एक लाख पत्थर रखे गए थे। कम से कम, 2 लाख पुरानी कार्यशाला में रह गए हैं, जिन्हें अब निर्माण स्थल पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। ईंटों पर भगवान राम का नाम लिखा है और यह करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रमाण है।

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कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। (wikimedia commons)

हिंदू संगठनों की ओर से आलोचना झेल रही कर्नाटक की भाजपा सरकार नें कर्नाटक में मंदिर विध्वंस के मुद्दे पर फिलहाल राज्य विधानसभा में एक कानून पारित कर पुरे कर्नाटक राज्य में मंदिर विध्वंस अभियान पर विराम लगा दिया है। सत्ताधारी पार्टी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस इन दोनों के बीच मंगलवार को तीखी बहस के बीच प्रस्तावित कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक 2021 को पारित कर दिया गया।

यह प्रस्तावित अधिनियम जिसका नाम 'कर्नाटक धार्मिक संरचना (संरक्षण) विधेयक-2021' है, इसका मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य में धार्मिक संरचनाओं के विध्वंस को रोकना है।

यह अधिनियम में कहा गया है कि 'कर्नाटक धार्मिक संरचना संरक्षण अधिनियम -2021' के लागू होने की तारीख से, कानूनों के कानूनी प्रावधान और अदालतों, न्यायशास्त्र और अधिकारियों के आदेशों या दिशानिदेशरें के बावजूद, सरकार धार्मिक केंद्रों की रक्षा करेगी।

सार्वजनिक संपत्तियों पर बने धार्मिक केंद्रों को खाली करने, स्थानांतरित करने और ध्वस्त करने की प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा। इस अधिनियम के लागू होने और विधान परिषद में पारित होने के बाद से ही ।

इसी बीच विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कर्नाटक सरकार पर आरोप लगाया कि हिंदू जागरण वेदिक और हिंदू महासभा की आलोचना का सामना करने के बाद भाजपा यह कानून लाई है। मैसूर में मंदिर तोड़े जाने के बाद बीजेपी पुनर्निर्माण के लिए नया कानून ला रही है, यह भी आरोप लगायें हैं उन्होंने भाजपा पार्टी के खिलाफ । इसके बाद कांग्रेस के एक और विधायक और पूर्व मंत्री औरयू.टी. खादर ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि छात्र पाठ्यपुस्तकों में पढ़ने जा रहे हैं कि भाजपा ने भारत में आक्रमणकारियों की तरह मंदिरों को ध्वस्त कर दिया।

\u0915\u0930\u094d\u0928\u093e\u091f\u0915 \u0930\u093e\u091c\u094d\u092f कर्नाटक राज्य का नक्शा सांकेतिक इमेज (wikimedia commons)

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