Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
होम

बिहार : किसान आंदोलन के जवाब में भाजपा का ‘किसान चौपाल’

एक ओर जहां केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसान आंदोलन को विपक्ष हवा दे रहा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी किसान आंदोलन की आग को शांत करने के लिए 'किसान चौपाल' लगा रही है।

अभियान में भाजपा ने बिहार के मंत्रियों और सासंदों को उतारा है । (सांकेतिक चित्र, Wikimedia Commons)

By : मनोज पाठक

एक ओर जहां केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसान आंदोलन को विपक्ष हवा दे रहा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किसान आंदोलन की आग को शांत करने के लिए ‘किसान चौपाल’ लगा रही है। भाजपा अपने किसान चौपाल के जरिए किसानों को कृषि कानूनों से मिलने वाले लाभों से अवगत करा रही है।


इस अभियान में भाजपा ने ना केवल बिहार के मंत्रियों और सासंदों को उतारा है, बल्कि बिहार में केंद्रीय मंत्री भी ‘किसान चौपाल’ लगाकर कृषि कानूनों के विषय में किसानों को समझा रहे हैं। भाजपा के एक नेता ने बताया कि सांसदों और विधायकों सहित मतदान केंद्र स्तर पर कार्यकताओं को भी इसके लिए विशेष टास्क सौंपे गए हैं।

बिहार भाजपा सोशल मीडिया के प्रमुख मनन कृष्ण ने बताया कि अब तक राज्य में करीब 59 से 60 किसान चौपाल का आयोजन किया गया है। इसके तहत रविवार को ही राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, पूर्व केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, सांसद रामपाल यादव सहित राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ़ संजय जायसवाल अलग-अलग सभाओं में कृषि कानूनों के बारे में जनता को अवगत कराया।

भाजपा के प्रवक्ता मनोज शर्मा बताते हैं, “कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष किसानों को गुमराह कर रही है। कृषि कानून को समझाने के लिए पार्टी द्वारा व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। राज्य के जिला मुख्यालय सहित अन्य स्थानों पर किसान चौपाल लगाया जा रहा है, जहां कृषि कानूनों की बारीकियों और उससे किसानों को मिलने वाले लाभ की उन्हें जानकारी दी जा रही है।”

यह भी पढ़ें : योगी सरकार ने जगाई रोजगार की उम्मीद, बुंदेलखंड में 400 करोड़ का निवेश

भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी

सूत्रों का कहना है कि भाजपा के शीर्ष नेताओं के निर्देश पर भाजपा के वरिष्ठ नेता से लेकर मतदान केंद्र स्तर के कार्यकर्ता जनता को अवगत करा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कृषि कानून को लेकर बिहार में विपक्षी दल आंदोलनात्मक रूख अपनाए हुए हैं। बिहार में विपक्षी दल विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए कृषि कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इस बीच, हालांकि बिहार के अंदर किसान सड़कों पर नहीं उतरे हैं।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में किसान राजग के साथ हैं। मोदी ने कहा कि 2006 में बिहार की पहली राजग सरकार ने सालाना 70 करोड़ के राजस्व का नुकसान उठाकर बाजार समिति अधिनियम समाप्त किया और लाखों किसानों को 1 फीसद बाजार समिति कर से मुक्ति दिलाई थी। कांग्रेस ने 2019 के घोषणापत्र में मंडी-बाजार समिति व्यवस्था खत्म करने का वादा किया था।

मोदी ने कहा कि जो मंडी व्यवस्था बिहार में 14 साल पहले खत्म हो गई और जिसे कांग्रेस 2019 में खत्म करना चाहती थी, वह काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी कानून के जरिये कर दिया, तो कांग्रेस परेशान क्यों हैं?(आईएएनएस )

Popular

प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन (wikimedia commons)

हमारे देश में लव जिहाद के जब मामले आते है , तब इस मुद्दे पर चर्चा जोर पकड़ती है और देश कई नेता और जनता अपनी-अपनी राय को वयक्त करते है । एसे में एक प्रमुख हिंदू नेता और श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन ने सोमवार को एक बयान दिया जिसमें उन्होनें कहा कि यह मुस्लिम समुदाय नहीं बल्कि ईसाई हैं जो देश में धर्मांतरण और लव जिहाद में सबसे आगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनडीए के सहयोगी और भारत धर्म जन सेना के संरक्षक वेल्लापल्ली नतेसन नें एक कैथोलिक पादरी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी , जिसमे कहा गया था हिंदू पुरुषों द्वारा ईसाई धर्म महिलाओं को लालच दिया जा रहा है। नतेसन नें पाला बिशप जोसेफ कल्लारंगट की एक टिप्पणी जो कि विवादास्पद "लव जिहाद" और "मादक जिहाद" की भी जमकर आलोचना की और यह कहा कि इस मुद्दे पर "मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना सही नहीं है"।

Keep Reading Show less

महंत नरेंद्र गिरि (Wikimedia Commons)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को बाघंबरी मठ स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को जांच के बाद सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा ''यह एक दुखद घटना है और इसी लिए अपने संत समाज की तरफ से, प्रदेश सरकार की ओर से उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए में स्वयं यहाँ उपस्थित हुआ हूँ। अखाड़ा परिषद और संत समाज की उन्होंने सेवा की है। नरेंद्र गिरि प्रयागराज के विकास को लेकर तत्पर रहते थे। साधु समाज, मठ-मंदिर की समस्याओं को लेकर उनका सहयोग प्राप्त होता था। उनके संकल्पों को पूरा करने की शक्ति उनके अनुयायियों को मिले''

योगी आदित्यनाथ ने कहा '' कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था। एक-एक घटना के पर्दाफाश होगा और दोषी अवश्य सजा पाएगा। मेरी अपील है सभी लोगों से की इस समय अनावश्यक बयानबाजी से बचे। जांच एजेंसी को निष्पक्ष रूप से कार्यक्रम को आगे बढ़ाने दे। और जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा उसको कानून की तहत कड़ी से कड़ी सजा भी दिलवाई जाएगी।

Keep Reading Show less

By: कम्मी ठाकुर, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तम्भकार, हरियाणा

केजरीवाल सरकार की झूठ, फरेब, धूर्तता और भ्रष्टाचार की पोल खोलता 'बोल रे दिल्ली बोल' गीतरुपी शब्दभेदी बाण एकदम सटीक निशाने पर लगा है। सुभाष, आजाद, भगतसिंह जैसे आजादी के अमर शहीद क्रांतिकारियों के नाम व चेहरों को सामने रखकर जनता को बेवकूफ बना सुशासन ईमानदारी और पारदर्शिता का सब्जबाग दिखाकर सत्ता पर काबिज हुए अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार आज पूरी तरह से मुस्लिम तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार, कुशासन एवं कुव्यवस्था के दल-दल में धंस चुकी है। आज केजरीवाल का चाल, चरित्र और चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। दिल्ली में कोविड-19 के दौरान डॉक्टरों सहित सैकड़ों विभिन्न धर्म-संप्रदाय के मेडिकल स्टाफ के लोगों ने बतौर कोरोना योद्धा अपनी जाने गंवाई थी। लेकिन उन सब में केजरीवाल के चश्मे में केवल मुस्लिम डॉक्टर ही नजर आया, जिसके परिजनों को 'आप सरकार' ने एक करोड़ की धनराशि का चेक भेंट किया। किंतु बाकी किसी को नहीं बतौर मुख्यमंत्री यह मुस्लिम तुष्टिकरण, असंगति, पक्षपात आखिर क्यों ?

Keep reading... Show less