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राजनीति

लोजपा के दांव ने जदयू का खेल बिगाड़ा !

बिहार चुनाव दिन-ब-दिन दिलचस्प मोड़ लेती जा रही है कहीं जदयू को अपने वोट काटने का दर सता रहा है और कहीं लोजपा के अध्यक्ष खुद को स्थापित करने की जद्दोजहद में हैं।

जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार। (फाइल फोटो,Wikimedia Commons)

By: मनोज पाठक

केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कंधे से कंधा मिलकार चल रही लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने बिहार चुनाव में अकेले चुनाव मैदान में उतरकर ऐसा सियासी दांव चला है, जिसमें भाजपा के सहयोगी जनता दल (युनाइटेड) का खेल बिगाड़ कर रख दिया है। कल तक बिहार में ”बड़े भाई” की भूमिका में दंभ भरने वाले जदयू की हालत ऐसी हो गई है कि भाजपा ने भी समाचार पत्रों में दिए गए विज्ञापनों में नीतीश कुमार की तस्वीर नहीं लगाई है, जिससे कई तरह की संभावनाओं को बल मिल रहा है।


दीगर बात है कि राजग नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर चुनावी मैदान में है।

लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने पार्टी की कमान संभालते ही अलग स्टैंड लिया, जिससे पार्टी को मजबूती से स्थापित किया जा सके। अब वे खुद को स्थापित करने की जद्दोजहद में हैं। यही वजह है कि कई मौकों पर उन्होंने अपना स्टैंड जदयू से अलग दिखाया।

चुनाव के पहले से ही चिराग पासवान सरकार की कई योजनाओं के क्रियान्वयन व अफसरशाही पर सवाल उठाने से पीछे नहीं रहे। जब जदयू ने समय पर चुनाव कराने की बात की तो चिराग ने चुनाव आयोग को पत्र के जरिये कोरोना संक्रमण के चलते अभी चुनाव नहीं कराने की मांग कर दी। उस समय ही यह आशंका को बल मिल गया कि चिराग कोई बड़ा निर्णय लेंगे।

चिराग ने इस चुनाव में कुल 136 प्रत्याशी मैदान में उतार दिए, जिनमें दो का मखदुमपुर और फुलवारी में नामांकन रद हो गया। इस तरह अब 134 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से अधिकांश प्रत्याशी जदयू के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे हैं। लोजपा का हालांकि गोविदंगज, लालगंज, भागलपुर, राघोपुर, रोसड़ा और नरकटियागंज में भी प्रत्याशी है जहां से भाजपा चुनावी मैदान में है।

चिराग पासवान, अध्यक्ष केंद्रीय संसदीय बोर्ड लोक जन शक्ति पार्टी (सोशल मीडिया)

लोजपा के प्रवक्ता और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रमुख अशरफ असांरी कहते हैं कि गोविंदगंज और लालगंज उनकी सीटिंग सीट थी, शेष चार पर भाजपा के साथ उनका दोस्ताना संघर्ष है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि इस चुनाव के बाद लोजपा भाजपा के साथ बिहार में सरकार बनाने वाली है।

इधर, चिराग ने भी उन सभी सीटों पर भाजपा प्रत्याशी को जीताने की अपील की है, जहां से लोजपा के प्रत्याशी नहीं हैं। हालांकि भाजपा और जदयू लगातार लोजपा को अलग होने की बात करते हुए बयान दे रही है।

कहा जा रहा है कि लोजपा इस चुनाव में नरेंद्र मोदी की छवि का प्रचार करके कम से कम 10-15 सीटें जीतना चाहती है, ऐसे में अगर भाजपा और जदयू मिलकर 122 के सरल बहुमत आंकड़े को हासिल करने में पीछे रह जाते हैं तो लोजपा की भाजपा के सहयोगी के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

राजग की ओर से जदयू जहां 115 सीटों पर चुनाव लड़ रही है वहीं भाजपा 110 सीटों पर चुनाव मैदान में है। भाजपा ने अपने हिस्से की 11 सीटें राजग में शामिल विकासशील इंसान पार्टी को दी है जबकि जदयू अपने हिस्से की सात सीटें हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) को दी है।

इधर, भाजपा द्वारा समाचार पत्रों में दिए गए विज्ञापनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर तो है, लेकिन नीतीश कुमार की तस्वीर को स्थान नहीं दिया गया है। हाल ही में विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी किए गए सर्वे में नीतीश की लोकप्रियता में कमी को दशार्या गया है।

यह भी पढ़ें: बिहार में छोटे दल ‘वोटकटवा’ से ज्यादा कुछ नहीं!

हालांकि भाजपा के अध्यक्ष संजय जायसवाल कहते हैं कि भाजपा चुनावी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश के नेतृत्व में उतरी है, इसमें किसी को असमंजस में नहीं रहना चाहिए।

इधर, जदयू के अजय आलोक कहते हैं कि कई ‘युवराज’ चुनावी मैदान में अपने अस्तित्व को बचाने के लिए हैं, 10 नवंबर को सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा।(आईएएनएस)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता ( wikimedia Commons )

अमेरिकी डेटा इंटेलिजेंस फर्म ‘द मॉर्निंग कंसल्ट’ की एक सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रूवल रेटिंग 71% दर्ज की गई है यह जानकारी 'द मॉर्निंग कंसल्ट' ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए साझा की है। 'द मॉर्निंग कंसल्ट' के सर्वे के मुताबिक अप्रूवल रेटिंग में प्रधानमंत्री मोदी ने अमरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन समेत दुनिया भर के 13 राष्ट्र प्रमुखों को पीछे छोड़ दिया है।

मॉर्निंग कंसल्ट’ दुनिया भर के टॉप लीडर्स की अप्रूवल रेटिंग ट्रैक करता है। मॉर्निंग कंसल्ट पॉलिटिकल इंटेलिजेंस वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, जापान, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, स्पेन, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में नेताओं की रेटिंग पर नज़र रख रही है। रेटिंग पेज को सभी 13 देशों के नवीनतम डेटा के साथ साप्ताहिक रूप से अपडेट किया जाता है।

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अल्लू अर्जुन की नई फिल्म 'अला वैकुंठपुरमुलु' हिंदी में जल्द होगी रिलीज ( wikimedia commons )


हाल ही में रिलीज़ हुई अल्लू अर्जुन की फ़िल्म 'पुष्पा: द राइज़' को दर्शकों ने काफ़ी पसंद किया इस फ़िल्म के आने के बाद से तमिल फिल्म के अभिनेता अल्लू अर्जुन के प्रशंसकों की संख्या में काफ़ी इज़ाफ़ा हुआ है। लोग उनकी फिल्म को खूब पसंद कर रहे हैं । अब दर्शकों को अल्लू अर्जुन की नई फिल्म 'अला वैकुंठपुरमुलु' को हिंदी में रिलीज होने का इंतजार है। यह फ़िल्म भगवान विष्णु की पौराणिक कहानी से प्रेरित है।
पुष्पा की तरह फ़िल्म 'अला वैकुंठपुरमुलु' से भी दर्शक जुड़ाव महसूस करें इसके लिए मेकर्स ने इस फ़िल्म के टाइटल के मायने भी बताए।

फिल्म निर्माण कम्पनी ‘गोल्डमाइंस टेलीफिल्म्स’ ने अपने ट्विटर हैंडल पर फ़िल्म 'अला वैकुंठपुरमुलु'का मतलब बताते हुए लिखा की “अला वैकुंठपुरमुलु पोथन (मशहूर कवि जिन्होंने श्रीमद्भागवत का संस्कृत से तेलुगु में अनुवाद किया) की मशहूर पौराणिक कहानी गजेंद्र मोक्षणम की सुप्रसिद्ध पंक्ति है। भगवान विष्णु हाथियों के राजा गजेंद्र को मकरम (मगरमच्छ) से बचाने के लिए नीचे आते हैं। उसी प्रकार फिल्म में रामचंद्र के घर का नाम वैकुंठपुरम है, जहाँ बंटू (अल्लू अर्जुन) परिवार को बचाने आता है। अला वैकुंठपुरमुलू की यही खूबी है।”

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दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी(Manoj Bajpai) के लिए ये साल काफी व्यस्त रहने वाला है क्योंकि वह इस साल कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके पास जो प्रतिबद्धताएं हैं वह 2023 के अंत तक ऐसे ही रहने वाली हैं।

साल 2022 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मनोज बाजपेयी(Manoj Bajpai) के लिए बहुत व्यस्त रहने वाला है क्योंकि वह इस साल राम रेड्डी की बिना शीर्षक वाली फिल्म, कानू भेल की 'डिस्पैच', अभिषेक चौबे की फिल्म और राहुल चितेला की फिल्म जैसे नए प्रोजेक्ट के लिए बैक-टू-बैक शूटिंग करेंगे।


मनोज बाजपेयी ने हाल ही में दो प्रोजेक्ट को खत्म किया है, एक रेड्डी की अभी तक बिना शीर्षक वाली फिल्म के साथ, जिसमें दीपिक डोबरियाल भी हैं। फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड की खूबसूरत जगहों पर हुई फिर, उन्होंने कानू बहल द्वारा निर्देशित आरएसवीपी के 'डिस्पैच' को समाप्त किया, जो अपराध पत्रकारिता की दुनिया में स्थापित एक खोजी थ्रिलर है।

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