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राजनीति

यह चित-पट का खेल सूझ-बूझ से परे है।

बिहार चुनाव में वोटों की गिनती जारी है और इसके नतीजे देर शाम तक आने की उम्मीद है। हालाँकि अब तक के रुझान में NDA अपनी सरकार बनाती दिख रही है।

बिहार चुनाव 2020 (फाइल फोटो)

क्या चल रहा है बिहार राजनीति में? यह सवाल समझ से परे है। बिहार का मिज़ाज कुछ और बताता है और वास्तविकता कुछ अलग दर्शाती है। बिहार की मतगणना जारी है किंतु जो रुझान 3 दिन पहले दिखाए गए थे, आज उससे उलट दिख रहे हैं। इसका मतलब यह निकाल सकते हैं कि “मुँह में पान और मन में राम”, ऐसा इसलिए कि अब तक के रुझान में NDA, बढ़त के साथ बहुमत का आंकड़ा छूती दिख रही है। पिछले एग्जिट पोल में RJD सत्ता में आ रही थी और अब पिछड़ रही है।

यहां तक की RJD नेताओं ने जश्न की तैयारी भी शुरू कर दी थी, दफ्तर को सजा-धजा कर बस नतीजे मिलने भर की देरी थी। मगर जब न्यूज़ चैनलों पर भाजपा और जेडीयू को बढ़त में देखा गया तब उनका ख़ुशी का माहौल निराशा में परिवर्तित हो गया।


बिहार की राजनीति कभी भी रुझान के दम पर नहीं चली है। ऐसा इसलिए कि पिछले चुनाव में NDA को पूर्ण-बहुमत से सरकार बनाते दर्शाया गया था और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने रुझान में बढ़त मिलने की ख़ुशी में मिठाइयां बंटवा दी थीं, पर नतीजा उलट निकला और महागठबंधन, सरकार बनाने में सफल हुई थी। यह पूरा खेल अमेरिकी चुनाव से मिलता दिख रहा है क्योंकि ट्रम्प को शुरुआत में मज़बूत बताया गया किन्तु नतीजा आज हमारे पास है।

यह भी पढ़ें: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए, महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर

कारण क्या है इतने बड़े बदलाव का:

पहला- लोग भीतर से नितीश कुमार से खुश नहीं हैं किन्तु उन्हें लालू राज में हत्याओं का भी दौर याद है और उन्हें यह भी डर है कि वही दौर दोबारा न आए। उदाहरण के रूप में आप अगर नितीश कुमार के विरोधी हैं तब आप अंतिम क्षण तक उनका विरोध करेंगे किन्तु आपके समक्ष कई और विकल्प भी मौजूद हैं जैसे भाजपा ; इस बार अलग लड़ रही है LJP एवं महागठबंधन। लेकिन पोलिंग बूथ में जाते ही कई लोग मत और विरोध को छोड़ कर विकल्प को देखते हैं कि “क्या वह सत्ता संभाल पाएगा?” यह सवाल कई लोगों का अंत तक पीछा करता है।

दूसरा- इस बार बिहार चुनाव में महिला फैक्टर अपना दम दिखा रहा है। एग्जिट पोल में अधिकांश पुरुषों का मत जाना गया, और वहीं महिलाओं पर इतना ध्यान नहीं दिया गया किंतु अब तक के रुझान से यह ज्ञात होता दिख रहा है कि भाजपा और NDA को महिलाओं ने डूबने से बचाया हुआ है।

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प्रशांत किशोर (Twitter, Prashant Kishor)

मशहूर चुनावी रणनीतिकार और कैंपेन मैनेजर प्रशांत किशोर(Prashant Kishor) ने एक बार फिर से सुर्खियों में है। वैसे भी पिछले कुछ समय से प्रशांत किशोर लगातार कांग्रेस पार्टी(Congress party) पर, एक के बाद एक विरोधी बयानबाजी कर रहे हैं। गुरुवार को एक बार फिर प्रशांत किशोर ने कहा कि जो पार्टी पिछले 10 सालों में 90 फीसदी चुनाव हार चुकी है वह विपक्ष का नेतृत्व कैसे कर सकती है, क्या पार्टी में किसी एक व्यक्ति (राहुल गांधी) का कोई दैवीय अधिकार है?

प्रशांत किशोर(Prashant Kishor)ने ट्वीट कर कहा, ''कांग्रेस जिस विचार और स्थान (विशेष वर्ग) का प्रतिनिधित्व करती है, वो एक मजबूत विपक्ष के लिए बेहद अहम है। लेकिन इसके लिये कांग्रेस नेतृत्व को व्यक्तिगत तौर पर कोई दैवीय अधिकार नहीं है, वो भी तब जब पार्टी पिछले 10 सालों में 90 फीसदी चुनावों में हार चुकी है। विपक्ष के नेतृत्व का फैसला लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए..''

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मनरेगा योजना (Wikimedia Commons)

राज्यसभा(Rajyasabha) में विपक्ष(Opposition) के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे(Mallikarjun Khadge) ने गुरुवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार(Central Government) सत्ता में आने के बाद से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के बजट को कम कर रही है।'

खड़गे ने आरोप लगाया, “2020-21 में मनरेगा(MNREGA) के तहत बजट 1,10,000 करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 73,000 करोड़ रुपये हो गया है।”"मोदी सरकार सत्ता में आने के बाद से नरेगा बजट में कटौती कर रही है। उनका इरादा यह देखना है कि गरीब अपने पैरों पर खड़े न हों और स्वाभिमान के साथ न रहें। उनका 1,10,000 करोड़ रुपये का बजट है।

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विक्की कौशल और कैटरीना कैफ की शादी में शामिल होने वाले मेहमानों को गुप्त कोड दिए जाएंगे। (IANS)

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्थित सिक्स सेंस फोर्ट बरवाड़ा में 9 दिसंबर को बॉलीवुड सितारों विक्की कौशल (Vicky Kaushal) और कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) के बीच बहुप्रतीक्षित शादी में शामिल होने वाले मेहमानों को शादी समारोह को पूरी तरह से गोपनीय रखने के लिए गुप्त कोड दिए जाएंगे। सूत्रों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी है। मेहमानों को प्रदान किए गए गुप्त कोड के आधार पर विवाह स्थल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

शादी (Katrina Kaif and Vicky Kaushal’s wedding) में शामिल होने वाले विशिष्ट अतिथियों की पहचान गुप्त रखी जाएगी, इसलिए होटल ने सभी मेहमानों को नाम के बजाय कोड आवंटित किए हैं। इन कोडों के आधार पर मेहमानों को विभिन्न सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जैसे रूम सर्विस, सुरक्षा आदि।

सूत्रों के अनुसार, भव्य विवाह समारोह के लिए निर्धारित एसओपी में शादी की उपस्थिति का खुलासा न करना, फोटोग्राफी नहीं करना, सोशल मीडिया पर तस्वीरें और स्थान साझा नहीं करना आदि शामिल हैं। साथ ही, मेहमानों का बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं होना चाहिए, जब तक वे कार्यक्रम स्थल से बाहर नहीं निकल जाते।

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