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राजनीति

न दिखेगा लालू का अंदाज, न सुनाई देगी रामविलास की सधी आवाज

प्रचार में न तो राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद का मजाकिया अंदाज दिखाई देगा और न ही लोक लोजपा के वरिष्ठ नेता रामविलास पासवान की सधी आवाज सुनाई देगी।

बिहार के गद्दावर नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव। (Wikimedia Media)

By: मनोज पाठक

कोरोना काल में बिहार में हो रहा यह विधानसभा चुनाव ऐसे तो कई मामलों में अलग होगा, लेकिन यह चुनाव इन मामलों में भी खास होगा कि प्रचार में न तो राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद का मजाकिया अंदाज दिखाई देगा और न ही लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के वरिष्ठ नेता रामविलास पासवान की सधी आवाज सुनाई देगी।


बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए करीब सभी प्रमुख दलों ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। राजद के स्टार प्रचारकों में खास गंवई अंदाज में वोट मांगने वाले रघुवंश प्रसाद सिंह भी इस चुनाव में मतदाताओं को नहीं लुभाएंगें। वेसे कोरोना काल में हो रहे इस चुनाव में सोशल डिस्टेंसिंग के कारण बडी रैलियों पर रोक लगाई गई है, फिर भी छोटी रैलियों की मंजूरी दी गई है।

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ऐसे में माना जा रहा है कि क्षेत्रीय दलों का पूरा जोर छोटी रैलियों पर हेागा। राजद के लिए स्टार प्रचारकों की सूची में पहले नंबर पर रहने वाले और अपनी भाषण शैली के जरिए मतदाताओं को रूख मोड़ देने की प्रतिभा वाले लालू प्रसाद इस चुनाव में प्रचार करते नजर नहीं आएंगें।

चारा घोटाले के मामले में लालू प्रसाद इन दिनों रांची की एक जेल में सजा काट रहे हैं। लालू हालांकि स्वास्थ्य कारणों से अभी रांची रिम्स में भर्ती हैं, लेकिन बिना अदालत के आदेश के वे चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

लालू की अनुपस्थिति राजद नेताओं को भी खल रही है। राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी कहते भी हैं कि लालू प्रसाद बिहार के ही नहीं देश के स्टार प्रचारकों में सबसे आगे हैं। उनपर मतदाताओं को विश्वास है। उन्होंने कहा कि उनकी रैलियों में अपार भीड़ होती थी और लोग उनकी बातों को आत्मसात करते थे।

इधर, लोजपा के अध्यक्ष रहे रामविलास पासवान और राजद के उपाध्यक्ष रहे रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन हो गया है, यही कारण है कि उनकी दमदार आवाज भी इस चुनाव में नहीं सुनाई देगी।

दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान। (सोशल मीडिया)

राजद के लिए चुनाव में लालू प्रसाद और रघुवंश प्रसाद सिंह की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले विधानसभा चुनाव में लालू प्रसाद ने 170 से अधिक और रघुवंश प्रसाद सिंह ने 100 से अधिक रैलियां और रोडशो किए थे।

बिहार के इस चुनाव में समाजवादी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव के भी पहुंचने की संभावना कम है। सूत्र बताते हैं कि स्वास्थ्य कारणों से वे भी इस चुनाव में प्रचार करने शायद ही नजर आएं।

वैसे, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल हैं, लेकिन कहा जा रहा है कि स्वास्थ्य कारणों से वे कम ही रैलियों में शामिल होंगे। पार्टी के नेता हालांकि कहते हैं वर्चुअल रूप से वे लोगों कों संबोधित करते नजर आएंगें। जदयू के स्टार प्रचारकों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले नंबर पर होंगे।

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बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए तीन चरणों में होने वाले चुनाव के लिए मतदान 28 अक्टूबर, तीन नवंबर और सात नवंबर होगा जबकि मतगणना 10 नवंबर होगी। पहले चरण में 28 नवंबर को 71 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा जबकि दूसरे चरण में तीन नवंबर को 94 सीटों के लिए और आखिरी चरण में सात नवंबर को 78 सीटों के लिए मतदान होगा।

इस चुनाव में राजद जहां कांग्रेस और वामपंथी दलों के साथ चुनावी मैदान में उतरा है वहीं भाजपा और जदयू सहित चार दल मिलकर चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे हैं।(आईएएनएस)

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