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 बिहार में मौसम अनुकूल खेती के लिए अब किसानों को जानकारी दी जाएगी। उनके गांव में ही वैज्ञानिक पहुंचेंगे और इसकी जानकारी दी जाएगी। किसानों को वैज्ञानिक न केवल मौसम अनुकूल खेती के लिए जागरूक करेंगे बल्कि, उन्हें तकनीकी तौर पर जमीन पर उतारने के गुर भी सिखाएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जलवायु परिवर्तन को देखते हुए मौसम अनुकूल खेती को अपनाने पर जोर दिया है। सरकार का मानना है कि मौसम में बदलाव का असर खेती पर तेजी से पड़ने लगा है। असमय और अनियमित वर्षा से कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ की स्थिति बन जाती है। इस स्थिति में सरकार को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कृषि विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के सभी जिलों के पांच गांवों को चयनित किया गया है, जहां किसानों को इसकी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों की देखरेख में इन गांवों में मौसम अनुकूल खेती प्रारंभ की गई है। 
 

 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार । ( Social Media ) 


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इधर, कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों को भी खेती से जोड़े जाने की योजना है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति आर के सोहाने ने कहा कि कॉलेज के छात्रों को नई तकनीक की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आज के छात्र कल के वैज्ञानिक हैं। विश्वविद्यालय का मानना है कि जब मौसम अनुकूल खेती पूरे प्रदेश में प्रारंभ होगी तब वैज्ञानिकों की भी आवश्यकता होगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि मिट्टी की जांच के बाद उसकी संरचना के अनुसार किसान फसल और उसकी किस्म का चयन करेंगे। (आईएएनएस)

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ब्रिटेन ने कोरोना के नए वैरिएंट को देखते हुए पांच देशो की फ्लाइट्स पर रोक लगा दी है। (Pixabay)

ब्रिटेन(Britain) के स्वास्थ्य सचिव(Health Secretary) साजिद जावेद ने शुक्रवार को कोरोना के नए सबसे खराब 'सबसे खराब' सुपर-म्यूटेंट कोविड वैरिएंट(Super Mutant COVID Variant) पर चेतावनी देते हुए कहा है कि यह टीकों को कम से कम 40 प्रतिशत कम प्रभावी बना देगा। एक समाचार वेबसाइट की ने बताया कि इस खतरे को देखते हुए ब्रिटेन ने दक्षिण अफ्रीका और पांच अन्य देशों से उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

स्वास्थ्य सचिव ने आगे कहा की हमारे वैज्ञानिक इस वैरिएंट को लेकर खासे चिंतित हैं और मैं भी काफी चिंतित हूँ इस कारणवश हमने यह कार्रवाई की है।

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केंद्र एवं राज्य सरकारों के संयुक्त सहयोग से विकसित होगी सोलर सिटी Wikimedia Commons)

केंद्र सरकार(Central Government) ने सभी राज्यों में कम से कम एक शहर को सोलर सिटी(Solar City) के रूप में विकसित करने की योजना बनायी है इसी क्रम मे झारखंड(Jharkhand) के गिरिडीह को राज्य की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य लिया गया है। माना जा रहा है कि इस योजना पर शीघ्र काम शुरू हो जायेगा। केंद्र और राज्य की इस संयुक्त योजना पर झारखंड सरकार ने हामी भर दी है।

पूरी योजना की लागत लगभग 191 करोड़ है, जिसका 60 प्रतिशत झारखंड सरकार(Jharkhand Government) और 40 प्रतिशत केंद्र सरकार वहन करेगी। लक्ष्य यह है कि शहर की बिजली संबंधी तमाम जरूरतें सौर ऊर्जा के जरिए पूरी की जायें। बता दें, केंद्र सरकार(Central Government) के नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने राज्य सरकारों को सोलर सिटी योजना के लिए ऐसे शहर का चुनाव करने को कहा था जो या तो राज्य का मुख्यालय हो अथवा कोई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हो। प्रसिद्ध पर्यटनस्थल पारसनाथ-मधुबन को ध्यान में रख कर झारखंड सरकार ने इसके लिए गिरिडीह को चुना है।

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सीबीआई ने अपनी जांच में पाया है की महंत नरेंद्र गिरी मानसिक तनाव से गुज़र रहे थे। (Wikimedia Commons)

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के प्रयागराज में पिछले दिनों बाघम्बरी मठ(Baghambari Math) के महंत नरेंद्र गिरी(Narendra Giri) ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। तब से अब तक उनकी मौत एक रहस्य बनी हुई है। अब सीबीआई ने अपनी जांच में पाया है की महंत नरेंद्र गिरी मानसिक तनाव से गुज़र रहे थे।

मामले में गिरफ़्तार तीनों आरोपियों ने उन्हें बदनाम करने और अत्यधिक मानसिक और मनोवैज्ञानिक आघात पहुंचाने के लिए एकआपत्तिजनक ऑडियो प्रसारित किया था जिसके कारण उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।

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