Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

बिहार की ‘स्मार्ट प्रीपेड योजना’ अब देश में होगी लागू

बिहार में लागू स्मार्ट प्रीपेड मीटर को अब पूरे देश में लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतरमण ने सोमवार को संसद में पेश आम बजट में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को देश में लागू करने का प्रस्ताव दिया है।

By: मनोज पाठक


बिहार में हुए बिजली सुधार को कोई नकार नहीं सकता है। सत्ताधारी पार्टियां भी इस सुधार को चुनाव में फायदा लेती रही है। इस बीच, बिहार में लागू स्मार्ट प्रीपेड मीटर को अब पूरे देश में लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतरमण ने सोमवार को संसद में पेश आम बजट में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को देश में लागू करने का प्रस्ताव दिया है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी केंद्रीय बजट को स्वागत योग्य बताते हुए कहा है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की बिहार की योजना अब पूरे देश में लागू होगी। इस काम को केंद्र सरकार ने आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। बिहार में 2018 में नॉर्थ एवं साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनर्जी एफिशियंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) से करार किया। इसके बाद 2019 में मंत्रिमंडल की बैठक में स्मार्ट प्रीपेड मीटर राज्य में लगाने का निर्णय लिया गया। प्रारंभ में इसे कुछ जिलों तक सीमित रखा गया था।

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य में अब तक एक लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के स्मार्ट प्रोपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। इस बीच, सरकार ने इस काम को और तेज करने का निर्णय लिया है। उपभोक्ताओं के मीटर अब बड़े पैमाने पर प्रीपेड में तब्दील कर दिए जाएंगे। कनेक्शन प्रीपेड होने से उपभोक्ता बिना पेमेंट किए बिजली का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

बिहार में बिजली खपत में लगातार वृद्धि हो रही है।(Pixabay)

सार्वजनिक क्षेत्र की ईईएसएल ने बिहार की दो बिजली डिस्ट्रब्यूशन यूनिटस से राज्य में 23.4 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के लिए पिछले सप्ताह करार किया है।

ईईएसएल ने कहा है कि यह पहली बार है जब राज्य में इतने बड़े स्तर पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। इससे राज्य के बिजली क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा।

बयान में कहा गया है कि ईईएसएल ने साउथ बिहार पावर डिस्ट्रब्यूशन कंपनी लिमिटेड और नॉर्थ बिहार डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड के साथ राज्य में 23.4 लाख स्मार्ट प्रीमेड मीटर लगाने के लिए करार किया है।

यह भी पढ़ें: भारतीय अर्थव्यवस्था के 6 स्तंभों पर बजट में विशेष जोर

बिहार के बिजली मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव भी कहते हैं, बिजली क्षेत्र को बड़ा तकनीकी और कमर्शियल नुकसान झेलना पड़ रहा है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर बिहार के लिए इस चुनौती को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुझे भरोसा है कि इन मीटर से राज्य के बिजली क्षेत्र को काफी फायदा होगा और बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में इससे सुधार आएगा।

बिहार में बिजली खपत में लगातार वृद्धि हो रही है। आंकडों के मुताबिक साल 2012-13 में राज्य में प्रति व्यक्ति बिजली खपत मात्र 145 यूनिट थी जो 2018-19 में बढकर 345 यूनिट हो गई है। कहा जा रहा है कि राज्य में उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि हुई है।(आईएएनएस)
 

Popular

इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) [IANS]

दुनिया की अग्रणी हॉस्पिटैलिटी और पाक कला शिक्षा दिग्गजों में से एक, सॉमेट एजुकेशन (Sommet Education) ने हाल ही में देश के प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संस्थान, इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी (ISH) के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ सॉमेट एजुकेशन की अब आईएसएच (ISH) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो पूर्व के विशाल वैश्विक नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण एडिशन है। रणनीतिक साझेदारी सॉमेट एजुकेशन को भारत में अपने दो प्रतिष्ठित संस्थानों को स्थापित करने की अनुमति देती है। इनमें इकोले डुकासे शामिल है, जो पाक और पेस्ट्री कला में एक विश्वव्यापी शिक्षा संदर्भ के साथ है। दूसरा लेस रोचेस है, जो दुनिया के अग्रणी हॉस्पिटैलिटी बिजनेस स्कूलों में से एक है।

इस अकादमिक गठबंधन के साथ, इकोले डुकासे का अब भारत में अपना पहला परिसर आईएसएच (ISH) में होगा, और लेस रोचेस देश में अपने स्नातक और स्नातकोत्तर आतिथ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करेगा।

Keep Reading Show less
Credit- Wikimedia Commons

भारतीय रेलवे (Wikimedia Commons)

पूर्व मध्य रेल ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद इसके अनुपालन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इको स्मार्ट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए पूर्व मध्य रेल के 52 चिन्हित स्टेशनों पर रेलवे बोर्ड द्वारा सुझाए गए 24 इंडिकेटर (पैरामीटर) लागू किए हैं। सभी 52 स्टेशनों ने पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक प्रमाणन आईएसओ-14001:2015 प्राप्त किया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित पूर्व मध्य रेल के 52 नामांकित स्टेशनों में से 45 का संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें के लिए सहमति-से-स्थापित (सीटीई) प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुतियां सुनिश्चित कीं।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेष कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के सभी 45 स्टेशनों के लिए स्थापना की सहमति के लिए एनओसी प्राप्त कर ली गई है और 32 स्टेशनों को कंसेंट-टू-ऑपरेट (सीटीओ) दी गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रमाणीकरण ने पूर्व मध्य रेलवे को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोडरें द्वारा निर्धारित पानी, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मानदंडों की आवश्यकता को सुव्यवस्थित करने में मदद की है।

Keep Reading Show less

वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच अब गोरखपुर में भी हो सकेगा। [IANS]

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस समेत अन्य वायरस जनित बीमारियों की विश्व स्तरीय जांच शुरू हो गई है। गोरखपुर (Gorakhpur) में यह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) के जरिए संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के प्रयास से शुरू इस आरएमआरसी में नौ अत्याधुनिक लैब्स बनकर तैयार हैं। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इसका उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आरएमआरसी (RMRC) की इन लैब्स के जरिये न केवल बीमारियों के वायरस की पहचान होगी बल्कि बीमारी के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर व्यापक स्तर पर वल्र्ड क्लास अनुसंधान भी हो सकेगा। सबसे खास बात यह भी है कि अब गोरखपुर (Gorakhpur) में ही आने वाले समय में कोरोनाकाल के वर्तमान दौर की सबसे चर्चित और सबसे डिमांडिंग जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) भी हो सकेगी। यह पता चल सकेगा कि कोरोना का कौन सा वेरिएंट (Covid variant) अधिक प्रभावित कर रहा है।

Narendra Modi , PM of India, ICMR मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस RMRC का उद्घाटन करेंगे। [Wikimedia Commons]

Keep reading... Show less