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देश

संगठनात्मक ढांचे में बदलाव कर भाजपा कर रही मिशन उत्तर प्रदेश 2022 की तैयारी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसी मिशन में जुटी भाजपा ने संगठनात्मक ढांचा चुस्त-दुरूस्त करने के लिए संगठन मंत्री व्यवस्था में बदलाव किया है।

राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा । (Wikimedia commons )

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसी मिशन में जुटी भाजपा ने संगठनात्मक ढांचा चुस्त-दुरूस्त करने के लिए संगठन मंत्री व्यवस्था में बदलाव किया है। अब क्षेत्र की जगह प्रदेश सह संगठन मंत्री नियुक्त किए गये हैं। राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के निर्देश पर किए गए इस बदलाव में हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से आए कर्मवीर को प्रदेश सह संगठन महामंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपते हुए, उनका केंद्र मेरठ तय किया गया है।

इसी क्रम में भवानी सिंह को प्रदेश सह संगठन महामंत्री नियुक्त करने के साथ ही उनका केंद्र वाराणसी बनाया गया है। नए फेरबदल में अवध क्षेत्र के संगठन मंत्री प्रद्युमन को केंद्रीय कार्यालय दिल्ली में संगठक पद का दायित्व सौंपा गया है। काशी व गोरखपुर क्षेत्र में संगठन मंत्री रत्नाकर को बिहार में सह संगठन महामंत्री बनाकर भेजा गया है।


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क्षेत्रीय संगठन मंत्री की व्यवस्था

संघ से बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है। भाजपा ने यह निर्णय स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक समस्याओं के त्वारित निवारण और निर्णयों के तेजी से क्रियान्वयन को देखते हुए लिया है। सूत्रों का कहना है कि पहले प्रदेश में तीन क्षेत्रीय संगठन मंत्री की व्यवस्था थी। नई संगठनात्मक व्यवस्था में क्षेत्रीय संगठन मंत्री का पद नाम भी बदला है। माना जा रहा है कि पद नाम प्रदेश सह संगठन महामंत्री करने के साथ ही उनके अधिकार क्षेत्र को भी व्यापक किया जाएगा।

नियुक्त होने वाले लोग प्रदेश नेतृत्व को और भी प्रभावी तरीके से नीचे स्तर तक क्रियान्वित कर सकेंगे। क्षेत्र और प्रदेश के बीच संगठनात्मक समन्वय स्थापित करेंगे। नए नियुक्त हुए प्रदेश सह संगठन मंत्री सुनील बसंल के सहयोगी के रूप में काम करेंगे। क्षेत्र और प्रदेश के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। इसके अलावा प्रदेश का सबसे बड़ा क्षेत्र अवध खाली है। इसमें भी किसी प्रचारक की नियुक्ति जल्द होने के संकेत हैं । (आईएएनएस )

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अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश (IANS)

केबीसी यानि कोन बनेगा करोड़पति भारतीय टेलिविज़न का एक लोकप्रिय धारावाहिक है । यहा पर अक्सर ही कई सेलिब्रिटीज आते रहते है । इसी बीच केबीसी के मंच पर भारत की हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश पहुंचे । केबीसी 13' पर मेजबान अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत करते हुए, भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीतने को लेकर बात की। श्रीजेश ने साझा किया कि "हम इस पदक के लिए 41 साल से इंतजार कर रहे थे। साथ उन्होंने ये भी कहा की वो व्यक्तिगत रूप से, मैं 21 साल से हॉकी खेल रहे है। आगे श्रीजेश बोले मैंने साल 2000 में हॉकी खेलना शुरू किया था और तब से, मैं यह सुनकर बड़ा हुआ हूं कि हॉकी में बड़ा मुकाम हासिल किया, हॉकी में 8 गोल्ड मेडल मिले। इसलिए, हमने खेल के पीछे के इतिहास के कारण खेलना शुरू किया था। उसके बाद हॉकी एस्ट्रो टर्फ पर खेली गई, खेल बदल दिया गया और फिर हमारा पतन शुरू हो गया।"

जब अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ के बारे में अधिक पूछा, तो उन्होंने खुल के बताया।"इस पर अमिताभ बच्चन ने एस्ट्रो टर्फ पर खेलते समय कठिनाई के स्तर को समझने की कोशिश की। इसे समझाते हुए श्रीजेश कहते हैं कि "हां, बहुत कुछ, क्योंकि एस्ट्रो टर्फ एक कृत्रिम घास है जिसमें हम पानी डालते हैं और खेलते हैं। प्राकृतिक घास पर खेलना खेल शैली से बिल्कुल अलग है। "

इस घास के बारे में आगे कहते हुए श्रीजेश ने यह भी कहा कि "पहले सभी खिलाड़ी केवल घास के मैदान पर खेलते थे, उस पर प्रशिक्षण लेते थे और यहां तक कि घास के मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेलते थे। आजकल यह हो गया है कि बच्चे घास के मैदान पर खेलना शुरू करते हैं और बाद में एस्ट्रो टर्फ पर हॉकी खेलनी पड़ती है। जिसके कारण बहुत समय लगता है। यहा पर एस्ट्रो टर्फ पर खेलने के लिए एक अलग तरह का प्रशिक्षण होता है, साथ ही इस्तेमाल की जाने वाली हॉकी स्टिक भी अलग होती है।" सब कुछ बदल जाता है ।

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कोहली ने आज ट्विटर के जरिए एक बयान में इसकी घोषणा की। (IANS)

वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे बड़े खिलाड़ी और कप्तान विराट कोहली ने गुरूवार को घोषणा की कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ेंगे। उनका ये एलान करोड़ो दिलो को धक्का देने वाला था क्योंकि कोहली को हर कोई कप्तान के रूप में देखना चाहता है । कई दिनों से चल रहे संशय पर विराम लगाते हुए कोहली ने आज ट्विटर के जरिए एक बयान में इसकी घोषणा की। कोहली ने बताया कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 के कप्तानी पद को छोड़ देंगे।

ट्वीट के जरिए उन्होंने इस यात्रा के दौरान उनका साथ देने के लिए सभी का धन्यवाद दिया। कोहली ने बताया कि उन्होंने यह फैसला अपने वर्कलोड को मैनेज करने के लिए लिया है। उनका वर्कलोड बढ़ गया था ।

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मंगल ग्रह की सतह (Wikimedia Commons)

मंगल ग्रह पर घर बनाने का सपना हकीकत में बदल सकता हैं। वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष यात्रियों के खून, पसीने और आँसुओ की मदद से कंक्रीट जैसी सामग्री बनाई है, जिसकी वजह से यह संभव हो सकता है। मंगल ग्रह पर छोटी सी निर्माण सामग्री लेकर जाना भी काफी महंगा साबित हो सकता है। इसलिए उन संसाधनों का उपयोग करना होगा जो कि साइट पर प्राप्त कर सकते हैं।

मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के अध्ययन में यह पता लगा है कि मानव रक्त से एक प्रोटीन, मूत्र, पसीने या आँसू से एक यौगिक के साथ संयुक्त, नकली चंद्रमा या मंगल की मिट्टी को एक साथ चिपका सकता है ताकि साधारण कंक्रीट की तुलना में मजबूत सामग्री का उत्पादन किया जा सके, जो अतिरिक्त-स्थलीय वातावरण में निर्माण कार्य के लिए पूरी तरह से अनुकूल हो।

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