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देश

भाजपा नेता ने देश में कालाधन के खिलाफ पीआईएल किया दाखिल

अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि अभी तक देश में मौजूद कानून यह नहीं बताते कि भ्रष्टाचार के आरोपी की कितनी संपत्ति जब्त की जा सकती है।

अश्विनी उपाध्याय। (Ashwini Upadhyay, Twitter)

जनहित याचिकाएं दायर करने के लिए चर्चित भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने एक और पीआईएल दाखिल कर देश में कालाधन, बेनामी संपत्ति और आय से अधिक कमाई के मामले में सौ प्रतिशत संपत्तियों को जब्त करने की मांग उठाई है। भाजपा नेता ने कहा है कि देश में भ्रष्टाचार रोकने के लिए बने कानूनों के प्रावधान नाकाफी हैं। यही वजह है कि कालाधन और बेनामी संपत्तियों की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।

अश्विनी उपाध्याय ने कहा है कि कमजोर कानूनों के कारण भारत करप्शन परसेप्शन इंडेक्स में टॉप 50 देशों में कभी स्थान नहीं बना पाया। ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल ने भारत को 80 वें स्थान पर रखा है। अश्विनी उपाध्याय ने आईएएनएस से कहा कि, “अगर जनहित याचिका में दाखिल सुझावों पर अमल हो तो केंद्र और राज्य सरकारें हर साल जनता के सात लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का सदुपयोग कर सकती हैं।”


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अश्विनी उपाध्याय ने कहा, “केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों का सालाना करीब 70 लाख करोड़ रुपये का बजट है। करप्शन, घूसखोरी के कारण कुल बजट का दस प्रतिशत यानी सात लाख करोड़ कालाधन बन जाता है। सरकार सौ रुपये से अधिक के नोटों को बंद करे, पांच हजार से अधिक की नकद निकासी पर रोक लगाए और 50 हजार से अधिक की संपत्ति को आधार से जोड़ने की पहल करे तो कालाधन की समस्या खत्म होगी।”

अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि अभी तक देश में मौजूद कानून यह नहीं बताते कि भ्रष्टाचार के आरोपी की कितनी संपत्ति जब्त की जा सकती है। ऐसे में बेनामी संपत्तियों, कालाधन और आय से अधिक कमाई के मामले में संलिप्त लोगों की सौ प्रतिशत संपत्तियों को जब्त करने का कानून बनाया जाना जरूरी है। भाजपा नेता ने सुप्रीम कोर्ट से इस दिशा में सरकार को उचित निर्देश देने की मांग की है। (आईएएनएस)

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रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है। (Pixabay)

एप्पल (Apple) कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस, एक आईफोन, एयरपोड्स और वॉच को पावर दे सकता है।

मैकरियूमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'पावर ऑन' न्यूजलेटर के लेटेस्ट एडीशन में मार्क गुरमन ने कंपनी की भविष्य की वायरलेस चाजिर्ंग तकनीक के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी का खुलासा किया।

उन्होंने लिखा, "मेरा यह भी मानना है कि एप्पल (Apple) छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है और यह एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां एप्पल के सभी प्रमुख उपकरण एक-दूसरे को चार्ज कर सकते हैं। कल्पना कीजिए कि एक आईपैड एक आईफोन चार्ज कर रहा है और फिर वह आईफोन एयरपोड्स या एक एप्पल घड़ी चार्ज कर रहा है।"

apple , wireless charger, Iphone, iPod Chargers एप्पल कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस को पावर दे सकता है। [Wikimedia Commons]

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झारखंड के नोआमुंडी में खदान की कमान महिलाओं के हाथ में सौंपेगी टाटा स्टील कंपनी। [Wikimedia Commons]

टाटा स्टील (Tata Steel) कंपनी झारखंड में लौह अयस्क की एक खदान की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथ में होगी। फावड़ा से लेकर ड्रिलिंग तक और डंपर चलाने से लेकर डोजर-शॉवेल जैसी हेवी मशीनों का संचालन कुशल महिला कामगारों के द्वारा किया जाएगा। नये साल यानी 2022 में पश्चिम सिंहभूम जिले की नोआमुंडी आयरन ओर माइन्स को पूरी तरह महिलाओं के हाथ में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। ऐसा प्रयोग देश में पहली बार हो रहा है।

टाटा स्टील (Tata Steel) के आयरन ओर एंड क्वेरीज डिविजन के महाप्रबंधक ए. के. भटनागर ने पत्रकारों को बताया कि नोआमुंडी स्थित कंपनी की आयरन ओर माइन्स में सभी शिफ्टों के लिए 30 सदस्यों वाली महिलाओं की टीम की तैनाती की जा रही है। खदान को स्वतंत्र रूप से महिलाओं के हाथों संचालित करने का यह टास्क कंपनी ने महिला सशक्तीकरण की परियोजना तेजस्विनी-2.0 के तहत लिया था और अब इसे सफलतापूर्वक लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

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इस साल देश में हिरासत में कुल 151 मौतें हुई हैं। (सांकेतिक चित्र, File Photo )

इस साल देश में हिरासत(police custody)में कुल 151 मौतें हुई हैं। केंद्र ने लोकसभा(Loksabha) में मंगलवार को यह जानकारी दी। बीजेपी सांसद वरुण गांधी के सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय(Nityanand Rai)ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के मुताबिक 15 नवंबर तक पुलिस हिरासत में मौत के 151 मामले दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत(police custody) में सबसे अधिक (26) मौतें हुईं हैं, उसके बाद गुजरात (21) और बिहार (18) का स्थान रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में 11-11 लोगों की मौत की खबर है।

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