Never miss a story

Get subscribed to our newsletter


×
देश

भाजपा ईसाई, मुस्लिम धर्म में धर्मान्तरित दलितों के आरक्षण के पक्ष में नहीं : सुशील मोदी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने शुक्रवार को यहां कहा कि भाजपा मुस्लिम और ईसाई धर्म को अपनाने वाले दलितों के लिए किसी भी कीमत पर आरक्षण के पक्ष में नहीं है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने शुक्रवार को यहां कहा कि भाजपा मुस्लिम और ईसाई धर्म को अपनाने वाले दलितों के लिए किसी भी कीमत पर आरक्षण के पक्ष में नहीं है। भाजपा महादलित प्रकोष्ठ की ओर से प्रदेश कार्यालय के अटल सभागार में आयोजित संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 644 वीं जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस, राजद जैसे कुछ विपक्षी दल साजिशन ईसाई व मुस्लिम धर्म में धर्मान्तरित दलितों के लिए भी आरक्षण की मांग करते हैं।

उन्होंने कहा, “संविधान में हिन्दू, सिख व बौद्ध धर्मावलम्बी दलितों के लिए ही आरक्षण का प्रावधान है, ऐसे में भाजपा मुस्लिम व ईसाई धर्म को अपनाने वाले दलितों के लिए किसी भी कीमत पर आरक्षण के पक्ष में नहीं है।”


मोदी ने कहा, “भाजपा एसएसी, एसटी की नौकरियों के आरक्षण में क्रीमी  लेयर के पक्ष में नहीं है, इसलिए नरेन्द्र मोदी की सरकार ने न केवल इसका पुरजोर विरोध किया है, बल्कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में 7 न्यायाधीशों की बेंच में भेजने की मांग की है।”
 

यह भी पढ़ें: क्या राजनीति सच में मैली है या इसे राजनेताओं ने मैला कर दिया है?

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार जब सुप्रीम कोर्ट ने एससी, एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के कुछ प्रावधानों को हटाया तो सरकार ने संविधान में संशोधन कर न केवल उसे पुनस्र्थापित किया बल्कि 23 नई धाराओं को जोड़ कर उसे और भी कठोर बनाया।

मोदी ने कहा कि बिहार में राजग की सरकार ने पंचायत चुनाव में एकल पदों पर 16 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया, जबकि 15 साल तक बिहार में चली राजद की सरकार ने एकल पदों पर आरक्षण दिए बिना पंचायत का चुनाव करा लिया था।

उन्होंने कहा कि, “राजग की सरकार आने के बाद राज्य में न एक नरसंहार हुआ, न एक भी दलित नरसंहार में मारा गया जबकि राजद की सरकार के दौरान हुए छह नरसंहारों में 165 दलित मारे गए थे।”
(AK आईएएनएस ) 

Popular

रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है। (Pixabay)

एप्पल (Apple) कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस, एक आईफोन, एयरपोड्स और वॉच को पावर दे सकता है।

मैकरियूमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 'पावर ऑन' न्यूजलेटर के लेटेस्ट एडीशन में मार्क गुरमन ने कंपनी की भविष्य की वायरलेस चाजिर्ंग तकनीक के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी का खुलासा किया।

उन्होंने लिखा, "मेरा यह भी मानना है कि एप्पल (Apple) छोटी और लंबी दूरी के वायरलेस चाजिर्ंग उपकरणों पर काम कर रहा है और यह एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां एप्पल के सभी प्रमुख उपकरण एक-दूसरे को चार्ज कर सकते हैं। कल्पना कीजिए कि एक आईपैड एक आईफोन चार्ज कर रहा है और फिर वह आईफोन एयरपोड्स या एक एप्पल घड़ी चार्ज कर रहा है।"

apple , wireless charger, Iphone, iPod Chargers एप्पल कथित तौर पर एक ऐसे चार्जर पर काम कर रहा है जो एक साथ कई डिवाइस को पावर दे सकता है। [Wikimedia Commons]

Keep Reading Show less

झारखंड के नोआमुंडी में खदान की कमान महिलाओं के हाथ में सौंपेगी टाटा स्टील कंपनी। [Wikimedia Commons]

टाटा स्टील (Tata Steel) कंपनी झारखंड में लौह अयस्क की एक खदान की कमान पूरी तरह महिलाओं के हाथ में होगी। फावड़ा से लेकर ड्रिलिंग तक और डंपर चलाने से लेकर डोजर-शॉवेल जैसी हेवी मशीनों का संचालन कुशल महिला कामगारों के द्वारा किया जाएगा। नये साल यानी 2022 में पश्चिम सिंहभूम जिले की नोआमुंडी आयरन ओर माइन्स को पूरी तरह महिलाओं के हाथ में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। ऐसा प्रयोग देश में पहली बार हो रहा है।

टाटा स्टील (Tata Steel) के आयरन ओर एंड क्वेरीज डिविजन के महाप्रबंधक ए. के. भटनागर ने पत्रकारों को बताया कि नोआमुंडी स्थित कंपनी की आयरन ओर माइन्स में सभी शिफ्टों के लिए 30 सदस्यों वाली महिलाओं की टीम की तैनाती की जा रही है। खदान को स्वतंत्र रूप से महिलाओं के हाथों संचालित करने का यह टास्क कंपनी ने महिला सशक्तीकरण की परियोजना तेजस्विनी-2.0 के तहत लिया था और अब इसे सफलतापूर्वक लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

Keep Reading Show less

इस साल देश में हिरासत में कुल 151 मौतें हुई हैं। (सांकेतिक चित्र, File Photo )

इस साल देश में हिरासत(police custody)में कुल 151 मौतें हुई हैं। केंद्र ने लोकसभा(Loksabha) में मंगलवार को यह जानकारी दी। बीजेपी सांसद वरुण गांधी के सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय(Nityanand Rai)ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के मुताबिक 15 नवंबर तक पुलिस हिरासत में मौत के 151 मामले दर्ज किए गए हैं।

महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत(police custody) में सबसे अधिक (26) मौतें हुईं हैं, उसके बाद गुजरात (21) और बिहार (18) का स्थान रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में 11-11 लोगों की मौत की खबर है।

Keep reading... Show less