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मनोरंजन

सुशांत की बहन प्रियंका पर लगाया गया नशे में छेड़छाड़ का आरोप

रिया चक्रवर्ती के वकील का कहना है कि प्रियंका ने नशे में धुत होकर रिया के साथ छेड़खानी की थी।

सुशांत सिंह राजपूत(Image- Sushant Singh Rajput, Twitter)

रिया चक्रवर्ती की कानूनी टीम ने अभिनेत्री द्वारा सुशांत सिंह राजपूत की बहन प्रियंका पर लगाए गए आरोप पर विस्तार से बात की है। टीम में शामिल एक वकील का कहना है कि प्रियंका ने नशे में धुत होकर रिया के साथ छेड़खानी की थी, जिससे बाद भाई-बहन के रिश्ते में दरार आ गई थी। रिया के वकील सतीश मणेशिंदे ने अपने एक हालिया बयान में पूरी घटना का जिक्र किया है।

उन्होंने कहा, “अपने रिश्ते के शुरुआती कुछ महीने के दौरान जब रिया सुशांत के घर गई थीं, उस वक्त अभिनेता की बहन प्रियंका और उनके पति सिद्धार्थ उन्हीं के साथ रहते थे।


अप्रैल, 2019 के आसपास एक रात रिया और प्रियंका दोनों एक पार्टी में गई हुई थीं। प्रियंका ने काफी ज्यादा शराब पी ली थी, जिसके चलते वह पार्टी में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं संग भी अजीब हरकतें करने लगी थीं। रिया प्रियंका को जैसे-तैसे सुशांत के घर ले आईं। घर लौटने के बाद सुशांत और उनकी बहन ने शराब पीना जारी रखा, जबकि रिया सो गईं, क्योंकि अगले दिन उन्हें शूटिंग पर जाना था।”

रिया चक्रवर्ती व सुशांत सिंह राजपूत(Image: Rhea Chakraborty, Instagram)

उन्होंने आगे कहा, “रिया सुशांत के कमरे में सो रही थीं। जब अचानक उनकी आंख खुली तो उन्होंने प्रियंका को अपने साथ बिस्तर में पाया जो जबरदस्ती उन्हें छूने की कोशिश कर रही थीं। रिया इस बात से बेहद हैरान हो गईं और उन्होंने प्रियंका को कमरे से तुरंत निकल जाने को कहा। इसके बाद रिया खुद ही घर से निकल गईं। रिया ने इस बारे में सुशांत को बताया और इस बात को लेकर सुशांत और उनकी बहन के बीच बहस भी हुई। इस वाकये के चलते सुशांत और रिया के परिवार के बीच संबंध शुरू से ही तनावपूर्ण रहे थे।

यह भी पढ़ें: सुशांत केस में डिप्रेशन को मुद्दा बनाकर, केस भटकाना चाहता है एक शीर्ष निर्देशक- राबिया

सुशांत के निधन के बाद भी जब अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले बीस लोगों की सूची बनाई गई थी, तो रिया का नाम उसमें शामिल नहीं किया गया था और इसी के साथ उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने से भी बाहर रखा गया था।”(IANS)

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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने स्लीपर सेल्स के ज़रिये दिल्ली में लगवाई आईईडी- रिपोर्ट (Wikimedia Commons)

एक सूत्र ने कहा कि आरडीएक्स-आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), जो 14 जनवरी को पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर फूल बाजार में पाया गया था और उसमें "एबीसीडी स्विच" और एक प्रोग्राम करने योग्य टाइमर डिवाइस होने का संदेह था।

कश्मीर और अफगानिस्तान में सक्रिय जिहादी आतंकवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाने वाले इन स्विच का पाकिस्तान(Pakistan) सबसे बड़ा निर्माता है। सूत्र ने कहा कि इन फोर-वे स्विच और टाइमर का उपयोग करके विस्फोट का समय कुछ मिनटों से लेकर छह महीने तक के लिए सेट किया जा सकता है।

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राष्ट्रपति भवन (Wikimedia Commons)

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम(South Delhi Municipal Corporation) में भाजपा के मुनिरका वार्ड से पार्षद भगत सिंह टोकस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द(Ramnath Kovind) को एक पत्र लिखकर राष्ट्रपति भवन(Rashtrapati Bhavan) में स्थित मुगल गार्डन का नाम बदल कर पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन डाक्टर अब्दुल कलाम वाटिका(Abdul Kalam Vatika) के नाम पर रखने की मांग की है। निगम पार्षद भगत सिंह टोकस ने राष्ट्रपति को भेजे अपने पत्र में लिखा है, मुगल काल में मुगलों द्वारा पूरे भारत में जिस प्रकार से आक्रमण किए गए और देश को लूटा था। वहीं देशभर में मुगल आक्रांताओं के नाम से लोगों में रोष हैं। जिन्होंने भारत की संस्कृति को खत्म करने का प्रयास किया उनको प्रचारित न किया जाए।

rastrapati bhavan, mughal garden राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डन (Wikimedia Commons)

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शोधकर्ताओं ने कोविड के खिलाफ लड़ने में कारगर हिमालयी पौधे की खोज। ( Pixabay )

कोविड के खिलाफ नियमित टीकाकरण के अलावा दुनिया भर में अन्य प्रकार की दवाईयों पर अनेक संस्थायें रिसर्च कर रही हैं जो मानव शरीर पर इस विषाणु के आक्रमण को रोक सकती है। इसी क्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ताओं को एक बड़ी सफलता मिली है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ताओं ने एक हिमालयी पौधे की पंखुड़ियों में फाइटोकेमिकल्स की खोज की है जो कोविड संक्रमण के इलाज में करगर साबित हो सकती है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी में स्कूल ऑफ बेसिक साइंस के बायोएक्स सेंटर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्याम कुमार मसाकापल्ली के तर्ज पर एक वक्तव्य में कहा की, अलग अलग तरह के चिकित्सीय एजेंटों में पौधों से प्राप्त रसायनों फाइटोकेमिकल्स को उनकी क्रियात्मक गतिविधि और कम विषाक्तता के कारण विशेष रूप से आशाजनक माना जाता है। टीम ने हिमालयी बुरांश पौधे की पंखुड़ियों में इन रसायनों का पता लगया है। पौधे का वैज्ञानिक नाम रोडोडेंड्रोन अर्बोरियम है जिसे वहाँ के स्थानीय लोग अलग अलग तरह की बीमारियों में इसका इस्तेमाल करते हैं।

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