गलत सूचना फैलाने वाले 22 यूट्यूब चैनलों को किया गया ब्लॉक

गलत सूचना फैलाने वाले 22 यूट्यूब चैनलों को किया गया ब्लॉक
गलत सूचना फैलाने वाले 22 यूट्यूब चैनलों को किया गया ब्लॉक। (Wikimedia Commons)

पिछले साल फरवरी में आईटी नियम(IT Rules), 2021 की अधिसूचना के बाद से भारतीय यूट्यूब(YouTube) आधारित समाचार प्रकाशकों पर यह पहली बार कार्रवाई की गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय(Ministry of Information and Broadcasting) ने मंगलवार को देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित गलत सूचना फैलाने के लिए 18 भारतीय चैनल सहित कुल 22 यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक कर दिया है। इसके अलावा मंत्रालय ने तीन ट्विटर अकाउंट, एक फेiसबुक अकाउंट और एक न्यूज वेबसाइट को भी ब्लॉक कर दिया है।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय(Ministry of Information and Broadcasting) ने एक बयान में कहा, "सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आईटी नियमावली, 2021 के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 4 अप्रैल 2022 को 22 यूट्यूब आधारित समाचार चैनलों, तीन ट्विटर अकाउंट, एक फेसबुक अकाउंट और एक न्यूज वेबसाइट को ब्लॉक करने के आदेश जारी किए हैं।"

मंत्रालय(Ministry of Information and Broadcasting) ने कहा, "ब्लॉक किए गए यूट्यूब चैनलों के दर्शकों की कुल संख्या 260 करोड़ से अधिक थी। इनका राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत के विदेशी संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था के द्राष्टिकोण से संवेदनशील विषयों पर फर्जी समाचार, और सोशल मीडिया पर सुनियोजित दुष्प्रचार फैलाने के लिए उनका दुरुपयोग किया जा रहा था।"

ब्लॉक किए जाने के आदेश के अनुसरण में, 18 भारतीय और चार पाकिस्तान स्थित यूट्यूब समाचार चैनलों को ब्लॉक कर दिया गया है। सामग्री के विश्लेषण से पता चला है कि भारतीय सशस्त्र बलों, जम्मू-कश्मीर, आदि जैसे विभिन्न विषयों पर फर्जी समाचार पोस्ट करने के लिए कई यूट्यूब(YouTube) चैनलों का उपयोग किया जा रहा था। जिन विषय-सामग्री को ब्लॉक करने का आदेश दिया गया है उनमें कुछ भारत विरोधी विषय-सामग्री भी शामिल थी, जो एक सुनियोजित तरीके से पाकिस्तान से संचालित कई सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट की गई थी।

मंत्रालय(Ministry of Information and Broadcasting) ने दावा किया कि यह देखा गया कि इन भारतीय यूट्यूब आधारित चैनलों द्वारा यूक्रेन की मौजूदा स्थिति से संबंधित और अन्य देशों के साथ भारत के विदेशी संबंधों को खराब करने के इरादे से अत्यधिक मात्रा में फर्जी विषय-सामग्री प्रकाशित की जा रही थी। मंत्रालयने कहा, "ब्लॉक किए गए भारतीय यूट्यूब चैनल कुछ टीवी समाचार चैनलों के टेम्प्लेट और लोगो का उपयोग कर रहे थे, जिसमें उनके समाचार एंकरों की तस्वीरें भी शामिल थीं, ताकि दर्शकों को यह विश्वास दिलाया जा सके कि समाचार प्रामाणिक है।"

मंत्रालय ने बताया कि सोशल मीडिया(Social Media) पर सामग्री को वायरल करने के लिए झूठे थंबनेल का इस्तेमाल किया गया और वीडियो के शीर्षक एवं थंबनेल को अक्सर बदल दिया जाता था। कुछ मामलों में, यह भी पाया गया कि सुनियोजित तरीके से भारत विरोधी फर्जी खबरें पाकिस्तान से आ रही थीं। बयान में आगे कहा गया है, "इस कार्रवाई के साथ दिसंबर 2021 से, मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत की संप्रभुता और अखंडता, सार्वजनिक व्यवस्था आदि से संबंधित आधार पर 78 यूट्यूब आधारित समाचार चैनलों और कई अन्य सोशल मीडिया अकाउंट को अवरुद्ध करने के निर्देश जारी किए हैं।"

इसके अलावा मंत्रालय(Ministry of Information and Broadcasting) ने कहा, "भारत सरकार एक प्रामाणिक, भरोसेमंद और सुरक्षित ऑनलाइन समाचार मीडिया का वातावरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ भारत की संप्रभुता और अखंडता, राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए प्रतिबद्ध है।"

Input : आईएएनएस ; Edited by Lakshya Gupta

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