13 हजार किलो का भार उठाने वाले हेलीकॉप्टर में सवार थे बिपिन रावत फिर भी हो गया क्रैश

13 हजार किलो का भार उठाने वाले हेलीकॉप्टर में सवार थे बिपिन रावत फिर भी हो गया क्रैश
एमआई-17वी-5 हेलीकॉप्टर में सवार थे जनरल बिपिन रावत (Twitter)

भारत के पहले चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ(Chief Of Defence Staff) जनरल बिपिन लक्ष्मण सिंह रावत (Bipin Laxman Singh Rawat) का आज तमिलनाडु के कुन्नूर(Kunnur) में एक एमआई-17(Mi-17) हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने कारण निधन हो गया। एमआई-17 हेलिकॉप्टर में जनरल रावत के अलावा 13 लोग और सवार थे जिनमे से 11 की मृत्यु हो चुकी है जबकि एक का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मरने वालों में जनरल रावत की पत्नी मधुलिका रावत भी शामिल हैं।

एमआई-17वी-5(Mi-17V-5) मीडियम लिफ्टर विमान दुनिया के सबसे एडवांस एयरलिफ्ट विमानों माना जाता है। यह(Mi-17V-5) विमान कई आधुनिक हथियारो से लैस होता है। इस हेलीकॉप्टर(Mi-17V-5) की खासियत होती है कि यह 13000 किलो का भार लेकर आसानी से हवा में उड़ सकता है इसी वजह से एमआई-17वी-5 मीडियम लिफ्टर विमान दुनिया के सबसे एडवांस एयरलिफ्ट विमानों में शुमार है।

एमआई-17वी-5(Mi-17V-5) जो विभिन्न स्थितियों जैसे उष्णकटिबंधीय और समुद्री जलवायु और रेगिस्तान में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह विमान नाइट विजन, ऑन बोर्ड वेदर रडार, ऑटोपायलट सिस्टम से लैस है। इन हेलिकॉप्टर्स(Mi-17V-5) का निर्माण कजान हेलिकॉप्टर्स ने किया है, जो रूस(Russia) के कजान में रशियन हेलिकॉप्टर्स की एक सहयोगी है। इन हेलिकॉप्टर्स का इस्तेमाल ट्रूप्स, आर्म्स ट्रांसपोर्ट, फायर सपोर्ट, कॉन्वॉय सपोर्ट, पेट्रोल व सर्च एंड रेस्क्यू के लिए किया जाता है।

एमआई-17वी-5(Mi-17V-5) हेलीकॉप्टर(helicopters)में शुटरम-वी(Shturm-V) मिसाइल, एस-8 रॉकेट्स, 23एमएम मशीन गन, पीकेटी मशीन गन, एकेएम सब-मशीन गन भी लगाई जा सकती हैं। इसमें गनर के लिए मशीन गन पोजिशन भी है। आपको बता दें इस हेलीकॉप्टर(Mi-17V-5) का इस्तेमाल सेना के कई महत्वपूर्ण अभियानों में किया है। जैसे 26/11 में भी कमांडो ऑपरेशन में इसका इस्तेमाल हुआ था। इसके अलावा 2016 में जम्मू-कश्मीर में सीमा पर पाकिस्तानी लॉन्च पैड को तबाह करने के लिए भी इसकी जरूरत पड़ी थी। फिलहाल भारत(India)के पास 150 से ज्यादा एमआई 17 वी5(Mi-17V-5) हेलिकॉप्टर्स हैं।

आपको बता दें, एमआई(Mi) सीरीज के हेलिकॉप्टर्स(helicopters) से हादसे का यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी कई हादसे सामने आ चुके हैं। लेकिन माना जाता है कि अन्य कार्गो विमानों की तुलना में इस हेलिकॉप्टर(helicopters)का रिकॉर्ड बेहतर है। वैसे अगर बात CDS रावत के हेलिकॉप्टर(Mi-17V-5) क्रैश की करे तो असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि खराब मौसम की वजह से हेलिकॉप्टर(Mi-17V-5) क्रैश हो गय। जिस जगह हादसा हुआ है, वह इलाका काफी घना भी बताया जा रहा है।

Input : Various source ; Edited by Lakshya Gupta

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