बुंदेलखंड को सूखा से राहत की आस
बुंदेलखंड मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में है (wikimedia commons)

बुंदेलखंड को सूखा से राहत की आस

 बुंदेलखंड वह इलाका है जो सूखे के लिए पहचाना जाता है, अच्छी बारिश की हर साल आस होती है, मगर वह अधूरी रह जाती है, इस बार अब तक बारिश ने बड़े हिस्से को न केवल तर-बतर किया है बल्कि यह उम्मीद जगा दी है कि इस साल बीते सालों जैसा सूखा नहीं होगा। बुंदेलखंड मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सात-सात जिलों कुल मिलाकर 14 जिलों में फैला हुआ है। यहां हम बात मध्य प्रदेश के सात जिलों सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी और दतिया की कर रहे हैं। अब तक बारिश के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वह इस बात की गवाही दे रहे हैं कि अधिकांश हिस्सों में बीते सालों के मुकाबले अच्छी बारिश हुई है।

यह देश का वह इलाका है जहां हर साल मई-जून आते-आते जल स्त्रोत सूखकर मैदान में बदलने लगते हैं। यही कारण है कि इस इलाके में गर्मी के मौसम में जहां पानी का कोरोबार जोरों पर चलता है वहीं पानी के अभाव के कारण खेती ठीक तरह से नहीं हो पाती, खेती के कामगारों को काम नहीं मिलता, परिणामस्वरुप बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में पलायन को मजबूर होते हैं।

इस इलाके में इस बार बीते साल के मुकाबले बेहतर बारिश हुई है। आंकड़े बताते हैं कि सागर जिले में इस सीजन में अब तक 469 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इसी अवधि में बीते साल 348 मिली मीटर बारिश हुई थी। वहीं छतरपुर जिले में अब तक 457 मिली मीटर बारिश हुई है, बीते साल की स्थिति पर गौर करें तो इसी अवधि में 281 मिली मीटर बारिश हुई थी।

बुंदेलखंड के कई हिस्सों में बीते एक सप्ताह से बादल छाने और बारिश होने का दौर जारी है। दमोह में 316 मिली मीटर बारिश हुई है, जो पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है। बीते साल इसी अवधि में 297 मिली मीटर बारिश हुई थी। टीकमगढ़ जिले में अब तक 290 मिली मीटर बारिश हुई है। पन्ना की बारिश की स्थिति पर गौर करें तो पता चलता है कि वहां बीते साल के मुकाबले इस बार बारिश कम हुई है। अब तक यहां 393 मिली मीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि बीते साल इसी अवधि में 461 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई थी। इसी तरह दतिया जिले में 262 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा निवाड़ी में 351 मिली मीटर बारिश हुई है।

अब तक के रिकार्ड बताते हैं कि बुंदेलखंड में बारिश की स्थिति अच्छी है, तालाबों से लेकर नदी और पोखर तक पानी से भर चला है। बारिश का ही नतीजा है कि इस इलाके में हरियाली छाई हुई है। इस बारिश ने जहां आम लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने का काम किया है तो उन लोगों में मायूसी जरुर है जो पानी के संरक्षण और संवर्धन के नाम पर अभियान चलाते हैं।

–(आईएएनएस-PS)

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