नहीं रहे सीडीएस जनरल बिपिन रावत

नहीं रहे सीडीएस जनरल बिपिन रावत
भारत के प्रथम सीडीएस जनरल बिपन रावत का हेलीकाप्टर दुर्घटना में आज निधन हो गया। (NewsGram Hindi)

भारत के पहले चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ(Chief Of Defence Staff) जनरल बिपिन लक्ष्मण सिंह रावत (Bipin Laxman Singh Rawat) का आज तमिलनाडु के कुन्नूर(Kunnur) में एक हेलीकाप्टर दुर्घटना हादसे में निधन हो गया। हेलीकाप्टर में जनरल रावत के अलावा 13 लोग और सवार थे जिनमे से 11 की मृत्यु हो चुकी है जबकि एक का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मरने वालों में जनरल रावत की पत्नी मधुलिका रावत भी शामिल हैं।

भारतीय वायुसेना(Indian Airforce) ने एक विस्तृत ट्वीट में जानकारी देते हुए कहा, "गहरे अफसोस के साथ, अब यह पता चला है कि दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में जनरल बिपिन रावत, श्रीमती मधुलिका रावत और उसमें सवार 11 अन्य लोगों की मौत हो गई है।"

जनरल रावत के निधन के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई सदस्यों और कई राजनेताओं ने दुख जताया है।

IAF ने दोपहर 2 बजे से थोड़ा पहले पुष्टि की थी कि जनरल रावत के साथ एक Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर तमिलनाडु के कुन्नूर के पास एक दुर्घटना का शिकार हो गया था।

भारतीय वायुसेना ने दो बजे से थोड़ा पहले पुष्टि की थी की कुन्नूर में जनरल बिपिन रावत का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। (IANS)

हेलीकॉप्टर सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर कोयंबटूर में सुलूर में वायु सेना बेस से नीलगिरी हिल्स में वेलिंगटन के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जनरल फैकल्टी और छात्रों को संबोधित करने के लिए वेलिंगटन में डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज जा रहे थे। वायुसेना ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

घटना के बाद आए वीडियो में देखा जा सकता था कि भाप से भरा मलबा पहाड़ी पर बिखरा हुआ है और बचावकर्मी धुएं और आग से शवों का पता लगाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। क्षतिग्रस्त धातु और गिरे हुए पेड़ों के नीचे से जले हुए शवों को बाहर निकाला गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से जानकारी ली, उन्होंने अपने आवास पर सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक बुलाई। रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने आधिकारिक घोषणा से बहुत पहले दिल्ली में जनरल रावत के घर का दौरा किया।

63 वर्षीय जनरल रावत ने जनवरी 2019 में भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में कार्यभार संभाला। यह पद तीन सेवाओं – थल सेना, नौसेना और वायु सेना को एकीकृत करने के लिए बनाया गया था। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी का स्थायी अध्यक्ष होता है और उसे राजनीतिक नेतृत्व को निष्पक्ष सलाह देने के अलावा रक्षा मंत्री का मुख्य सैन्य सलाहकार होना चाहिए।

Input-Various Source; Edited By- Saksham Nagar

न्यूज़ग्राम के साथ Facebook, Twitter और Instagram पर भी जुड़ें

Related Stories

No stories found.
hindi.newsgram.com